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मुहर्रम की जुलूस में फँसी रवि की कार, भीड़ ने रॉड और डंडे से तोड़ डाला: अब तक 9 गिरफ्तार

आरोपितों की पहचान मोहम्मद सलीम, फहाद उस्मान, फैजान, मोहम्मद इरफान, मोहम्मद कलीम, असद इलियास नबी, गुलाब बाबू, मोहम्मद वकील और मोहम्मद अनस के रूप में हुई है।

प्रयागराज के मुट्ठीगंज इलाके में आर्यकन्या चौराहे के पास मुहर्रम के जुलूस के दौरान व्यापारी रवि केसरवानी की गाड़ी में हुई तोड़फोड़ मामले में पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना रविवार (सितंबर 8,2019) देर रात 10 बजे की है। लेकिन गिरफ्तारी सोमवार (सितंबर 9, 2019) को हुई है। आरोपितों की पहचान मोहम्मद सलीम, फहाद उस्मान, फैजान, मोहम्मद इरफान, मोहम्मद कलीम, असद अलियास नबी, गुलाब बाबू, मोहम्मद वकील और मोहम्मद अनस के रूप में हुई है।

पुलिस के मुताबिक रविवार को कीडगंज थाने वाली सड़क से जुलूस निकाला गया। इस जुलूस को सीमेट्री रोड से मुड़कर बीच वाली सड़क, मुट्ठीगंज, हटिया, सुलाकी चौराहर, बजाजा पट्टी होते हुए वापस कीडगंज आना था। लेकिन करीब 9: 15 बजे जब ये जुलूस बरगद वाली गली के पास के होकर गुजर रहा था तब रवि की गाड़ी इनके जुलूस के बीच में आ गई और जुलूस में शामिल लोगों ने गुस्से में रवि की कार पर हमला कर दिया। लोहे की रॉड और डंडे की मदद से रवि की कार के शीशे तोड़े गए।

बवाल बढ़ता देख वहाँ कुछ लोग जमा हुए तो शीशे तोड़ने वाली भीड़ वहाँ से चली गई। रवि को भी उनके घर भेज दिया गया। लेकिन घटना से गुस्साए लोगों ने इसके बाद मुठ्ठीगंज और फिर आर्यकन्या चौराहे पर जाम लगा दिया।

सूचना मिलते ही पुलिस भी मौक़े पर पहुँची और लोगों को हटाने का प्रयास किया। लेकिन प्रदर्शन कर रहे लोगों में गुस्सा इतना था कि वो सड़क से नहीं हटे। इस दौरान यहाँ हिंदू संगठन के लोग भी पहुँचे। बाद में भारी फोर्स बुलाई गई और डीआईजी एवं एसएसपी की मौजूदगी में लोगों को समझाकर मामला शांत कराया गया।

हालाँकि मामले के संबंध में उस समय कोई गिरफ्तारी नहीं हुई, लेकिन अगले दिन पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर इन 9 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। डीआईजी केपी सिंह के मुताबिक, “कार मालिक की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ मामले को आईपीसी धारा 147, 148, 427 और 504 के तहत दर्ज कर लिया गया है और 9 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।”

डीआईजी की मानें तो इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई अवांछित पोस्ट अपलोड किए जा रहे हैं, जिसमें गलत जानकारी फैलाकर घटना को साम्प्रादायिक रूप देने की कोशिश हो रही है। इसलिए इलाहाबाद पुलिस की साइबर सेल कोशिश में जुटी हैं कि इस घटना से संबंधित तस्वीरों को डिलीट किया जा सके और ऐसे पोस्ट करने वालों पर एक्शन हो सके। इसके लिए उन्होंने फर्जी खबर फैलाने वालों को चेतावनी भी दी है, कि अगर ऐसी अफवाहें फैलाने से बाज नहीं आए तो उनके ख़िलाफ़ लीगल नोटिस जारी होगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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