Tuesday, May 28, 2024
Homeदेश-समाज6ठी पास शाहिद से बैंक मैनेजर सुरभि ने की थी शादी... 8 साल बाद...

6ठी पास शाहिद से बैंक मैनेजर सुरभि ने की थी शादी… 8 साल बाद फंदे पर लटकी मिलीं: नोट में लिखा- ‘मेरा इस्तेमाल स्वार्थ के लिए हुआ’

मृतिका के शव के पास एक सुसाइड नोट भी मिला। उस नोट में लिखा था, "मेरे पति और मेरी बेटी मुझ से नफरत करते हैं। मैं इस दुनिया से परेशान हूँ और जा रही हूँ।"

राजस्थान के जयपुर में 6वीं पास मुस्लिम लड़के शाहिद से लव मैरिज करने वाली MBA होल्डर महिला ने फाँसी लगा कर आत्महत्या कर ली। मृतिका सुरभि कुमावत पंजाब नेशनल बैंक में मार्केटिंग मैनेजर पद पर कार्यरत थीं। सुसाइड नोट में उन्होंने आत्महत्या के कारण में बताया कि उनका पति और उनकी बेटी उनसे नफरत करते थे। सुरभि के मुताबिक उनका इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने शव को कब्ज़े में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना जयपुर के मुहाना मंडी में 1 अक्टूबर 2022 (शनिवार) की है। यहाँ 30 वर्षीया सुरभि कुमावत अपने 38 वर्षीय पति शाहिद और 5 साल की बेटी मसयारा के साथ इस्कॉन रोड के नारायण सरोवर में रहती थीं। घटना की रात सुरभि के पति और बेटी सोसाइटी के ही एक कार्यक्रम में गए थे। दोनों के 11 बजे लौट कर आने के बाद सुरभि दूसरे कमरे में सोने चली गईं।

अगले दिन रविवार को जब सुबह शाहिद सो कर उठे तब उन्होंने सुरभि को बुलाया। लेकिन कोई आवाज नहीं आई। उसने जा कर देखा तो सुरभि चुन्नी का फंदा बना कर पंखे से फाँसी पर लटकी हुई दिखीं। उसने फ़ौरन पुलिस को घटना की सूचना दी और पुलिस ने आकर जरूरी कार्रवाई की। इस दौरान मृतिका के शव के पास एक सुसाइड नोट भी मिला। उस नोट में लिखा था, “मेरे पति और मेरी बेटी मुझ से नफरत करते हैं। मैं इस दुनिया से परेशान हूँ और जा रही हूँ।”

इसी सुसाइड नोट में आगे लिखा था, “मुझे कोई नहीं समझता। हर कोई दुःख देना चाहता है। मैं सिर्फ खुश रहना चाहती हूँ। मैं किसी की जिंदगी में परेशानी भी नहीं बनना चाहती। मेरा खुद का पति मुझे छोड़ने की धमकी देता है। मेरा इस्तेमाल स्वार्थ के लिए किया गया।। मुझे दुख है कि बेटी कि मैं तुझे नहीं देख पाऊँगी।”

कथिततौर पर सुरभि के कमरे का सामान बिखरा हुआ था। उनके पति शाहिद ने बताया कि जब वो कमरे में गए तब सुरभि का शव घुटने पर बैठी हालात में मिला। शाहिद के मुताबिक उन्होंने ही फंदे को काट कर सुरभि को बिस्तर पर लिटा दिया था।

सुरभि की मौत के बाद घटनास्थल पर ही उनके ससुराल और मायके पक्ष के लोगों के बीच नोकझोंक होने लगी। पुलिस ने हालात को संभाला और पोस्टमार्टम के बाद शव को मायके पक्ष वालों को सौंप दिया। प्रशासन द्वारा पूरी घटना की वीडियो रिकार्डिंग करवाई गई और घटनास्थल का FSL परीक्षण भी करवाया गया। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है।

मूल रूप से सुरभि राजस्थान के टोंक जिले की रहने वाली थीं लेकिन उनका परिवार पिछले 25 वर्षों से जयपुर में रहता था। लगभग 8 वर्ष पहले इंग्लिश स्पीकिंग की क्लास में शाहिद की एक अन्य हिन्दू गर्लफ्रेंड ने सुरभि को शाहिद से मिलवाया था। शाहिद बासबदनपुरा का रहने वाला था जो पानी की सप्लाई का काम करता था। सुरभि MBA की पढ़ाई कर चुकी थीं जबकि शाहिद क्लास 6 तक ही पढ़ा था। बाद में सुरभि और शाहिद में नजदीकियाँ बढ़ीं।

साल 2015 में सुरभि की नौकरी पंजाब नेशनल बैंक में लग गई। नौकरी पाने के बाद 2016 में दोनों ने गाजियाबाद जा कर वहाँ के आर्य समाज संस्थान में शादी कर ली। लगभग 5 साल पहले सुरभि ने एक बेटी को जन्म दिया जिसका नाम मसायरा रखा गया। सुरभि नौकरी कर के घर चलाती थी जबकि शाहिद बच्ची को सँभालने के नाम पर घर में ही रहता था। जून 2021 में सुरभि ने जयपुर के इस्कॉन रोड मुहाना स्थित अपार्टमेंट के फ्लैट खरीदा और अपने पति शाहिद और बेटी के साथ रहने लगीं। सुरभि के पास कार थी जबकि शाहिद बाइक से चलता था। सुरभि बुलेट बाईक लेना चाहती थीं जिसके लिए कुछ दिन पहले वो शोरूम पर भी गईं थीं।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

2014 – प्रतापगढ़, 2019 – केदारनाथ, 2024 – कन्याकुमारी… जिस शिला पर विवेकानंद ने की थी साधना वहीं ध्यान धरेंगे PM नरेंद्र मोदी, मतगणना...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सातवें चरण के लिए प्रचार-प्रसार का शोर थमने के साथ थी 30 मई को ही कन्याकुमारी पहुँच जाएँगे, 4 जून को होनी है मतगणना।

पंजाब में Zee मीडिया के सभी चैनल ‘बैन’! मीडिया संस्थान ने बताया प्रेस की आज़ादी पर हमला, नेताओं ने याद किया आपातकाल

जदयू के प्रवक्ता KC त्यागी ने इसकी निंदा करते हुए कहा कि AAP का जन्म मीडिया की फेवरिट संस्था के रूप में हुआ था, रामलीला मैदान में संघर्ष के दौरान मीडिया उन्हें खूब कवर करता था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -