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मो. मंसूरी ने 12 साल की बच्ची को आँख मारी, 100 का नोट दिखा बोला- ‘चल मेरे साथ’: कोर्ट ने सुनाई 4 साल की सजा

पॉक्सो अदालत ने कहा, "यह स्पष्ट है कि आरोपित ने दो से तीन मौकों पर पीड़िता का पीछा किया था और घटना की वास्तविक तारीख पर उसने उसे 100 रुपए का नोट दिखाया और उसका अपमान करने के इरादे से 'चल मेरे साथ' शब्द बोला।”

महाराष्ट्र के मुंबई की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने 12 साल की नाबालिग लड़की को आँख मारने और 100 रुपए का नोट दिखाकर ‘चल मेरे साथ’ कहने के आरोपित को दोषी मानते हुए 4 साल जेल की सजा सुनाई है। आरोपित 28 वर्षीय मोहम्मद मंसूरी इस मामले में 2017 में गिरफ्तार किया गया था और जनवरी 2018 में जमानत पर बाहर आने के बाद वह फरार हो गया था। मंसूरी को 2018 में दोबारा गिरफ्तार किया गया था, तब से वह जेल में है।

पॉक्सो मामले की विशेष अदालत ने अपने फैसले में कहा, “आरोपित ने किसी दूसरे कारण से नहीं, बल्कि यौन शोषण करने के लिए इस तरह के इशारे किए थे।” कोर्ट ने कहा कि मंसूरी पहले से ही जेल में है, इसलिए कोर्ट की दी गई सजा में उस अवधि को भी शामिल किया जाएगा।

बच्ची की माँ ने कोर्ट को मार्च 2017 में ही बताया था कि उनकी बेटी रोती हुई उनके पास आई और मंसूरी की करतूतों के बारे में बताया। उसने बताया था कि आरोपी लड़की का पीछा करता था और उसे आँख मारकर इशारे करता था। बेटी की बात सुनने के बाद पीड़िता की माँ ने यह बात अपने पति को बताई। इसके तुरंत बाद महिला अपनी बेटी और पति के साथ मंसूरी की तलाश में गए। उन्होंने देखा कि मंसूरी पास के बाजार में आईसक्रीम खा रहा था। लड़की के बताने के बाद उसके पिता ने आरोपित को पकड़कर कसकर थप्पड़ मारा। इसके बाद लोगों की भीड़ ने उसे पुलिस को सौंपने से पहले खूब पीटा। उसे पुलिस स्टेशन ले जाया गया और एफआईआर दर्ज की गई।

इस मामले में वकील वीना शेलार ने सात लोगों से भी पूछताछ की, जिनमें बच्चा, उसकी माँ और एक शिक्षक शामिल थे। रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में मोहम्मद मंसूरी की गिरफ्तारी के बाद उसे जमानत पर छोड़ दिया गया था, लेकिन मुकदमे की कार्यवाही में शामिल नहीं होने के बाद उसे फिर से गिरफ्तार कर लिया गया था।

वहीं, आरोपित ने दावा किया है कि लड़की ने उसे पहचानने में गलती की है। उसने नाबालिग को परेशान नहीं किया था। इसके साथ ही उसने यह भी तर्क दिया कि यह यौन उत्पीड़न का मामला नहीं है।

अदालत ने लड़की के साथ उसकी माँ की गवाही पर भरोसा किया और मंगलवार (10 अगस्त 2021) को अपने फैसले में कहा, “यह स्पष्ट है कि आरोपित ने दो से तीन मौकों पर पीड़िता का पीछा किया था और घटना की वास्तविक तारीख पर उसने उसे 100 रुपए का नोट दिखाया और उसका अपमान करने के इरादे से ‘चल मेरे साथ’ शब्द बोला। पीड़िता की एकमात्र गवाही आरोपित के अपराध को साबित करने के लिए पर्याप्त है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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