Saturday, May 25, 2024
Homeदेश-समाजआज भी बिस्तर से उठ नहीं पाता 16 साल का शिवम, घर के बाहर...

आज भी बिस्तर से उठ नहीं पाता 16 साल का शिवम, घर के बाहर पुलिस का पहरा-फिर भी लगता है डर: खरगोन में रामनवमी जुलूस पर हुआ था हमला

शिवम अस्पताल से घर आ चुका है। धीरे धीरे ठीक हो रहा है। पर उस दंगे का डर अभी भी बैठा है। वो कहता है, "डर लगता है, वे लोग फिर न आ जाएँ, पीछे ही तो रहते हैं।"

मध्य प्रदेश के खरगोन का ​16 साल का शिवम आपको याद है? वही शिवम जो अप्रैल में रामनवमी जुलूस पर हुए हमले की चपेट में आया था। जिसके सिर की हड्डी टूटकर ब्रेन में जा घुसी थी। उस समय डॉक्टर भी नहीं जानते थे कि शिवम को होश में आने में कितना समय लगेगा। लेकिन शिवम अब अपने घर आ चुका है। पर वह आज भी बिस्तर से उठ नहीं पाता। उसके घर के बाहर पुलिस पहरेदारी कर रही है। फिर भी वह डरा-सहमा हुआ है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, शिवम शारीरिक रूप से धीरे-धीरे ठीक जरूर हो रहा है। लेकिन उस हमले ने उसे अंदर से तोड़ दिया है। अपने माता-पिता की इकलौती संतान शिवम पॉलिटेक्निक फर्स्ट ईयर का छात्र है। रामनवमी के दिन जब जुलूस पर हमला हुआ था तो वह सिद्धनाथ मंदिर से दर्शन करके लौट रहा था। उसी दौरान दंगाइयों का एक पत्थर उसके सिर में लगा था। दो दिन बाद ही उसकी बहन की शादी होनी थी।

दैनिक भास्कर के रिपोर्टर ने जब शिवम से पूछा कि वो कब तक ठीक हो जाएगा, तो उसने लड़खड़ाती जुबान में कहा कि डॉक्टर ने कहा है कि वह 6 महीने में ठीक हो जाएगा। शिवम ने बताया, “हाल ही में उसके पॉलिटेक्निक की परीक्षाएँ हुई थीं। लेकिन उसका हाथ ही नहीं काम कर रहा था तो वो एक्जाम नहीं दे पाया।” घर से बाहर निकलने के सवाल पर शिवम कहता है, “डर लगता है, वे लोग फिर न आ जाएँ, पीछे ही तो रहते हैं।”

गौरतलब है कि 10 अप्रैल 2022 को रामनवमी जुलूस पर पथराव किया गया। 30 से ज्यादा दुकानों और मकानों में आग लगा दी गई और मंदिरों में भी तोड़फोड़ की गई। मुस्लिम भीड़ को रामनवमी जुलूस में बज रहे डीजे से आपत्ति थी। हालाँकि, ये एक पूर्व नियोजित साजिश थी। उपद्रवियों ने पहले से ही छतों पर पत्थर और पेट्रोल बम जमा कर रखे थे।

हमले के बाद शिवम के ममेरे भाई नीलेश जोशी ने बताया था कि वे लोग घर के बाहर खड़े थे। उसी दौरान मुस्लिम समुदाय के उपद्रवी आए और पत्थर मारने लगे। शिवम भी वहीं खड़ा था। मुख्य हमलावर टोपी पहनकर आया था। बुर्के में से भी कुछ लोग पत्थर चला रहे थे।

इसी दौरान एक पत्थर आकर शिवम के सिर पर लगा। पत्थर लगते ही वह गिर गया और उसके सिर से खून बहने लगा। शिवम का गाँव खरगोन से 100 किलोमीटर दूर निसरपुर में है और उसके पिता किसान हैं। शिवम खरगोन में अपने मामा के यहाँ रहकर पढ़ाई कर रहा था।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मुजरा करने दो विपक्ष को… मैं खड़ा हूँ एसी-एसटी और ओबीसी के आरक्षण के साथ’ : PM मोदी की बिहार-यूपी में हुंकार, बोले- नहीं...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि वो एससी/एसटी ओबीसी के आरक्षण के साथ हर हाल में खड़े हैं। वो वंचितों का अधिकार नहीं छिनने देंगे।

ईवीएम पर नहीं लगा था BJP का टैग, तृणमूल कॉन्ग्रेस ने झूठ फैलाया: चुनाव आयोग ने खोली पोल, बताया- क्यों लिए जाते हैं मशीन...

भारतीय निर्वाचन आयोग ने टीएमसी के आरोपों का जवाब देते हुए झूठे दावे की पोल खोली और बताया कि ईवीएम पर कोई भाजपा का टैग नहीं हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -