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आदिवासियों को मुफ्त शिक्षा-दवा सहित कई सुविधाओं का लालच देकर बनाते थे ईसाई, MP में पुलिस ने पति-पत्नी को किया गिरफ्तार

मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियमन 2020 के तहत विवाह या किसी भी अन्य माध्यम से जबरन धर्मांतरण कराने पर आरोपित को 10 वर्ष तक की जेल की सजा और 1 लाख रुपए तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बड़वानी जिले में लालच देकर धर्मांतरण कराने (Religious Conversion)का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने आदिवासी महिलाओं को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रलोभन देने के आरोप में शनिवार (11 दिसंबर 2021) को दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उनके खिलाफ धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।

राजपुर थाना प्रभारी राजेश यादव ने कहा कि आरोपितों की पहचान नवलपुरा गाँव के निवासी अनार सिंह जमरे (35) और उसकी पत्नी लक्ष्मी जमरे (32) के रूप में हुई है। दंपति पर शुक्रवार (10 दिसंबर 2021) को मदिल गाँव के निवासी प्रकाश चौहान की शिकायत के आधार पर मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है।

यादव ने बताया कि शिकायत में दंपति पर आरोप लगाया गया है कि वे आदिवासी महिलाओं को अपने घर बुलाकर उन्हें पैसे, मुफ्त शिक्षा, मुफ्त दवा, रोजगार और अन्य सुविधाओं का लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए कहते थे। आरोपितों के पास से धर्म परिवर्तन से जुड़े कुछ साहित्य, पेन ड्राइव और अन्य सामग्रियाँ भी जब्त की गई हैं। राजपुर थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि स्थानीय अदालत द्वारा आरोपितों को जमानत दिए जाने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया है।  

बता दें कि मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियमन 2020 के तहत विवाह या किसी भी अन्य माध्यम से जबरन धर्मांतरण कराने पर आरोपित को 10 वर्ष तक की जेल की सजा और 1 लाख रुपए तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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