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जब धर्म नहीं बदला तो नमाज क्यों पढ़ना चाहती हो: हाई कोर्ट ने उस लड़की से पूछा जिसका ‘मुस्लिम दोस्त’, सुरक्षा के साथ चाहती थी इजाजत

पिरान कलियर दरगाह में नमाज पढ़ने को लेकर याचिका दाखिल करने वाली लड़की 22 वर्षीय भावना मूल रूप से मध्य प्रदेश के नीमच जिले की रहने वाली है। उसका दोस्त हरिद्वार का 35 वर्षीय फरमान है। दोनों एक फार्मा कंपनी में नौकरी करते हैं।

इस्लामी धर्मांतरण की साजिशों को चर्चा में लाने वाली फिल्म द केरल स्टोरी (The Kerala Story) के बाद कई पीड़िताओं ने आगे आकर बताया है कि ‘मुस्लिम दोस्त’ ने उनका ब्रेन वाॅश किया था। अब उत्तराखंड की एक हिंदू युवती, जिसका ‘मुस्लिम दोस्त’ है चर्चा में है। इस युवती ने उत्तराखंड हाई कोर्ट से पिरान कलियर दरगाह (Piran Kaliyar Dargah) में नमाज पढ़ने और सुरक्षा की इजाजत माँगी थी। हाई कोर्ट ने इसकी इजाजत देते हुए हरिद्वार पुलिस को उसकी सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। मामले की सुनवाई गुरुवार (11 मई 2023) को हुई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिरान कलियर दरगाह में नमाज पढ़ने को लेकर याचिका दाखिल करने वाली लड़की 22 वर्षीय भावना मूल रूप से मध्य प्रदेश के नीमच जिले की रहने वाली है। उसका दोस्त हरिद्वार का 35 वर्षीय फरमान है। दोनों ने उत्तराखंड हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस याचिका पर जस्टिस मनोज कुमार तिवारी और जस्टिस पंकज पुरोहित की बेंच ने सुनवाई की।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता लड़की से पूछा कि जब उसने धर्म नहीं बदला है तो वह नमाज क्यों पढ़ना चाहती है? इस पर लड़की ने कोर्ट से कहा कि वह दरगाह से प्रभावित है, इसलिए वह यहाँ नमाज पढ़ना चाहती है। लड़की ने कोर्ट से यह भी कहा है कि दोनों ने न तो शादी की है और न ही वह धर्मांतरण करना चाहती। वह हिंदू धर्म को मानती है और बिना किसी डर या दबाव के कलियर दरगाह में इबादत करना चाहती है।  

इसके बाद उत्तराखंड हाई कोर्ट ने लड़की और उसके दोस्त को दरगाह में नमाज पढ़ने की इजाजत दे दी। साथ ही कोर्ट ने हरिद्वार पुलिस को सुरक्षा के निर्देश दिए। हाई कोर्ट ने यह भी कहा है कि नमाज पढ़ने जाने से पहले लड़की को एक पत्र लिखकर संबंधित थाने के एसएचओ को जानकारी देनी होगी ताकि वह सुरक्षा उपलब्ध करा सकें। मामले की अगली सुनवाई 22 मई को होगी।

याचिक में भावना ने दक्षिणपंथी संगठनों से खुद को और पाने परिवार को खतरा बताते हुए हरिद्वार के कलेक्टर और एसएसपी को निर्देशित कर सुरक्षा उपलब्ध कराने की माँग की थी। बता दें कि भावना और फरमान हरिद्वार की एक फार्मा कंपनी में नौकरी करते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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