Friday, May 24, 2024
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हिन्दू कार्यकर्ता के घर पर कट्टरपंथी मुस्लिम भीड़ का हमला, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार: गणेश विसर्जन में श्रद्धालुओं को गाड़ी से कुचलने की कोशिश

पीड़ित युवक सूरज ने हमसे बातचीत के दौरान इस पूरे विवाद को सोची समझी साजिश बताया। उन्होंने दावा किया कि घटना के दिन ईद मिलाद का जुलूस खत्म हुआ था और वहाँ से भीड़ उनके घर की तरफ मुड़ गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्मादी भीड़ जिसे मौलाना बता रही है, वो बगल के गाँव में कपड़े सिलने का काम करता है।

महाराष्ट्र के पुणे में शुक्रवार (29 सितंबर 2023) को बजरंग दल के एक कार्यकर्ता के घर पर कट्टरपंथी मुस्लिमों की भीड़ ने कर हमला किया। इस दौरान सूरज चक्रधर नाम के व्यक्ति के नहीं मिलने पर उसके घर की महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया और जान से मारने की धमकी दी गई। उन्मादी भीड़ गणपति विसर्जन के दौरान सूरज पर में अपने मौलाना की गाड़ी रोक कर अभद्रता का आरोप लगा रही थी।

हालाँकि, सूरज ने उस घटना की वीडियो रिकार्डिंग की थी, जिसमें मुस्लिमों की गाड़ी को सबने खुद से हटकर रास्ता दिया था। पुलिस ने अभी तक सूरज की शिकायत पर FIR दर्ज नहीं की है। ऑपइंडिया से बात करते हुए सूरज ने गोरक्षा और लव जिहाद के खिलाफ आवाज उठाने की वजह से खुद को कट्टरपंथियों के निशाने पर बताया।

यह मामला पुणे के जिला अम्बेगाँव के मंचर थाना क्षेत्र का है। सोमवार (2 अक्टूबर 2023) को सूरज की माँ ने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में उन्होंने कहा कि शुक्रवार (29 सितंबर 2023) को रात 10.00 से 10.30 बजे के बीच 150 से 200 मुस्लिमों की भीड़ उनके घर पर जमा हो गई थी।

उन्मादी भीड़ सूरज चक्रधर की हत्या करने के इरादे से उनके घर पर आई थी। संयोग से सूरज घर पर नहीं थे। सूरज को न पाकर भीड़ उनके घर की महिलाओं से दुर्व्यवहार करने लगी। सूरज की माँ ने आरोप लगाया है कि हमले के दौरान मुस्लिमों की भीड़ ने उनके घर पर पत्थरबाजी की। दरवाजों पर पैरों से ठोकरें मारीं और गंदी-गंदी गालियाँ दीं।

भीड़ में शामिल कुछ लोग सूरज के परिजनों से उसकी लोकेशन पूछ रहे थे। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या सूरज बजरंग दल में काम करता है। सूरज की माँ से कहा गया, “वो जहाँ भी मिलेगा उसके हाथ पैर तोड़ डाले जाएँगे।” इस हिंसा का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

सूरज की माँ ने इस भीड़ में कुछ लोगों को पहचानने का भी दावा किया है। शिकायत कॉपी में जिन आरोपितों के नाम दिए गए हैं, वे हैं- रियाज जमादार, इसरार शाहबाज खान पठान, आजम मोमिन, कय्यूम पठान, मीरान अनीस इनामदार, आकिब रहमान अत्तार, अमन रहमान अत्तार, मोहम्मद सरताज अली जमादार, तरबेज मुख्तार कुरेशी, दानिश सिराज मोमिन, तौकीर मोहम्मद मतीन जमादार, अदनान मोहम्मद, जावेद शेख।

इसके अलावा इसमें मोहम्मद साबिर रिजवान अली सैयद, इरफान तहजान मंडल, अज़हर सिराज मोमिन, अतीक वसीम इनामदार, उजेफ वसीम इनामदार, आसिफ खान, जिया अहमद इम्तियाज जमादार, रेहान रिजवान इनामदार, शहबाज अली इनामदार, सकलेन सरफराज इनामदार, मोहम्मद फजल शेख।,सैयद हसन, अब्बास रियासत अली का भी नाम है। अन्य हमलावरों को अज्ञात में दिखाया गया है।

पहले गाडी चढ़ाने की कोशिश कोशिश, फिर झूठा हंगामा

शिकायत में सूरज की माँ ने बताया है कि उनके घर पर हमले से 1 दिन पहले यानि 28 सितंबर को रात लगभग 11:50 पर गणपति विसर्जन जुलूस चल रहा था। तभी मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने जुलूस के बीचों-बीच चार पहिया गाड़ी घुसाकर लोगों को कुचलने का प्रयास किया था।

हालाँकि, जुलूस में शामिल हिन्दू समाज के लोगों ने बिना किसी बहस या झगड़े के मुस्लिमों के उस वाहन को जाने का रास्ता दे दिया। इसके बावजूद थोड़ी देर के बाद मुस्लिम समुदाय के लोग गणेश विसर्जन यात्रा में शामिल लोगों के खिलाफ शिकायत लेकर थाने पर जमा हो गए।

सूरज की माँ ने आरोप लगाया है कि गाड़ी चढ़ाने में नाकाम मुस्लिम समुदाय के लोग भीड़ की शक्ल में पुलिस स्टेशन पहुँचे। यहाँ उन्होंने अमर शिवराज्य गणेश मंडल और वेतालेश्वर तरूण गणेश मित्र मंडल के कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस में झूठी तहरीर दी। तहरीर में गणेश विसर्जन कर रहे हिन्दुओं पर मुस्लिमों की गाड़ी रोक कर मारपीट का आरोप लगाया गया था।

पुलिस ने इस शिकायत पर विसर्जन में शामिल सूरज को अन्य कुछ लोगों सहित हिरासत में ले लिया। हालाँकि, थोड़ी देर बाद सूरज को छोड़ दिया गया। ऑपइंडिया के पास वो वीडियो मौजूद है, जिसमें हिन्दू संगठनों ने मुस्लिम समाज की गाड़ी को बिना किसी विवाद के रास्ता दिया था।

सूरज की माँ ने अपने पूरे परिवार को खतरा बताते हुए पुलिस सुरक्षा की माँग की है। साथ ही CCTV व घटना के वीडियो जाँच करके सभी आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की आशा जताई है। इस घटना के बाद सूरज के भाई का ब्लड प्रेशर बढ़ गया है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

बाहरी भीड़ ईद मिलाद वाली, अभी तक FIR नहीं

ऑपइंडिया ने इस मामले की जानकारी के लिए बजरंग दल कार्यकर्ता सूरज से सम्पर्क किया। सूरज ने अपना घर मुस्लिम बाहुल्य इलाके में बताया। उन्होंने कहा कि लव जिहाद और गोहत्या जैसे मामलों की आवाज उठाने के चलते वो लंबे समय से कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं।

सूरज ने आरोप लगाया कि घटना के बाद से अब तक पुलिस उनकी शिकायत पर FIR दर्ज नहीं की है, जबकि इसके लिए वो खुद और उनकी माँ थाने के कई चक्कर काट चुकी हैं। सूरज ने कहा कि उन्हें पुलिस का जवाब मिलता है कि ‘हम अपने हिसाब से काम करेंगे न कि तुम्हारे अनुसार’।

ईद मिलाद वाली थी भीड़

सूरज ने हमसे बताया कि हमले के दौरान वो अपनी बीमार माँ की दवाएँ लेने गए थे। उनका दावा है कि अगर वो घर पर मिले होते तो मुस्लिमों की भीड़ जरूर उनके साथ कोई अनहोनी कर देती, क्योंकि हमलावर मारो-काटो के नारे लगा रहे थे। बकौल सूरज, जो भीड़ उनके घर में आई थी उसमें कई बाहरी लोग भी शामिल थे।

जिसे बता रहे मौलाना वो असल में टेलर मास्टर

पीड़ित युवक सूरज ने हमसे बातचीत के दौरान इस पूरे विवाद को सोची समझी साजिश बताया। उन्होंने दावा किया कि घटना के दिन ईद मिलाद का जुलूस खत्म हुआ था और वहाँ से भीड़ उनके घर की तरफ मुड़ गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्मादी भीड़ जिसे मौलाना बता रही है, वो बगल के गाँव में कपड़े सिलने का काम करता है।

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राहुल पाण्डेय
राहुल पाण्डेयhttp://www.opindia.com
धर्म और राष्ट्र की रक्षा को जीवन की प्राथमिकता मानते हुए पत्रकारिता के पथ पर अग्रसर एक प्रशिक्षु। सैनिक व किसान परिवार से संबंधित।

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