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हिंसक मजहबी भीड़ ने सूरत में किया पुलिस पर पथराव, दंगा और तोडफोड़ के बाद धारा 144 लागू

इस बीच चश्मदीदों ने कहा कि मुस्लिम लोगों की भीड़ ने चौक बाजार इलाके से आज जुमा के दिन रैली शुरू की। जब वे विवेकानंद सर्कल के पास पहुँचे तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। लेकिन पहले से तैयार भीड़ हिंसक हो गई और पथराव शुरू कर दिया।

गुजरात के सूरत शहर में पुलिस को आज आधा दर्जन से अधिक आँसू गैस के गोले दागने पड़े, जब मुस्लिम समुदाय की विशाल भीड़ ने, अधिकारियों द्वारा अनुमति देने से इनकार करने के बावजूद, झारखण्ड के कथित मॉबलिंचिंग की घटना के खिलाफ रैली निकालने की कोशिश की। इस्लामी भीड़ के उग्र प्रदर्शन के दौरान 3 से 4 पुलिस कर्मियों के घायल होने की भी खबर आ रही है। इसके अलावा वाहनों को भी क्षति पहुँचाई गई है।

पुलिस आयुक्त सतीश शर्मा ने कहा कि मुस्लिम समुदाय के एक समूह ने दो दिन पहले इसी मुद्दे पर एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा था और उसके बाद एक अन्य समूह ने चौक बाजार इलाके से अठवा में कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकालने की अनुमति माँगी थी।

सतीश शर्मा ने कहा, “उन्हें अनुमति देने से इनकार कर दिया गया क्योंकि यह दिन वर्किंग डे था और जिस मामले पर प्रदर्शन की अनुमति माँगी गई थी, यह मामला भी गुजरात का नहीं था।” इसके बावजूद मुस्लिम समुदाय के लोग रैली निकालने पर अड़े थे। इसलिए उग्र मुस्लिमों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कम से कम 8 आँसू गैस के गोले दागने पड़े, क्योंकि समुदाय विशेष ने प्रदर्शन के दौरान पथराव और आगजनी करना शुरू कर दिया। जिससे 4 से 5 पुलिस कर्मी घायल हो गए और बस सहित कई वाहनों को भी नुकसान पहुँचाया गया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस आयुक्त ने कहा कि इस संबंध में एक मामला दर्ज किया गया है और इस संबंध में कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। इलाके में धारा 144 लगा दी गई है।

इस बीच चश्मदीदों ने कहा कि मुस्लिम लोगों की भीड़ ने चौक बाजार इलाके से आज जुमा के दिन रैली शुरू की। जब वे विवेकानंद सर्कल के पास पहुँचे तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। लेकिन पहले से तैयार भीड़ हिंसक हो गई और पथराव शुरू कर दिया।

फिलहाल, इलाके में अधिक से अधिक पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं और अब मौजूदा स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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