Thursday, July 18, 2024
Homeदेश-समाज'देवर का सिर फाड़ दिया, बच्चों को भी नहीं छोड़ा': राजस्थान में मुस्लिमों को...

‘देवर का सिर फाड़ दिया, बच्चों को भी नहीं छोड़ा’: राजस्थान में मुस्लिमों को नागवार गुजरा दलित परिवार का दिवाली मनाना, पुलिस ने बताया कोल्डड्रिंक का झगड़ा

सुबह के समय कुछ विशेष समुदाय के लोग उनके घरों पर पहुँचे और आते ही उन्होंने मारपीट शुरू कर दी। जब उनसे मारपीट का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि तुम लोग दीपावली नहीं मनाओगे।

राजस्‍थान के कैथवाड़ा में मुस्लिम समुदाय के लोगों को हिदुओं द्वारा दिवाली पर पटाखा फोड़ना इतना नागवार गुजरा क‍ि उन्होंने एक एक(हिन्दू) पर हमला कर दिया और उनके साथ मारपीट की। एक स्‍थानीय पोर्टल के मुताबिक, इस हमले में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसका इलाज जिला हेडक्‍वार्टर पर क‍िया जा रहा है। वहीं पुलिस ने इस्‍लामवाद‍ियों द्वारा पटाखा फोड़ने से नाराज होकर हिंदू पर‍िवार पर हमले की बात को नकार दिया है। पुलिस ने कहा है कि व‍िवाद एक कोल्‍ड ड्रिंक की वजह से हुआ है।

एक पत्रकार सुजीत स्‍वामी ने वीडियो ट्वीट कर कहा, “राजस्‍थान में भरतपुर के मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में मुस्लिम भीड़ ने दिवाली पर पटाखे चलाने पर दलित समुदाय के पूरे परिवार के साथ मारपीट की और जाति सूचक शब्दों से अपमानित किया। यह नया राजस्थान है क्या? जय भीम और जय मीम ख़ेमे में फिर से चुप्पी।”

वीडियो में पीड़िता आपबीती सुनाते हुए कहती हैं, “देवर, बच्चा सब पर हमला बोला है। देवर का सिर फाड़ दिया है।” र‍िपोर्टर द्वारा यह पूछे जाने पर क‍ि हमला करने वाले लोग कौन-कौन थे, पीड़िता ने कहा, “उसका पूरा पर‍िवार था। घर पर आकर हमला बोला है।” वहीं एक अन्य पीड़ित ने बताया क‍ि हमले करने वाले करीब 50 लोग थे और उन्‍हें जात‍िसूचक शब्‍द कहे गए।

सुजीत के ट्वीट के जवाब में राजस्‍थान पुलिस हेल्‍प डेस्‍क (Rajasthan Police HelpDesk) ने भरतपुर पुलिस को जानकारी मुहैया कराने के लिए कहा। इसके जवाब में भरतपुर पुलिस ने पटाखे फोड़ने की वजह से मारपीट को साफ नकार दिया और कहा, “दुकान से खरीददारी के उधार के पैसों को लेकर हुए झगड़े की सूचना मिलते ही SHO कैथवाडा मौके पर पहुँचे। घायलों को अस्पताल भर्ती कराया गया। मौके से दोनों पक्षों के दो-दो व्यक्तियों के विरुद्ध 151 जाफो की कार्रवाई की गई है। गाँव में पुलिस तैनात है। मौके पर शांति है।”

वहीं एक अन्‍य ट्वीट में पुल‍िस ने कहा, अभी तक किसी पक्ष द्वारा थाना कैथवाड़ा पर प्रकरण दर्ज करने हेतु रिपोर्ट नहीं दी है। साथ ही बताया कि थानाधिकारी कैथवाड़ा को मामले में नियमानुसार कार्यवाही के निर्देश दिए गए है।

एक ट्वीटर यूजर बंटी चौधरी ने एक वीडियो पोस्‍ट क‍िया और कहा, “भरतपुर के कुम्हेर थाना क्षेत्र में कल हुई घटना में पुलिस प्रशासन की अनुशासनहीनता साफ नजर आ रही है जिसके घर में हमला हुआ, उन्हीं महिलाओं को थाना में बैठा कर परेशान किया जा रहा है।”

हालाँकि हम इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करते हैं। ‘दैनिक भास्कर‘ की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित पक्ष के लोगों ने बताया कि गाँव में उनके समाज के करीब 30 मकान हैं। रात को उनके बच्चों ने गाँव में पटाखे फोड़े, रात को कोई विवाद नहीं हुआ। सुबह के समय कुछ विशेष समुदाय के लोग उनके घरों पर पहुँचे और आते ही उन्होंने मारपीट शुरू कर दी। जब उनसे मारपीट का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि तुम लोग दीपावली नहीं मनाओगे।

घटना में एक कई लोगों के चोटें आईं हैं। आरोप है कि विशेष मुस्लिम समुदाय के लोगों ने महिलाओं से मारपीट कर उनके कपड़े भी फाड़ दिए। बच्चों को पीटा। झगड़े के बाद कई संगठन गाँव में पहुँच रहे हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

नई नहीं है दुकानों पर नाम लिखने की व्यवस्था, मुजफ्फरनगर पुलिस ने काँवड़िया रूट पर मजहबी भेदभाव के दावों को किया खारिज: जारी की...

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस ने ताजी एडवायजरी जारी की है, जिसमें दुकानों और होटलों पर मालिकों के नाम लिखने को ऐच्छिक कर दिया है।

‘भ#$गी हो, भ$गी बन के रहो’: जामिया के 3 प्रोफेसर पर FIR, दलित कर्मचारी पर धर्म परिवर्तन का डाल रहे थे दबाव; कहा- ईमान...

एफआईआर में आरोपित नाज़िम हुसैन अल-जाफ़री जामिया मिल्लिया इस्लामिया के रजिस्ट्रार हैं तो नसीम हैदर डिप्टी रजिस्ट्रार। इनके साथ ही आरोपित शाहिद तसलीम यूनिवर्सिटी में प्रोफ़ेसर हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -