Tuesday, June 25, 2024
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सॉफ्टवेयर इंजीनियर सोहैल धराया, खाते में मिली मोटी रकम, NIA ने 2 डॉक्टरों के ठिकानों पर भी मारी रेड: रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट मामले में कार्रवाई

सोहैल बेंगलुरु में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम करता है। इस पूछताछ के बाद एनआईए ने सोहैल को हिरासत में ले लिया है और उससे रायदुर्गा पुलिस थाने में पूछताछ की जा रही है।

रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट में एनआईए (National Investigation Agency-NIA) लगातार छापेमारी कर रही है। एनआईए ने दक्षिण भारत में 11 ठिकानों पर मंगलवार (21 मई 2024) को छापेमारी की। बता दें कि बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट में 1 मार्च 2024 को ब्लास्ट हुआ था, जिसमें 10 लोग घायल हो गए थे। इस धमाके से जुड़े मुख्य आतंकियों को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया था। एनआईए इस केस में सभी तारों को जोड़ रही है और आतंकियों के सहायकों को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है।

एनआईए के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये छापेमारी कई राज्यों में की गई। एनआईए ने बेंगलुरु के कुमारस्वारी लेआउट और बन्शांकरी में भी छापेमारी की। अधिकारी के मुताबिक, रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट के मुख्य आतंकियों मुसाविर हुसैन शाजिब और अब्दुल मतीन ताहा से पूछताछ के बाद मिली जानकारी के आधार पर छापेमारी की गई, जिन्होंने इस धमाके की प्लानिंग कर धमाके को अंजाम दिया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, एनआईए के अधिकारियों ने आँध्र प्रदेश अनंतपुर जिले में स्थिति रायदुर्गम कस्बे में एक रिटायर्ड हेडमास्टर अब्दुल के घर पर भी छापेमारी की है। इस छापेमारी में हेडमास्टर अब्दुल और उसके बेटे सोहैल से उनके बैंक खातों को लेकर पूछताछ की गई। दोनों के खातों में काफी पैसे मिले हैं। सोहैल बेंगलुरु में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम करता है। इस पूछताछ के बाद एनआईए ने सोहैल को हिरासत में ले लिया है और उससे रायदुर्गा पुलिस थाने में पूछताछ की जा रही है।

साउथ फर्स्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, सोहैल काफी समय से एनआईए की रडार में था और वो अब्दुल मतीन से जुड़ा हुआ था। अब्दुल मतीन ही रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट केस में मास्टरमाइंड है। बता दें कि एनआईए ने 1 मार्च 2024 को हुए धमाके की जाँच 3 मार्च 2024 को अपने हाथ में ली ली थी। इसके बाद एनआईए ने 12 अप्रैल 2024 को दोनों मुख्य आतंकियों अतीन अहमद ताहा और बम रखने वाले मुसाविर हुसैन शाजिब को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया था, जहाँ दोनों फर्जी नाम-पहचान के साथ छिपकर रह रहे थे। शारिब बेंगलुरु में 19 नवंबर 2022 को हुए ब्लास्ट में भी शामिल रहा था।

कोयंबटूर में 2 डॉक्टरों के ठिकानों पर दबिश

एनआईए ने जिन 11 ठिकानों पर छापेमारी की, उसमें तमिलनाडु के कोयंबटूर के 2 डॉक्टर भी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एनआईए ने कोयंबटूर के पेरिया सुब्बन्ना गॉउंडर स्ट्रीट और साईबाबा कॉलोनी के नारायण गुरु रोड पर छापेमारी की। सूत्रों के मुताबिक, दोनों डॉक्टर कर्नाटक के रहने वाले हैं और कोयंबटूर के साइबाबा कॉलोनी में स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल में 2 साल से ट्रेनिंग कर रहे हैं। एनआईए ने मंगलवार की सुबह 8 बजे से ही छापेमारी शुरू कर दी थी।

फल व्यापारी भी रडार में

इस मामले में हैदराबाद बेस्ड पत्रकार सुधाकर उडुमुला ने बताया है कि बेंगलुरु की एनआईए टीम ने विकाराबाद जिले में एक व्यापारी को पकड़ा है। उसकी उम्र 50 साल के आसपास है। व्यापारी मूलत: पुणे से है, लेकिन वो महाराष्ट्र के नांदेड़ में रहता है। वो वहाँ फलों का व्यापार करता है। सूत्रों का कहना है कि वो व्यापारी कई मामलों में शामिल रहा है और कर्नाटक के एक केस में सजा भी काट चुका है।

इससे पहले, इस मामले में एनआईए ‘कर्नल’ कोडनेम वाले आतंकी की तलाश में लगी हुई है, जो ताहा और शाजिब के संपर्क में था। दोनों आईएसआईएस के अल-हिंद मॉड्यूल के संपर्क में 2019-20 में आए थे, तभी से कर्नल उनके संपर्क में था। एनआईए की चार्जशीट के मुताबिक, ताहा और शाजिब आईएसआईएस की 20 सदस्यीय अल-हिंद शाखा से जुड़े हैं।

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श्रवण शुक्ल
श्रवण शुक्ल
Shravan Kumar Shukla (ePatrakaar) is a multimedia journalist with a strong affinity for digital media. With active involvement in journalism since 2010, Shravan Kumar Shukla has worked across various mediums including agencies, news channels, and print publications. Additionally, he also possesses knowledge of social media, which further enhances his ability to navigate the digital landscape. Ground reporting holds a special place in his heart, making it a preferred mode of work.

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