Wednesday, January 27, 2021
Home राजनीति 'राम-राम नहीं, जय भीम बोलो': दरोगा रमेश राम ने माँ का श्राद्ध कर रहे...

‘राम-राम नहीं, जय भीम बोलो’: दरोगा रमेश राम ने माँ का श्राद्ध कर रहे परिजनों को जम कर पीटा, CM योगी ने लिया संज्ञान

उक्त थाना प्रभारी रमेश कुमार राम ने पीड़ित को थाने में बंद कर के कई घंटों तक पीटा और जब दर्द के मारे उनके मुँह से राम-राम निकलने लगा तो दरोगा ने 'जय भीम' कहने को कहा। जातिवादी टिप्पणी करते हुए उसने कहा कि वो ब्राह्मणों और ठाकुरों को सबक सिखाने के लिए ही पुलिस में भर्ती हुआ है।

गाजीपुर के नगसर हॉल्ट थानाध्यक्ष द्वारा किए गए कृत्य का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। नूरपुर की इस घटना के बाद थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर कर दिया गया है। बता दें कि थानाध्यक्ष रमेश कुमार राम ने एक भारतीय सेना के जवान सहित 8 लोगों की क्रूरतापूर्वक सिर्फ इसीलिए पिटाई कर दी क्योंकि क्योंकि उसने अपनी माँ का श्राद्ध किया था। मुख्यमंत्री ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी ओमप्रकाश आर्य ने नूरपुर पहुँच कर पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने नगसर हॉल्ट थाने के पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की। उन्होंने इस मामले में जाँच कर के तुरंत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय को इस घटना को लेकर अवगत कराया। जिले के प्रभारी मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल ने भी नूरपुर पहुँच कर स्थिति का जायजा लिया। पीड़ित का नाम झनकू पांडेय उर्फ़ राजन है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उक्त थाना प्रभारी रमेश कुमार राम ने पीड़ित को थाने में बंद कर के कई घंटों तक पीटा और जब दर्द के मारे उनके मुँह से राम-राम निकलने लगा तो दरोगा ने ‘जय भीम’ कहने को कहा। जातिवादी टिप्पणी करते हुए उसने कहा कि वो ब्राह्मणों और ठाकुरों को सबक सिखाने के लिए ही पुलिस में भर्ती हुआ है। पीड़ित की चमड़ी तक उधेड़ दी गई। दरोगा ने परिवार के 9 लोगों को जेल भी भेज दिया।

सोशल मीडिया पर पीड़ितों की पिटाई के बाद की तस्वीरें वायरल हो गईं, जिसके बाद लोगों ने इस घटना पर आक्रोश जताया। पीड़ितों के कपड़े उतार कर पिटाई की गई थी, जिससे उनके शरीर पर लाल-लाल धब्बे बन गए थे। पीड़ितों में सुशिल पांडेय भी शामिल हैं, जो सेना में हैं। ये मामला शुरू हुआ माया देवी नामक महिला की मृत्यु के बाद जो पीड़ितों की बड़ी माता थीं। श्राद्ध में कई परिजन भी पहुँचे थे।

परिजन जब खाने-पीने की व्यवस्था कर रहे थे, तभी दरोगा रमेश कुमार राम ने पुलिसकर्मियों के साथ सादी वर्दी में पहुँच कर माँ की गाली दी और आरोप लगाया कि उनलोगों ने झनकू पांडेय को घर में छिपा रखा है। जातिवादी टिप्पणी करते हुए थानाध्यक्ष ने अपने पुलिसकर्मियों को पीड़ितों की पिटाई करने का निर्देश दिया। थानाध्यक्ष ने कहा कि इनकी हड्डियाँ तोड़ दो। लाठी और बन्दूक के पिछले हिस्से से मार खाते हुए बचने के लिए लोग घरों में घुस गए।

इसके बाद रमेश कुमार राम और उसके मातहत पुलिसकर्मियों ने घर में घुस कर भी लोगों की पिटाई की और सामान को तोड़ना शुरू कर दिया। उनके बचाव में आए ग्रामीणों को भी गाड़ी में ठूँस कर थाने ले जाया गया। पीड़ितों के मुँह पर मुक्के भी मारे गए। एफआईआर में परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस की इस हरकत के कारण श्राद्ध तक नहीं हो पाया। वहीं पुलिस ने पीड़ित परिवार पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है।

थाना का कहना है कि पीड़ित परिजनों ने मुजरिम को घर में छिपा रखा था और तहकीकात करने गई पुलिस के साथ उन्होंने हाथापाई की। वहीं 3 पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात भी कही गई है। पुलिस के अनुसार, उसे सूचना मिली थी कि झनकू पांडेय हत्या की नीयत से रिवाल्वर लेकर गाँव में घूम रहा है। मौके से कारतूस बरामद होने की बात भी कही गई है। लेकिन, थाने में हुई बर्बरतापूर्वक पिटाई से जनाक्रोश अभी भी है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

Video: किसानों के हमले में दीवार से एक-एक कर गिरते रहे पुलिसकर्मी, 109 घायल

वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ द्वारा किए गए हमले से पुलिसकर्मी एक-एक कर लाल किले की दीवार से नीचे गिरते जा रहे हैं।

बिहारी-गुजराती-तमिल-कश्मीरी किसान हो तो डूब मरो… क्योंकि किसान सिर्फ पंजाबी-खालिस्तानी होते हैं, वही अन्नदाता हैं

वास्तविकता ये है कि आप इतने दिनों से एक ऐसी भीड़ के जमावड़े को किसान का आंदोलन कहते रहे। जिसकी परिभाषा वामपंथी मीडिया गिरोह और विपक्षियों ने गढ़ी और जिसका पूरा ड्राफ्ट एक साल पहले हुए शाहीन बाग मॉडल के आधार पर तैयार हुआ।

जर्मनी, आयरलैंड, स्पेन आदि में भी हो चुकी हैं ट्रैक्टर रैलियाँ, लेकिन दिल्ली वाला दंगा कहीं नहीं हुआ

दिल्ली में जो आज हुआ, स्पेन, आयरलैंड, और जर्मनी के किसानों ने वो नहीं किया, हालाँकि वो भी अन्नदाता ही थे और वो भी सरकार के खिलाफ अपनी माँग रख रहे थे।

किसानों के आंदोलन में खालिस्तानी कड़े और नारे का क्या काम?

सवाल उठता है कि जो लोग इसे पवित्र निशान साहिब बोल रहे हैं, वो ये बताएँ कि ये नारा और कड़ा किसका है? यह भी बताएँ कि एक किसान आंदोलन में मजहबी झंडा कहाँ से आया? उसे कैसे डिफेंड किया जाए कि तिरंगा फेंक कर मजहबी झंडा लगा दिया गया?

कैपिटल हिल के लिए छाती पीटने वाले दिल्ली के ‘दंगाइयों’ के लिए पीट रहे ताली: ट्रम्प की आलोचना करने वाले करेंगे राहुल-प्रियंका की निंदा?

कैपिटल हिल वाले अगर दंगाई थे तो दिल्ली के उपद्रवी संत कैसे हुए? ट्रम्प की आलोचना हो रही थी तो राहुल-प्रियंका की निंदा क्यों नहीं? ये दोहरा रवैया अपनाने वाले आज भी फेक न्यूज़ फैलाने में लगे हैं।

वीडियो: जब दंगाई को किसी ने लाल किला पर तिरंगा लगाने दिया, और उसने फेंक दिया!

लाल किले पर एक आदमी सिखों का झंडा चढ़ाने खम्बे पर चढ़ा। जब एक आदमी ने उसकी ओर तिरंगा बढ़ाया तो उसने बेहद अपमानजनक तरीके से तिरंगे को दूर फेंक दिया।

प्रचलित ख़बरें

दिल्ली में ‘किसानों’ ने किया कश्मीर वाला हाल: तलवार ले पुलिस को खदेड़ा, जगह-जगह तोड़फोड़, पुलिस वैन पर पथराव

दिल्ली में प्रदर्शनकारी पुलिस के वज्र वाहन पर चढ़ गए और वहाँ जम कर तोड़-फोड़ मचाई। 'किसानों' द्वारा तलवारें भी भाँजी गईं।

महिला पुलिस कॉन्स्टेबल को जबरन घेर कर कोने में ले गए ‘अन्नदाता’, किया दुर्व्यवहार: एक अन्य जवान हुआ बेहोश

महिला पुलिस को किसान प्रदर्शनकारी चारों ओर से घेरे हुए थे। कोने में ले जाकर महिला कॉन्स्टेबल के साथ दुर्व्यवहार किया गया।

दलित लड़की की हत्या, गुप्तांग पर प्रहार, नग्न लाश… माँ-बाप-भाई ने ही मुआवजा के लिए रची साजिश: UP पुलिस ने खोली पोल

बाराबंकी में दलित युवती की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया। पुलिस ने बताया कि पिता, माँ और भाई ने ही मिल कर युवती की हत्या कर दी।

तेज रफ्तार ट्रैक्टर से मरा ‘किसान’, राजदीप ने कहा- पुलिस की गोली से हुई मौत, फिर ट्वीट किया डिलीट

राजदीप सरदेसाई ने तिरंगे में लिपटी मृतक की लाश की तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा कि इसकी मौत पुलिस की गोली से हुई है।

हिंदुओं को धमकी देने वाले के अब्बा, मोदी को 420 कहने वाले मौलाना और कॉन्ग्रेस नेता: ‘लोकतंत्र की हत्या’ गैंग के मुँह पर 3...

पद्म पुरस्कारों में 3 नाम ऐसे हैं, जो ध्यान खींच रहे- मौलाना वहीदुद्दीन खान (पद्म विभूषण), तरुण गोगोई (पद्म भूषण) और कल्बे सादिक (पद्म भूषण)।

रस्सी से लाल किला का गेट तोड़ा, जहाँ से देश के PM देते हैं भाषण, वहाँ से लहरा रहे पीला-काला झंडा

किसान लाल किले तक घुस चुके हैं और उन्होंने वहाँ झंडा भी फहरा दिया है। प्रदर्शनकारी किसानों ने लाल किले के फाटक पर रस्सियाँ बाँधकर इसे गिराने की कोशिश भी कीं।
- विज्ञापन -

 

लालकिला में देर तक सहमें छिपे रहे 250 बच्चे, हिंसा के दौरान 109 पुलिसकर्मी घायल; 55 LNJP अस्पताल में भर्ती

दिल्ली में किसान ट्रैक्टर रैली का सबसे बुरा प्रभाव पुलिसकर्मियों पर पड़ा है। किसानों द्वारा की गई इस हिंसा में 109 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं, जिनमें से 1 की हालात गंभीर बताई जा रही है।

Video: किसानों के हमले में दीवार से एक-एक कर गिरते रहे पुलिसकर्मी, 109 घायल

वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ द्वारा किए गए हमले से पुलिसकर्मी एक-एक कर लाल किले की दीवार से नीचे गिरते जा रहे हैं।

बिहारी-गुजराती-तमिल-कश्मीरी किसान हो तो डूब मरो… क्योंकि किसान सिर्फ पंजाबी-खालिस्तानी होते हैं, वही अन्नदाता हैं

वास्तविकता ये है कि आप इतने दिनों से एक ऐसी भीड़ के जमावड़े को किसान का आंदोलन कहते रहे। जिसकी परिभाषा वामपंथी मीडिया गिरोह और विपक्षियों ने गढ़ी और जिसका पूरा ड्राफ्ट एक साल पहले हुए शाहीन बाग मॉडल के आधार पर तैयार हुआ।

जर्मनी, आयरलैंड, स्पेन आदि में भी हो चुकी हैं ट्रैक्टर रैलियाँ, लेकिन दिल्ली वाला दंगा कहीं नहीं हुआ

दिल्ली में जो आज हुआ, स्पेन, आयरलैंड, और जर्मनी के किसानों ने वो नहीं किया, हालाँकि वो भी अन्नदाता ही थे और वो भी सरकार के खिलाफ अपनी माँग रख रहे थे।

किसानों के आंदोलन में खालिस्तानी कड़े और नारे का क्या काम?

सवाल उठता है कि जो लोग इसे पवित्र निशान साहिब बोल रहे हैं, वो ये बताएँ कि ये नारा और कड़ा किसका है? यह भी बताएँ कि एक किसान आंदोलन में मजहबी झंडा कहाँ से आया? उसे कैसे डिफेंड किया जाए कि तिरंगा फेंक कर मजहबी झंडा लगा दिया गया?

‘RSS नक्सलियों से भी ज्यादा खतरनाक, संघ समर्थक पैर छूकर गोली मार देते हैं’: कॉन्ग्रेसी सांसद और CM भूपेश बघेल का ज्ञान

कॉन्ग्रेस के सीएम भूपेश ने कहा कि आरएसएस के समर्थक पैर छूकर गोली मार देते हैं। महात्मा गाँधी की हत्या कैसे किया गया था? पहले पैर छुए फिर उनके सीने में गोली मारी।

कैपिटल हिल के लिए छाती पीटने वाले दिल्ली के ‘दंगाइयों’ के लिए पीट रहे ताली: ट्रम्प की आलोचना करने वाले करेंगे राहुल-प्रियंका की निंदा?

कैपिटल हिल वाले अगर दंगाई थे तो दिल्ली के उपद्रवी संत कैसे हुए? ट्रम्प की आलोचना हो रही थी तो राहुल-प्रियंका की निंदा क्यों नहीं? ये दोहरा रवैया अपनाने वाले आज भी फेक न्यूज़ फैलाने में लगे हैं।

‘लाल किले पर लहरा रहा खालिस्तान का झंडा- ऐतिहासिक पल’: ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग ने मनाया ‘ब्लैक डे’

गणतंत्र दिवस पर लाल किले पर 'खालिस्तानी झंडा' फहराने को लेकर ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग (APML) काफी खुश है। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ द्वारा स्थापित पाकिस्तानी राजनीतिक पार्टी ने इसे 'ऐतिहासिक क्षण' बताया है।

वीडियो: जब दंगाई को किसी ने लाल किला पर तिरंगा लगाने दिया, और उसने फेंक दिया!

लाल किले पर एक आदमी सिखों का झंडा चढ़ाने खम्बे पर चढ़ा। जब एक आदमी ने उसकी ओर तिरंगा बढ़ाया तो उसने बेहद अपमानजनक तरीके से तिरंगे को दूर फेंक दिया।

देशी-विदेशी शराब से लदी मिली प्रदर्शनकारी किसानों की ट्रैक्टर: दिल्ली पुलिस ने किया सीज, देखें तस्वीरें

पुलिस ने शराब से भरे एक ट्रैक्टर को सीज किया है। सामने आए फोटो में देखा जा सकता है कि पूरा ट्रैक्टर शराब से भरा हुआ है। यानी कि शराब के नशे में ट्रैक्टरों को चलाया जा रहा है।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
386,000SubscribersSubscribe