Tuesday, June 25, 2024
Homeदेश-समाजरामेश्वर कैफे ब्लास्ट केस में निकला लश्कर-ए-तैयबा का भी कनेक्शन, सजायाफ्ता आतंकी शोएब अहमद...

रामेश्वर कैफे ब्लास्ट केस में निकला लश्कर-ए-तैयबा का भी कनेक्शन, सजायाफ्ता आतंकी शोएब अहमद मिर्जा गिरफ्तार : बेंगलुरु NIA ने किया अरेस्ट

एनआईए ने रामेश्वरम ब्लास्ट केस में शोएब अहमद मिर्जा उर्फ ​​छोटू को पकड़ा है। वो लश्कर ए तैयबा से जुड़े मामले में जेल की सजा काट चुका है।

रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट केस का लश्कर-ए-तोएबा से भी कनेक्शन निकला है। इस केस की जाँच कर रही राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार (24 मई 2024) को पाँचवें आतंकी शोएब अहमद मिर्जा उर्फ छोटू को गिरफ्तार किया है। एनआईए ने चार राज्यों में छापेमारी के बाद शोएब अहमद मिर्जा को पकड़ा है। शोएब कर्नाटक के हुबली का रहने वाला है। वो आतंकवाद के मामले में दोषी ठहराया जा चुका है और सजा काटने के बाद जब रिहा हुआ, तो फिर से आतंकवाद फैलाने में जुट गया था। शोएब अहमद मिर्जा उर्फ छोटू की उम्र 35 वर्ष है। वो लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़ा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शोएब अहमद मिर्जा उर्फ छोटू दक्षिण भारत में सक्रिय कट्टर इस्लामिक आतंकियों में से एक है। एनआईए की जाँच में पाया गया कि शोएब मिर्जा, जो पहले लश्कर-ए-तैयबा बेंगलुरु मामले में दोषी ठहराया गया था, जेल से रिहा होने के बाद एक नई साजिश में शामिल हो गया। जाँच में यह सामने आया कि अहमद मिर्जा ने साल 2018 में अब्दुल मतीन ताहा को एक ऑनलाइन हैंडलर से मिलवाया, जिसके विदेश में होने का संदेह था। अहमद ने उनके बीच एन्क्रिप्टेड संचार के लिए एक ईमेल आईडी भी दी थी। बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट में अब्दुल मतीन ताहा मुख्य आरोपित है। उसने धमाके को अंजाम दिया था और वो पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार हुआ था।

बता दें कि अब्दुल मतीन ताहा को 12 अप्रैल 2024 को कोलकाता में एक और आरोपी मुसाविर हुसैन शाजिब के साथ गिरफ्तार किया गया था। एनआईए ने मंगलवार (21 मई 2024) को इस विस्फोट के पीछे की पूरी साजिश का पर्दाफाश करने और अन्य आरोपितों की पहचान करने के लिए कई राज्यों में छापेमारी की थी। एनआईए की टीम ने इस सिलसिले में कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में 11 स्थानों पर छापेमारी की थी।

इंजीनियर सोहैल को किया था गिरफ्तार

इससे पहले, 21 मई 2024 को एनआईए ने बेंगलुरु के कुमारस्वारी लेआउट और बन्शांकरी में भी छापेमारी की थी। ये छापेमारी रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट के मुख्य आतंकियों मुसाविर हुसैन शाजिब और अब्दुल मतीन ताहा से पूछताछ के बाद मिली जानकारी के आधार पर की गई थी, जिन्होंने इस धमाके की प्लानिंग कर धमाके को अंजाम दिया था। एनआईए के अधिकारियों ने आँध्र प्रदेश अनंतपुर जिले में स्थिति रायदुर्गम कस्बे में एक रिटायर्ड हेडमास्टर अब्दुल के घर पर भी छापेमारी की थी। इस छापेमारी में हेडमास्टर अब्दुल और उसके बेटे सोहैल से उनके बैंक खातों को लेकर पूछताछ की गई। दोनों के खातों में काफी पैसे मिले। सोहैल बेंगलुरु में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम करता है। इस पूछताछ के बाद एनआईए ने सोहैल को गिरफ्तार कर लिया था। इस केस में शोएब अहमद मिर्जा के साथ अब तक कुल 5 आतंकी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

गौरतलब है कि बेंगलुरु के ब्रुकफील्ड में आईटीपीएल रोड स्थित कैफे में एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) के जरिए विस्फोट हुआ था, जिसमें कई ग्राहक और स्टाफ सदस्य घायल हो गए थे। 1 मार्च 2024 को बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे में हुए ब्लास्ट की जाँच के दौरान एनआईए ने पूरे भारत में 29 जगहों पर छापेमारी की थी। एनआईए इस केस में हैंडलर की भूमिका और इस ब्लास्ट के पीछे की बड़ी साजिश को लेकर लगातार जाँच कर रही है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

श्रवण शुक्ल
श्रवण शुक्ल
Shravan Kumar Shukla (ePatrakaar) is a multimedia journalist with a strong affinity for digital media. With active involvement in journalism since 2010, Shravan Kumar Shukla has worked across various mediums including agencies, news channels, and print publications. Additionally, he also possesses knowledge of social media, which further enhances his ability to navigate the digital landscape. Ground reporting holds a special place in his heart, making it a preferred mode of work.

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हिंदुओं का गला रेता, महिलाओं को नंगा कर रेप: जो ‘मालाबर स्टेट’ माँग रहे मुस्लिम संगठन वहीं हुआ मोपला नरसंहार, हमें ‘किसान विद्रोह’ पढ़ाकर...

जैसे मोपला में हिंदुओं के नरसंहार पर गाँधी चुप थे, वैसे ही आज 'मालाबार स्टेट' पर कॉन्ग्रेसी और वामपंथी खामोश हैं।

जूलियन असांजे इज फ्री… विकिलीक्स के फाउंडर को 175 साल की होती जेल पर 5 साल में ही छूटे: जानिए कैसे अमेरिका को हिलाया,...

विकिलीक्स फाउंडर जूलियन असांजे ने अमेरिका के साथ एक डील कर ली है, इसके बाद उन्हें इंग्लैंड की एक जेल से छोड़ दिया गया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -