Tuesday, October 19, 2021
Homeदेश-समाजमेरठ: लैब तकनीशियन से कोरोना संदिग्ध का ब्लड सैंपल छीनकर भागा बंदर, मची अफरातफरी

मेरठ: लैब तकनीशियन से कोरोना संदिग्ध का ब्लड सैंपल छीनकर भागा बंदर, मची अफरातफरी

मेरठ मेडिकल कॉलेज के प्रमुख अधीक्षक डॉ. धीरज बालियान ने बताया कि तकनीशियन ने उनसे इस संबंध में शिकायत की है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य कर्मचारियों से बंदर सैंपल लेकर भागे। उन्होंने पेड़ पर बैठकर किट को फाड़ा और सैंपल को नष्ट कर दिया। बाद में संदिग्धों के सैंपल दोबारा लिए गए।

कोरोना संकट के बीच उत्तरप्रदेश के मेरठ के एक मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार (मई 29, 2020) को बंदरों के कारण हड़कंप मच गया। खबरों की मानें तो यहाँ एक बंदर, लैब तकनीशियन से कोरोना संदिग्ध का ब्लड सैंपल छीनकर भाग गया। जब अस्पताल स्टॉफ ने उसका पीछा किया तो वह पेड़ पर चढ़ गया। बाद में उसे किट चबाते देखा गया।

इस दौरान अस्पताल प्रशासन ने उसका वीडियो भी बनाया। जिलाधिकारी ने इस संबंध में कहा कि अभी उनके संज्ञान में ये मामला नहीं आया है। लेकिन वह इसकी जाँच जरूर करेंगे।

इस घटना की वीडियो धड़ल्ले से सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा है। मेडिकल कॉलेज के प्रमुख अधीक्षक डॉ. धीरज बालियान ने बताया कि तकनीशियन ने उनसे इस संबंध में शिकायत की है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य कर्मचारियों से बंदर सैंपल लेकर भागे। उन्होंने पेड़ पर बैठकर किट को फाड़ा और सैंपल को नष्ट कर दिया। बाद में संदिग्धों के सैंपल दोबारा लिए गए।

डॉ. बलियान ने यह भी बताया कि बंदर चूँकि सैंपल लेकर पेड़ पर चढ़ा, तो उसे तोड़ते टाइम उसकी बूँद जमीन पर जा गिरी। मगर, अभी तक उस जगह के संपर्क में कोई नहीं आया है।

बता दें, इस मामले पर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर एसके गर्ग ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि जो सैंपल बंदर ले गए हैं, वो कोरोना के स्वैब टेस्ट के लिए सैंपल नहीं थे। बल्कि कोरोना के मरीजों के रूटीन चेकअप के लिए भेजे गए सैंपल थे। इसलिए कोरोना के जिन तीन मरीजों के सैंपल बंदरों ने छीने उन्हें बाद में फिर से ले लिया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बंदर के भागने के बाद इलाके में दहशत है। लोगों का कहना है कि कहीं सैंपल से बंदर संक्रमित न हो जाएँ। वन विभाग के लिए उस बंदर को चिह्नित करना मुश्किल है।

दूसरी ओर टाइम्स की पत्रकार इशिता भाटिया ने सूचना दी है कि अस्पताल प्रशासन ने बंदर का वीडियो बनाने वाले स्वास्थ्यकर्मी को नोटिस दे दिया है। उससे इस बात का स्पष्टीकरण माँगा गया है कि आखिर उसन उस वक्त लोगों से मदद माँगने की बजाय वीडियो क्यों बनाई और बाद में उसे लीक क्यों किया?

उल्लेखनीय है कि इस मामले के सामने आने के बाद राजनीति भी शुरू हो गई है। यूपी कॉन्ग्रेस ने ट्वीट किया, “मेरठ मेडिकल कॉलेज में एक बंदर कोरोना मरीजों के सैम्पल्स लेकर भाग गया। मेरठ में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ा है और लापरवाही का आलम देखिए। खैर सरकार इस पर भी नया झूठ लेकर आएगी।”

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

पाकिस्तान हारे भी न और टीम इंडिया गँवा दे 2 अंक: खुद को ‘देशभक्त’ साबित करने में लगे नेता, भूले यह विश्व कप है-द्विपक्षीय...

सृजिकल स्ट्राइक का सबूत माँगने वाले और मंच से 'पाकिस्तान ज़िंदाबाद' का नारा लगवाने वाले भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच रद्द कराने की माँग कर 'देशभक्त' बन जाएँगे?

धर्मांतरण कराने आए ईसाई समूह को ग्रामीणों ने बंधक बनाया, छत्तीसगढ़ की गवर्नर का CM को पत्र- जबरन धर्म परिवर्तन पर हो एक्शन

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में ग्रामीणों ने ईसाई समुदाय के 45 से ज्यादा लोगों को बंधक बना लिया। यह समूह देर रात धर्मांतरण कराने के इरादे से पहुँचा था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
129,980FollowersFollow
411,000SubscribersSubscribe