Homeदेश-समाजचिन्मयानन्द मामला: SIT ने लॉ स्टूडेंट और 4 अन्य के खिलाफ कोर्ट मे दाखिल...

चिन्मयानन्द मामला: SIT ने लॉ स्टूडेंट और 4 अन्य के खिलाफ कोर्ट मे दाखिल की चार्जशीट

एसआईटी द्वारा दायर चार्जशीट के आरोपितों में कोआपरेटिव बैंक के चैयरमैन डीपीएस राठौर और स्थानीय नेता अजीत सिंह शामिल हैं। पुलिस के अनुसार दोनों ने चिन्मयानन्द को सबूत के नाम पर ब्लैकमेल कर मोटी रकम माँगी थी।

शाहजहाँपुर के चिन्मयानन्द प्रकरण में यौन-शोषण मामले की जाँच कर रही एसआईटी ने आज न्यायालय में अपनी चार्जशीट दाखिल कर दी। इस चार्जशीट में यूपी पुलिस की एसआईटी ने चिन्मयानन्द पर रेप का आरोप लगाने वाली छात्रा और चार अन्य लोगों के खिलाफ चिन्मयानंद से सवा करोड़ रुपए की रंगदारी माँगने का आरोप तय किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एसआईटी द्वारा दायर चार्जशीट के आरोपितों में कोआपरेटिव बैंक के चैयरमैन डीपीएस राठौर और स्थानीय नेता अजीत सिंह शामिल हैं। पुलिस के अनुसार दोनों ने चिन्मयानन्द को सबूत के नाम पर ब्लैकमेल कर मोटी रकम माँगी थी। इस मामले में यूपी पुलिस की एसआईटी ने आरोपितों पर आईपीसी की धारा 385(रंगदारी) , 506 (धमकी देने) और 201 (सबूत नष्ट करने) के तहत केस दर्ज कर लिया है।

बता दें कि चिन्मयानन्द ने छात्रा और उसके साथियों पर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया था। 25 सितम्बर को छात्रा की गिरफ़्तारी के बाद एसआईटी द्वारा पूछताछ के दौरान उसने चिन्मयानन्द से 5 करोड़ रुपए माँगने की बात क़ुबूल की थी।

चिन्मयानंद पर आरोप लगाने वाली छात्रा के लापता होने के बाद यह मामला सुर्ख़ियों में आया था। अपने वीडियो में पीड़ित छात्रा ने चिन्मयानंद पर आरोप लगाते हुए कहा था कि संत समाज के एक बहुत बड़े नेता ने मेरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी है। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी से मदद की गुहार लगाते हुए पीड़ित छात्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसके बाद पुलिस ने छात्रा को उसके दोस्तों के साथ राजस्थान के मेहंदीपुर बालाजी के पास एक होटल से बरामद किया था।

मामले के तूल पकड़ते ही चिन्मयानंद के वकील ने छात्रा के खिलाफ ब्लैकमेल करने और रंगदारी डिमांड करने का मामला दर्ज कराया था। अपनी दलील में पीड़िता ने चिन्मयानंद पर दुष्कर्म करने और उसका वीडियो बनाने का आरोप लगाया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

प्रोपेगेंडा के खेल में The News Minutes ने छिपाए फैक्ट्स, एजेंडा था- ONGC के CSR फंड से ₹670 करोड़ का दान ‘RSS से जुड़े...

'द न्यूज मिनट' की रिपोर्ट में दिए गए तथ्य ओएनजीसी की अपनी वार्षिक रिपोर्ट से लिए गए हैं, लेकिन इसे इस तरह से पेश किया गया है कि यह अधूरा और भ्रामक है।

चंदन गुप्ता याद हैं? जिन्हें ‘भारत माता की जय’ बोलने पर मुस्लिमों की भीड़ ने उतारा मौत के घाट: समझें वंदे मातरम बिल की...

चंदन गुप्ता हत्याकांड को समझने के लिए जरूरी माना जाता है कि वंदे मातरम् बिल में संशोधन की जरूरत क्यों महसूस की जा रही है।
- विज्ञापन -