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मनोज पर चढ़ाई कार, इलाज के बहाने उठाकर ले गए और नहर में फेंक दियाः मोहम्मद दिलखुश और मोहम्मद उस्मान गिरफ्तार

मनोज को मृत देख दिलखुश ने घटना की जानकारी अपने साथी मोहम्मद उस्मान को दी। इसके बाद उस्मान आया। दोनों ने मिलकर कोई सुनसान जगह खोजी और फिर मनोज के शव को चरथावल के पास नहर में फेंक दिया।

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से 25 जून 2023 (रविवार) को मोहम्मद दिलखुश और मोहम्मद उस्मान नाम के 2 व्यक्तियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन दोनों पर आरोप है कि इन्होंने इसी माह 22 जून को मनोज कुमार नाम के एक मजदूर को पहले अपनी कार से एक्सीडेंट में घायल किया फिर उसे इलाज के बहाने गाड़ी में बिठाया और बाद में उसकी बॉडी नहर में फेंक दी। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कार भी बरामद कर ली है। साथ ही मामले की जाँच की जा रही है।

यह मामला मुजफ्फरनगर जिले के थानाक्षेत्र छपार का है। 22 जून 2023 को मनोज की पत्नी ने पुलिस थाने में शिकायत दी थी कि उसका पति अभी घर नहीं लौटा है। शिकायत के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी। आखिरकार पुलिस को मोहम्मद दिलखुश और मोहम्मद उस्मान का पता चला, जिसके बाद उन्हें खोजा गया और उनसे सवाल-जवाब हुए।

पूछताछ में मोहम्मद दिलखुश ने बताया कि उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है। मगर 22 जून को वह अपनी स्विफ्ट गाड़ी (उत्तराखंड नंबर UK 07 DU 2840 वाली) चलाकर मुजफ्फरनगर से रोहना जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में गाड़ी मनोज से टकरा गई। घटना में मनोज गंभीर रूप से घायल हो गया। दिलखुश ने घायल मनोज को अपने वाहन में पीछे बैठाया लेकिन बीच रास्ते में उसकी मौत हो गई।

मनोज को मृत देख दिलखुश ने घटना की जानकारी अपने साथी मोहम्मद उस्मान को दी। इसके बाद उस्मान आया। दोनों ने मिलकर कोई सुनसान जगह खोजी और फिर मनोज के शव को चरथावल के पास नहर में फेंक दिया।

पुलिस के मुताबिक मनोज के शव को 24 घंटे बाद नहर से बरामद किया गया। खराब मौसम और भारी बारिश के चलते मनोज के शव को तलाशने में दिक्कत आई। पुलिस की मौजूदगी में गोताखोरों द्वारा शव के खोजबीन की वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

पुलिस के मुताबिक मामले में जाँच और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा रही है। दोनों की गिरफ्तारी के साथ घटना में प्रयोग हुई स्विफ्ट कार भी पुलिस ने बरामद कर ली है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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