Wednesday, April 17, 2024
Homeदेश-समाजमंदिर की जमीन की रक्षा करने के लिए अधिकारी बाध्य, कब्जा करने वाले बेदखल...

मंदिर की जमीन की रक्षा करने के लिए अधिकारी बाध्य, कब्जा करने वाले बेदखल हों: मद्रास HC ने तमिलनाडु सरकार को फटकारा

कोर्ट ने श्री रामनादेश्वर मंदिर के एक भक्त की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। याचिकाकर्ता ने मंदिर की साढ़े तीन एकड़ की जमीन पर किए गए अवैध कब्जे को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराने के लिए मानव संसाधन और सीई के आयुक्त को आदेश देने की माँग की थी।

मद्रास हाई कोर्ट (Madrass High Court) ने पालननकुप्पम स्थित रामनादेश्वर मंदिर की जमीन पर किए गए अवैध अतिक्रमण (Encroachment On Temple Land) को लेकर तमिलनाडु सरकार (Tamil Nadu Government) के हिन्दू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने विभाग को मंदिर की अतिक्रमण की गई जमीन को वापस लेने के लिए कार्यवाही करने का आदेश दिया है।

लॉ बीट की रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने श्री रामनादेश्वर मंदिर के एक भक्त की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। याचिकाकर्ता ने मंदिर की साढ़े तीन एकड़ की जमीन पर किए गए अवैध कब्जे को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराने के लिए मानव संसाधन और सीई के आयुक्त को आदेश देने की माँग की थी। मामले की सुनवाई के दौरान मद्रास हाई कोर्ट के जस्टिस सुब्रमण्यम ने कहा कि हिन्दू धार्मिक धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग मंदिर की संपत्तियों और उसके सामान की रक्षा करने के लिए बाध्य है।

कोर्ट ने कहा, “याचिकाकर्ता ने शिकायत की कि मंदिर की संपत्तियों पर बिना किराया दिए भी अतिक्रमण किया जा रहा है और इसकी संपत्तियों को इससे अलग किया जा रहा है। ऐसे में अधिकारी मंदिर की संपत्तियों की जाँच कर सुरक्षा के उद्देश्य से सभी उचित कार्रवाई करने के लिए बाध्य हैं।”

शिकायतकर्ता के हलफनामे से इसका पता चलता है कि कुछ लेनदेन को अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया था। इसी को देखते हुए अदालत ने मानव संसाधन और सीई के आयुक्त को कानून के मुताबिक, मंदिर की संपत्तियों की रक्षा और अतिक्रमणकारियों को बेदखल करने और मंदिर की संपत्तियों को पुनः प्राप्त करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने कमिश्नर को आदेश की प्रति प्राप्त होने की तारीख से 12 सप्ताह की डेडलाइन भी दे दी है।

कोर्ट का आदेश

मद्रास हाई कोर्ट में दायर याचिका में याचिकाकर्ता ने अदालत को ये आरोप लगाया है कि मंदिर को कोई किराया दिए बिना मंदिर की संपत्ति पर कब्जा किया जा रहा है और अतिक्रमणकर्ता मंदिर की जमीन को अवैध रूप से बेचने का कोशिशें भी कर रहे थे। इसके साथ ही राजस्व के रिकॉर्ड में भी हेरफेर की कोशिशें की जा रही थीं। कोर्ट को बताया गया कि इसकी शिकायत एचआर एंड सीई सहित अधिकारियों की गई थी। हालाँकि, कमिश्नर ने कोई एक्शन नहीं लिया।

याचिका पर सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार के मानव संसाधन और सीई विभाग को फटकार लगाते एक्शन लेने का आदेश दिया।

राज्य सरकार को दी कड़ी चेतावनी

गौरतलब है कि इससे पहले पिछले साल भी मद्रास हाई कोर्ट ने मानव संसाधन और सीई विभाग को मंदिर की संपत्तियों के दुरुपयोग के बारे में अदालत में बढ़ती शिकायतों पर कड़ी फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि अगर विभाग एक्शन नहीं लेता है तो फिर अदालत को खुद जमीन पर उतरना पड़ेगा। उस दौरान मुख्य न्यायधीश संजीब बनर्जी और न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार राममूर्ति ने सीनियर अधिकारियों के खिलाफ नुंगमबक्कम में अगथेश्वर मंदिर की अतिक्रमित भूमि को फिर से हासिल करने में विफल रहने के लिए दायर अदालत की अवमानना ​​​​याचिका पर सुनवाई करते हुए ये टिप्पणियाँ की थी।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

स्कूल में नमाज बैन के खिलाफ हाई कोर्ट ने खारिज की मुस्लिम छात्रा की याचिका, स्कूल के नियम नहीं पसंद तो छोड़ दो जाना...

हाई कोर्ट ने छात्रा की अपील की खारिज कर दिया और साफ कहा कि अगर स्कूल में पढ़ना है तो स्कूल के नियमों के हिसाब से ही चलना होगा।

‘क्षत्रिय न दें BJP को वोट’ – जो घूम-घूम कर दिला रहा शपथ, उस पर दर्ज है हाजी अली के साथ मिल कर एक...

सतीश सिंह ने अपनी शिकायत में बताया था कि उन पर गोली चलाने वालों में पूरन सिंह का साथी और सहयोगी हाजी अफसर अली भी शामिल था। आज यही पूरन सिंह 'क्षत्रियों के BJP के खिलाफ होने' का बना रहा माहौल।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe