Homeदेश-समाजकोई तोड़फोड़ नहीं हुई, सिर्फ खंभे हटाए हैं: गुजरात के पालीताना में मंदिर विवाद...

कोई तोड़फोड़ नहीं हुई, सिर्फ खंभे हटाए हैं: गुजरात के पालीताना में मंदिर विवाद को लेकर महंत ने दी सफाई, वायरल हुई थी ‘हमले’ की खबर

दावा किया गया था कि कुछ बदमाशों ने सूरजकुंड में लगे सीसीटीवी कैमरों के खंभे को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिसके बाद जैन समुदाय के लोग रोष में आ गए।

गुजरात के भावनगर जिले अंतर्गत पालीताना में शत्रुंजय पहाड़ी पर लगे बोर्ड और लोहे के खंभे को क्षतिग्रस्त किया गया था। पूरी घटना खंबे में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी। इसके बाद से दो समुदायों, सेठ आनंदजी कल्याणजी ट्रस्ट और नीलकंठ महादेव सेवा समिति के बीच तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।

इस मामले में गृह विभाग की ओर से हाई लेवल मीटिंग की गई। वहीं, दूसरी ओर समस्त जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक तप गच्चा महासंघ ने पालीताना में रैली निकालकर डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा है।

क्या है पालीताना मंदिर विवाद?

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह पूरा विवाद मंदिर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे के खंभे को हटाने के बाद शुरू हुआ था। लंबे समय से यहाँ पवित्र पहाड़ी पर शिव मंदिर के लिए आंदोलन हो रहा था। देश भर के महंतों ने इस आंदोलन में भाग लेकर सरकार से हस्तक्षेप की माँग की थी। हालाँकि, इस बीच दावा किया गया कि कुछ बदमाशों ने सूरजकुंड में लगे सीसीटीवी कैमरों के खंभे को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिसके बाद जैन समुदाय के लोग रोष में आ गए। दूसरी ओर शिव मंदिर ट्रस्ट ने अवैध अतिक्रमण का आरोप लगाते हुए कहा है कि सेठ आनंदजी कल्याणजी ट्रस्ट ने उनके परिसर में बिजली के पोल ​​लगवा दिए हैं।

अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो पर शिव मंदिर के महंत ने सफाई दी है कि कोई तोड़-फोड़ नहीं हुई, सिर्फ सीसीटीवी कैमरे लगे लोहे के खंभे हटाए गए।

गृह मंत्री हर्ष सांघवी ने सख्त कार्रवाई का किया वादा

राज्य के गृह मंत्री हर्ष सांघवी ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी है कि सरकार ने घटना का संज्ञान लिया है और जाँच शुरू कर दी गई है। संघवी ने कहा है कि उन्होंने मामले को लेकर आला अधिकारियों के साथ बैठक की है। मामले की सख्ती से जाँच करने के आदेश दिए हैं।

इस मामले में श्रीमहासंघ अहमदाबाद के अध्यक्ष महेंद्र शाह का कहना है कि मंदिर के आसपास खनन बंद होना चाहिए। पहले भी इस तरह का कृत्य करके जैन और हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुँचाई गई थी। सिर्फ 2-5 लोगों को गिरफ्तार करने से काम नहीं चलेगा, ये साजिश बंद होनी चाहिए। समाज के नेता 10 सूत्री माँगों को लेकर मुख्यमंत्री से मिलेंगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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