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महबूबा मुफ़्ती का अजीत डोभाल के कश्मीर दौरे पर कटाक्ष: पिछली बार बिरयानी, क्या इस बार हलीम?

NSA डोवाल सूबे के मौजूदा हालात का जायजा लेने और घाटी में सुरक्षा व्यवस्था पर विचार-विमर्श के लिए जम्मू-कश्मीर पहुँच रहे हैं। इसके अलावा वे विभिन्न सरकारी योजनाओं को अमली जमा पहनाने की रणनीति भी तय करेंगे।

पीडीपी की मुखिया और कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोवाल के जम्मू-कश्मीर दौरे पर तंज कसते हुए पूछा है कि पिछली बार उन्होंने ‘बेचारे नादान’ कश्मीरियों के साथ बिरयानी खाते हुए फ़ोटो खिंचाई थी, तो क्या इस बार हलीम का इरादा है। वह 370 हटने के बाद वाले डोवाल के कश्मीर दौरे का ज़िक्र कर रहीं थीं। उस समय कश्मीर में स्थिति का जायज़ा लेने पहुँचे डोवाल ने स्थिति की सहजता का अंदाज़ा लगाने के लिए स्थानीय लोगों के साथ बातचीत की थी और खाना खाया था

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NSA डोवाल सूबे के मौजूदा हालात का जायजा लेने और घाटी में सुरक्षा व्यवस्था पर विचार-विमर्श के लिए जम्मू-कश्मीर पहुँच रहे हैं। इसके अलावा वे विभिन्न सरकारी योजनाओं को अमली जमा पहनाने की रणनीति भी तय करेंगे।

11 दिन का था पहला दौरा, जिहाद के गढ़ों में घूमे थे

अपने पिछले दौरे पर डोवाल घाटी में जिहाद के गढ़ों में ही मुख्यतः केंद्रित रहे थे। उन्होंने अनंतनाग, श्रीनगर, शोपियाँ जैसे अशांत रहने वाले इलाकों का दौरा किया था। बकरीद के मौके पर वह श्रीनगर में थे। NSA ने शहर के सभी महत्वपूर्ण इलाकों के अलावा सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण जिलों पांपोर, बड़गाम, और दक्षिण कश्मीर के पुलवामा और अवंतीपोरा का भी दौरा किया था

उस दौरान 370 निष्प्रभावी होने और राज्य के दो केंद-शासित प्रदेशों में तब्दील होने के बाद से घाटी में हिंसक विरोध की आशंका बनी हुई थी । इसी के चलते सरकार ने इंटरनेट और फ़ोन लाइनों समेत नागरिक संचार के लगभग सभी माध्यमों को निलंबित कर रखा था और घाटी, जम्मू और लद्दाख में हज़ारों की संख्या में केंद्रीय सुरक्षा बल को तैनात कर दिया गया था। लेकिन अब धीरे-धीरे स्थितियाँ सामान्य होने की तरफ़ लौटने लगीं हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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