Wednesday, July 28, 2021
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CCTV से बचने के लिए सचिन वाजे गाड़ी से नहीं, ट्रेन से गया ठाणे: छलांग मार कूदा था पुलिस मुख्यालय की दीवार

NIA पता लगा रही है कि आखिर कौन-कौन वाजे के साथ वहाँ था, जहाँ मनसुख को बुलाया गया था? क्या मनसुख को मारने के बाद वाजे ने बॉडी को ठिकाने लगाने को बोला था? क्या वाजे ने जिंदा मनसुख को हत्यारों के हवाले कर दिया था?

एंटीलिया बम कांड और मनसुख हिरेन की मौत के मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एनआईए की टीम सोमवार देर रात सचिन वाजे को लेकर CSMT स्टेशन पहुँची और 4 मार्च के सीन को रीक्रिएट किया।

एनआईए की टीम ने CCTV फुटेज के साथ सबूतों को पुख्ता करने के लिए प्लेटफॉर्म नंबर 4 और 5 पर रेड टेपिंग कर वाजे को चलवाया। इस दौरान पुणे से गई फॉरेंसिक टीम भी वहाँ मौजूद थी। फॉरेंसिक टीम ने वाजे के मूवमेंट को रिकॉर्ड भी किया। इसकी एनालिसिस कर टीम एक दो से दिन में अपनी रिपोर्ट NIA को सौंपेगी।

एनआईए की टीम सचिन वाजे के साथ सीएसटी स्टेशन पर (फोटो: एएनआई)

बताया जा रहा है कि मनसुख की हत्या के समय मुंबई पुलिस का अधिकारी (अब निलंबित) सचिन वाजे ठाणे भी गया था। वाजे यह जानता था कि अगर वह गाड़ी से जाएगा तो किसी न किसी सीसीटीवी में कैद हो जाएगा, जिससे उसका झूठ सबके सामने आ सकता है। इसलिए वह पैदल ही कमिश्नर ऑफिस से निकला और सीएसएमटी स्टेशन गया, यहाँ से उसने ठाणे के लिए ट्रेन पकड़ी थी। रिपब्लिक टीवी के मुताबिक, सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए सचिन वाजे मुंबई पुलिस मुख्यालय की दीवार से भी कूद गया था। फुटेज से इसका खुलासा हुआ है।

एनआईए के सूत्रों ने बताया कि 30 मार्च को उन्हें जानकारी मिली थी कि वाजे लोकल ट्रेन पकड़ कर सीएसएमटी स्टेशन से ठाणे गया था। इसके बाद NIA ने सीएसटी स्टेशन जाकर CCTV फुटेज का पता लगाना शुरू कर दिया, जिसके बाद इस मामले से जुड़े कई सबूत उनके हाथ लगे।

सूत्रों के अनुसार, सचिन 4 मार्च को शाम 7 बजे सीएसएमटी स्टेशन पर दिखाई दिया था। उसके बाद वह ठाणे के लिए ट्रेन लेने करीब 8.10 बजे स्टेशन पहुँचा था। इसके बाद उसने बुकी नरेश से खरीदे गए सिम कार्ड का इस्तेमाल कर एक फोन कॉल किया। बुकी नरेश वर्तमान में एनआईए की हिरासत में है।

एनआईए के एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें संदेह है कि वाजे ने फिर रात 8 बजकर 31 मिनट पर तावड़े बन कर मनसुख को फोन कर बाहर बुलाया था। टीम इस बात की जाँच कर रही है कि आखिर कौन-कौन वाजे के साथ घोडबंदर रोड पर था, जहाँ मनसुख को बुलाया गया था? क्या मनसुख को मारने के बाद वाजे ने बॉडी को ठिकाने लगाने को बोला था? क्या वाजे ने जिंदा मनसुख को हत्यारों के हवाले कर दिया था?

ABP की रिपोर्ट के अनुसार एनआईए को उसकी जाँच में यह भी पता चला है कि मनसुख की हत्या होने के बाद वाजे फिर ठाणे स्टेशन पर आया और ट्रेन पकड़ कर करीब 10 बजकर 30 मिनट पर भायखला स्टेशन पहुँचा, लेकिन भायखला रेलवे स्टेशन से वो टिप्सी बार के पास रात करीब 11 बजकर 45 मिनट पर पहुँचा था। भायखला स्टेशन उतरने के बाद वाजे की एक बड़े और नामी व्यक्ति के साथ मीटिंग हुई थी और मीटिंग खत्म होने के बाद वाजे टिप्सी बार पर रेड मारने पहुँचा था।

सचिन वाजे के सारे पैसे सँभालती थी मीना जॉर्ज

NIA के सूत्रों के मुताबिक मीना जॉर्ज ही सचिन वाजे के सारे पैसों को सँभालने का काम करती थी। मीना जॉर्ज ने मुंबई से सटे मीरा रोड इलाके में एक फ्लैट किराए पर ले रखा था। मीना जॉर्ज नाम की महिला सचिन वाजे के न सिर्फ पैसों का हिसाब रखती थी, बल्कि मुंबई के वर्सोवा इलाके में मौजूद DCB बैंक में सचिन वाजे और मीना जॉर्ज का ज्वाइंट वेंचर अकाउंट और लॉकर भी मौजूद था। सचिन वाजे की गिरफ्तारी के बाद महज 4000 रुपये छोड़ कर इस अकाउंट के लॉकर से सारी रकम निकाल ली गई थी।

महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख का इस्तीफा

गौरतलब है कि इस मामले में सोमवार को मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के आरोपों के बाद महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने अपना इस्तीफा दे दिया। परमबीर सिंह ने आरोप लगाया था कि अनिल देशमुख ने सचिन वाजे को सौ करोड़ रुपए वसूली का टारगेट दिया था। इसके अलावा परमबीर सिंह ने देशमुख पर कई अन्य आरोप भी लगाए थे।  

क्या है एंटीलिया मामला

बता दें कि निलंबित पुलिस अधिकारी वाजे ने खुद 25 फरवरी को उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास एंटीलिया के पास पार्क किए गए विस्फोटक से भरे स्कॉर्पियो में धमकी भरा पत्र रखा था। एनआईए ने खुलासा किया कि वाजे पहले स्कॉर्पियो के अंदर धमकी भरा पत्र रखना भूल गया था और बाद में इसे रखने के लिए वापस आया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जाँच के दौरान, एनआईए अधिकारियों ने पाया कि वाजे ने एंटीलिया के पास बम से लदे वाहन को पार्क करने से लेकर धमकी भरे पत्र को कार के अंदर रखने तक की पूरी कवायद को खुद से कॉर्डिनेट किया था। एनआईए अधिकारियों ने निष्कर्ष पर पहुँचने के लिए मुलुंड टोल कलेक्शन प्वाइंट से सीसीटीवी फुटेज प्राप्त किया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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