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अमेरिका के मुस्लिम जोड़े ने महादेव के मंदिर में लिए 7 फेरे, अग्नि को साक्षी माना: काशी घूम कर हुए थे हिंदू धर्म से प्रभावित, पंडित को कुंडली दिखाने के बाद विवाह

महादेव के मंदिर में शादी रचाने के बाद दोनों काफी खुश दिखे। मंदिर परिसर में मौजूद लोगों और पूजा करवाने वाले पंडित ने दोनों को सदा सुखी रहने की शुभकामनाएँ दीं। शादी के बाद केशा खलीफा ने अपने पति कियामाह खलीफा के पैर छू कर आशीर्वाद लिया।

अमेरिका (USA) के मूल निवासी कियमाह दिन खलीफा और उनकी प्रेमिका केशा खलीफा ने उत्तर प्रदेश के जौनपुर में महादेव शिव के मंदिर में हिन्दू विधि-विधान से शादी की है। दोनों ने यह शादी अपनी काशी की यात्रा के दौरान की है।

कियामाह और केशा खलीफा दोनों मुस्लिम हैं। पहले दोनों वाराणसी के कैथी मंदिर में शादी करना चाहते थे लेकिन वहाँ विवाह आयोजन बंद होने के चलते दोनों ने यह रस्म जौनपुर में पूरी की। यह शादी शनिवार (17 सितम्बर 2022) को सम्पन्न हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कियामह और केशा खिलफा दोनों काफी लम्बे समय से लिव इन रिलेशन में हैं। दोनों पिछले 5 वर्षों से लगातार काशी की यात्रा कर रहे हैं और यहाँ पर उन्हें हिन्दू संस्कृति काफी पसंद आई। दोनों अक्सर गंगा नदी के घाटों पर घूमते दिखाई देते थे। इसी दौरान अपनी इस यात्रा में इन दोनों ने अपने गाइड से किसी ज्योतिष से मिलवाने के लिए कहा। ज्योतिष ने दोनों की कुंडली बनाई।

बताया जा रहा है कि इसी के बाद दोनों ने हिन्दू रीति-रिवाज़ से शादी करने का फैसला किया। इसके लिए सबसे पहले उन्होने काशी के कैथी मंदिर में शादी का प्रयास किया लेकिन वहाँ शादियाँ फिलहाल बंद होने के चलते वो अपने गाइड की सलाह पर जौनपुर के प्रसिद्ध त्रिलोचन महादेव मंदिर पहुँचे। यहाँ दोनों ने हिन्दू परिधान पहने और अग्नि के 7 फेरे लेकर 7 जन्मों तक एक दूसरे का साथ निभाने का वादा किया। दोनों की शादी का वीडियो भी काफी वायरल हो रहा है।

शादी के बाद दोनों काफी खुश दिखे। मंदिर परिसर में मौजूद लोगों और पूजा करवाने वाले पंडित ने दोनों को सदा सुखी रहने की शुभकामनाएँ दीं। शादी के बाद केशा खलीफा ने अपने पति कियामाह खलीफा के पैर छू कर आशीर्वाद लिया। दोनों ने बताया कि 3 दिन काशी में रहने के बाद वो अपने देश अमेरिका वापस लौट जाएँगे। कियामह का अमेरिका में व्यापार और खेती का काम है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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