Monday, April 22, 2024
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‘मैंने कभी नहीं लगाया रेप का आरोप’: पीड़िता ने चिन्मयानन्द के खिलाफ सारे आरोपों को नकारा, बयान से मुकरने का मामला दर्ज

पीड़िता ने कहा कि उसने कोई आरोप लगाया ही नहीं था। इसी मामले में चिन्मयानन्द के वकील ने एक अज्ञात नंबर से 5 करोड़ रुपए की रंगदारी माँगे जाने की शिकायत भी दर्ज कराई थी।

पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानन्द पर चल रहे रेप केस के मामले में अदालत में चल रही सुनवाई के दौरान नया मोड़ आया। एलएलबी की जिस छात्रा ने उन पर रेप के आरोप लगाए थे, उसने अब ये केस वापस ले लिया है। पीड़िता अब अपने पुराने बयान से भी मुकर गई है। आरोपों से मुकरने के बाद अभियोजन पक्ष ने पीड़िता को ‘पक्षद्रोही’ साबित करते हुए उसके खिलाफ सीआरपीसी की धारा 340 के तहत मुकदमा पंजीकृत करवाया है।

एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष जज पवन कुमार राय ने अभियोजन पक्ष की अर्जी को स्वीकार कर लिया है। साथ ही पीड़िता और उसके वकील को इस अर्जी को लेकर अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई के लिए गुरुवार (अक्टूबर 15, 2020) की तारीख तय की गई है। सरकारी वकील अभय त्रिपाठी ने कहा कि पीड़िता ने सितम्बर 5, 2019 को खुद इस मामले की FIR लोधी कॉलोनी थाने में दर्ज कराई थी

पीड़िता के पिता ने भी शाहजहाँपुर में एक FIR दर्ज कराई थी। बाद में दोनों ही FIR को आपस में मर्ज कर दिया गया था। इसके बाद इस मामले की जाँच के लिए SIT का गठन किया गया था, जिसने सीआरपीसी की धारा-161 के तहत मामले की जाँच शुरू की और मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज करवाया। इन दोनों बयानों में रेप की बात दोहराई गई थी। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया है कि पीड़िता ने 9 अक्टूबर को जानबूझ कर अपना बयान बदला।

वकील अभय त्रिपाठी का दावा है कि अदालत से बाहर ही आरोपित और पीड़िता का समझौता हो चुका है, जिसके बाद वो अपने बयान से पलट गई है। फ़रवरी 2020 में चिन्मयानन्द ने स्वास्थ्य कारणों से जमानत की अर्जी दी थी, जिसके बाद उन्हें बेल मिल गई थी। अगस्त 2019 में चिन्मयानन्द के ही शाहजहाँपुर स्थित कॉलेज में पढ़ने वाले विधि संकाय की छात्रा कई दिन तक गायब रही थी, जिसके बाद उसने एक वीडियो के जरिए कई आरोप लगाए थे।

इसके अगले ही महीने चिन्मयानन्द को गिरफ्तार कर लिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहबाद हाईकोर्ट की दो सदस्यीय बेंच को इसकी जाँच सौंपी थी और SIT का गठन किया था। अब 23 वर्षीय छात्रा ने अपने सारे आरोपों को नकार दिया है। पीड़िता ने कहा कि उसने कोई आरोप लगाया ही नहीं था। इसी मामले में चिन्मयानन्द के वकील ने एक अज्ञात नंबर से 5 करोड़ रुपए की रंगदारी माँगे जाने की शिकायत भी दर्ज कराई थी।

चिन्मयानंद पर आरोप लगाने वाली छात्रा के लापता होने के बाद यह मामला सुर्ख़ियों में आया था। अपने वीडियो में पीड़ित छात्रा ने चिन्मयानंद पर आरोप लगाते हुए कहा था कि संत समाज के एक बहुत बड़े नेता ने मेरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी है। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी से मदद की गुहार लगाते हुए पीड़ित छात्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसके बाद पुलिस ने छात्रा को उसके दोस्तों के साथ राजस्थान के मेहंदीपुर बालाजी के पास एक होटल से बरामद किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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