Tuesday, July 27, 2021
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बब्बू और छब्बू मियाँ: दर्जी और पेंटर भाई कैसे बन गए भूमाफिया?

दोनों ही माफियाओं पर मारपीट, चोरी, हत्या, हत्या की कोशिश के एक दर्जन से ज्यादा अपराध दर्ज है। 2015 में इनका नाम गुंडे शहजाद लाला हत्याकांड में सामने आया था। उससे पहले इन्हें मामूली चोरी चाकरी जैसे मामलों में गिना जाता था। धीरे-धीरे दोनों ने अपनी पहुँच नामी गुंडों और हिस्ट्रीशीटर से बनानी शुरू की।

उत्तर प्रदेश सरकार के तर्ज पर मध्यप्रदेश सरकार भी गुंडों माफियाओं पर लगातार नकेल कस रही है। इसी कड़ी में नगर निगम की रिमूवल गैंग ने बुधवार (2 दिसंबर, 2020) सुबह भूमाफिया बब्बू उर्फ सुल्तान शेख और छब्बू उर्फ शाबिर के आलीशान मकान को ध्वस्त कर दिया। दिलचस्प बात यह है कि बब्बू और छब्बू मियाँ भूमाफिया बनने से पहले टेलर और पेंटर का काम करते थे।

खजराना थाना क्षेत्र में बब्बू और छब्बू ने अवैध रूप से तीन आलीशान मकान बना लिया था। जिसको नगर निगम और पुलिस ने पहले नोटिस जारी करके खाली करवाया। फिर जेसीबी और पोकलेन की मदद से करीब तीन घंटे में अवैध मकानों को जमीदोंज कर दिया।

बता दें दोनों ही माफियाओं पर मारपीट, चोरी, हत्या, हत्या की कोशिश के एक दर्जन से ज्यादा अपराध दर्ज है। 2015 में इनका नाम गुंडे शहजाद लाला हत्याकांड में सामने आया था। उससे पहले इन्हें मामूली चोरी चाकरी जैसे मामलों में गिना जाता था। धीरे-धीरे दोनों ने अपनी पहुँच नामी गुंडों और हिस्ट्रीशीटर से बनानी शुरू की। जिसके बाद उन्होंने इलाके में क्राइम को अंजाम देने के लिए गैंग बना कर गुंडों से काम करवाना शुरू कर दिया, ताकि पकड़े जाने पर इनका नाम सामने न आए।

कहा जाता है बब्बू-छब्बू सिंडीकेट में रसूखदार लोगों के साथ मिलकर विभिन्न पार्टियों के नेता और कुछ पुलिस अफसरों की मदद से क्राइम को अंजाम देते थे। और इसके काले कारनामों से दोनों मियाँ भाई ने अवैध कारोबार का साम्राज्य खड़ा कर लिया।

रिपोर्ट के अनुसार, बब्बू व छब्बू ने खजराना इलाके में कई सरकारी जमीनों पर कब्जा कर लिया था। और जमीन से संबंधित लोगों से साँठगाँठ कर इन्होंने इलाके में अवैध कॉलोनियों का निर्माण शुरू करवा दिया था। नोटरी के तहत प्लाट की नीलामी भी की गई।

इसी अवैध धंधे को देखते हुए इन दोनों ने टेलरिंग और पेंटर का काम बंद कर दिया। जमीन का यह अवैध धंधा इतना फला-फूला कि जिन बदमाशों के पास खाना खाने तक के पैसे नहीं रहते थे अब उनके पास गाड़ी और बंगला आ गया। साथ ही अलग अलग जगहों पर इन्होंने आगे के लिए पैसा लगाना शुरू कर दिया।

वहीं जब इसकी खबर प्रशासन को लगी तो पुलिस ने दोनों पर दबिश देनी शुरू कर दी। जिसके तहत बब्बू की गिरफ्तारी हो गई लेकिन छब्बू भोपाल में प्यारे मियाँ की शरण में चला गया। वही प्यारे मियाँ जोकि लड़कियों के अवैध धंधे के सिलसिले में सलाखों के पीछे है। नगर निगम ने 1 साल पहले बब्बू के पटेल नगर स्थित फार्म हाउस पर दबिश देकर अवैध बिल्डिंग को ध्वस्त करवाया था। उस दौरान पुलिस ने ग्राउंड में खड़ी 50 नई इलेक्ट्रिक बाइक भी बरामद की थी। ध्वस्तीकरण के दौरान दौरान बब्बू की पत्नी ने काफी हो-हल्ला भी मचाया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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