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लव ही नहीं, नार्कोटिक जिहाद की शिकार भी बनाई जा रही हिंदू और ईसाई लड़कियाँ: केरल के बिशप ने चेताया

बिशप ने कहा कि केरल में 'लव जिहाद' होने से इनकार करने का कोई भी प्रयास सच्चाई से मुँह मोड़ लेने जैसा है। वह बोले कि मुस्लिम विचारों को जबरदस्ती लाने की योजना चल रही है।

केरल के कोट्टयम में सायरो मालाबार चर्च पाला धर्मप्रांत के ‘मार जोसेफ कल्लारंगट’ नामक एक बिशप ने अपने बयान में कहा कि केरल में कैथोलिक लड़कियाँ अब ‘लव और नार्कोटिक जिहाद’ की शिकार हो रही हैं। उन्होंने यह बात कोट्टायम जिले के कुरुविलंगाडु में एक चर्च समारोह में बोली, जो उनके सूबे के अंतर्गत आता है।

कुरुविलंगाडु चर्च के यूट्यूब चैनल पर 8 सितंबर को पब्लिश हुई एक वीडियो में, बिशप ने चेतावनी दी कि कट्टरपंथी ऐसे तरीकों का इस्तेमाल उन जगहों पर कर रहे हैं जहाँ हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है और कैथोलिक परिवारों को इस संबंध में सावधान रहना चाहिए।

वह बताते हैं कि केरल में एक खास ग्रुप है जो विभिन्न इलाकों में कैथोलिक और हिंदू युवाओं को ड्रग व अन्य नशों का आदी बना रहे हैं। ऐसे लोगों का मकसद दूसरे धर्म को भ्रष्ट करने का है। लव जिहाद और नार्कोटिक्स जिहाद दो चीजें हैं जिन पर ध्यान दिया जाना चाहिए। पूर्व डीजीपी ने भी कहा था कि केरल आतंकियों का भर्ती केंद्र बनता जा रहा है। इधर आतंकियों के स्लीपिंग सेल्स हैं।

उन्होंने कहा कि केरल में ‘लव जिहाद’ होने से इनकार करने का कोई भी प्रयास सच्चाई से मुँह मोड़ लेने जैसा है। बिशप ने कहा कि मुस्लिम विचारों को जबरदस्ती लाने की योजना चल रही है। सभी कैथोलिकों को इसके बारे में पता होना चाहिए और सतर्क रहना चाहिए।

बिशप कहते हैं कि कुछ लोग ये कहकर चरमपंथ को बढ़ावा दे रहे हैं कि न्याय, शांति और इस्लाम के लिए युद्ध और संघर्ष जरूरी है। कुछ जिहादी चरमपंथी विश्व भर में हैं जो नस्लवाद, नफरत और घृणा को बढ़ावा दे रहे हैं। इसमें उनका स्वार्थ है। कई प्रयास हुए हैं कि मुस्लिम विचारधारा को लागू किया जा सके। हलाल विवाद इसका उदाहरण है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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