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जिस RG Kar अस्पताल में रेप के बाद डॉक्टर की हुई हत्या, उसमें कितने राज दफन? ममता सरकार ने SIT का किया गठन, BJP बोली- ये संदीप घोष को बचाने की चाल

बंगाल भाजपा के सह प्रभारी अमित मालवीय ने कहा- "अब, पश्चिम बंगाल सरकार ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के बदनाम प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष द्वारा वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जाँच के लिए एक एसआईटी का गठन किया है।"

पश्चिम बंगाल के आर जी कर अस्पताल महिला डॉक्टर की रेप और हत्या के बाद अब वित्तीय गड़बड़ी से जुड़े मामले में सुर्खियों में है। पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के खिलाफ मिली शिकायतों के बाद ममता सरकार ने निर्णय लिया है कि वो अस्पताल में साल 2021 से लेकर अब तक हुई वित्तीय अनियमतताओं की जाँच कराएँगे। इस क्रम में उन्होंने एक विशेष जाँच दल गठित करने का ऐलान किया, जिसके बाद बीच भाजपा नेता अमित मालवीय ने सवाल उठाए कि पुलिस कब से वित्तीय गड़बड़ की जाँच करने लगी। उन्होंने अंदेशा जताया कि संभव है ये सब सिर्फ बचाने के लिए किया जा रहा हो।

आधिकारिक बयान के अनुसार, बताया गया कि इस एसआईटी को प्रणव कुमार द्वारा हेड किया जाएगा जबकि मुर्शिदाबाद रेंज के डीआईजी वकार रजा, सीआईडी ​​के डीआईजी सोमा दास मित्रा और कोलकाता पुलिस की डीसीपी इंदिरा मुखर्जी इस एसआईटी का हिस्सा होंगे। पैनल को एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

इसी जानकारी के सामने आने के बाद बंगाल भाजपा के सह प्रभारी अमित मालवीय ने कहा है- “अब, पश्चिम बंगाल सरकार ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के बदनाम प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष द्वारा वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जाँच के लिए एक एसआईटी का गठन किया है। 4 आईपीएस अधिकारी एसआईटी का हिस्सा हैं। पुलिस अधिकारी वित्तीय अपराधों की जाँच कैसे कर सकती है।”

आगे वह लिखते हैं- “यह कुछ और नहीं बल्कि ममता बनर्जी की घोष को बचाने की चाल है। कोलकाता पुलिस संदीप घोष को समय रहते गिरफ्तार कर लेगी, ताकि सीबीआई उन्हें हिरासत में न ले सके… जब तक ममता बनर्जी इस्तीफा नहीं दे देती तब तक महिला डॉक्टर के रेप और मर्डर की निष्पक्ष जाँच हो ही नहीं सकती। उन्हें इस्तीफा देना ही देना चाहिए।”

गौरतलब है कि बंगाल सरकार द्वारा एसआईटी का गठन ऐसे समय में किया गया है जब आर जीकर मामले की जाँच के दौरान केंद्रीय जाँच ब्यूरो पिछले चार दिनों से अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष से पूछताछ कर रही है। इसी घटनाक्रम को देखते हुए माकपा के राज्यसभा सदस्य और वरिष्ठ अधिवक्ता विकास रंजन भट्टाचार्य ने दावा किया कि एसआईटी का गठन इसलिए किया गया है क्योंकि पिछले कुछ दिनों से पूछताछ के दौरान घोष ने सीबीआई के सामने कई राज उजागर किए होंगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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