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खालिस्तानी आतंकी पन्नू पर NIA ने कसा शिकंजा: अमृतसर और चंडीगढ़ की संपत्ति जब्त, अब सरकारी हुई उसकी प्रॉपर्टी

पन्नू वहीं से भारत विरोधी गतिविधियाँ करता रहता है और पंजाब के लोगों को खालिस्तान के नाम पर भड़काता है। भारत सरकार ने साल 2019 में उसके संगठन SFJ पर प्रतिबंध लगाया था। इसके बाद साल 2020 में UAPA के तहत उसे आतंकी घोषित कर दिया था। तब से वह NIA की मोस्ट वांटेड लिस्ट में है।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसकी पंजाब और चंडीगढ़ स्थित प्रॉपर्टी को जब्त कर ली है। पन्नू प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) का मुखिया है। वह विदेश में बैठकर भारत विरोधी वीडियो जारी करता रहता है। भारत-कनाडा विवाद के बीच उसने कनाडा में रहने वाले हिंदुओं को देश छोड़ने की धमकी दी थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, NIA ने अमृतसर जिले में स्थित पन्नू के पैतृक गाँव खानकोट में उसकी 46 कनाल कृषि भूमि जब्त कर ली है। वहीं, चंडीगढ़ के सेक्टर 15C में स्थित उसका घर भी जब्त कर लिया गया है। इससे पहले साल 2020 में कोर्ट ने पन्नू को भगोड़ा घोषित कर इन संपत्तियों को कुर्क किया था। कोर्ट ने पन्नू की इन संपत्तियों की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी थी।

अब एनआईए की कार्रवाई के साथ पन्नू का इन दोनों संपत्तियों पर से हक भी खत्म हो गया है। सीधे शब्दों में कहें तो उसकी संपत्ति अब सरकार की हो गई है। पन्नू के खिलाफ यह कार्रवाई मोहाली स्थित NIA कोर्ट के आदेश पर हुई है। NIA ने पन्नू की संपत्ति जब्त करते हुए उसके घर के बाहर जब्ती का नोटिस बोर्ड लगाया है।

बता दें कि गुरपतवंत सिंह पन्नू मूल रूप से पंजाब के अमृतसर जिले के खानकोट गाँव निवासी था। पंजाब यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद वह विदेश चला गया और अब अमेरिका का नागरिक है। ऐसा माना जाता है कि पन्नू कभी अमेरिका तो कभी कनाडा में रहता है। पंजाब में उस पर 20 से अधिक केस दर्ज हैं।

पन्नू वहीं से भारत विरोधी गतिविधियाँ करता रहता है और पंजाब के लोगों को खालिस्तान के नाम पर भड़काता है। भारत सरकार ने साल 2019 में उसके संगठन SFJ पर प्रतिबंध लगाया था। इसके बाद साल 2020 में UAPA के तहत उसे आतंकी घोषित कर दिया था। तब से वह NIA की मोस्ट वांटेड लिस्ट में है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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