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‘हम राम के वंशज हैं, हमें अयोध्या में कोई संपत्ति नहीं चाहिए… सिर्फ राम मंदिर चाहिए’

"...हम राम जन्मभूमि पर कोई दावा नहीं करना चाहते लेकिन हमारा मानना है कि अयोध्या में राम जन्मभूमि पर श्रीराम मंदिर अवश्य बनना चाहिए।"

सुप्रीम कोर्ट के सवाल के जवाब में श्री राम के वंशजों ने दावा करना शुरू कर दिया है। राजस्थान के दो पूर्व राजघरानों ने पहले ही खुद को भगवान राम का वंशज बताया था। बीजेपी सांसद और जयपुर राजघराने की राजकुमारी दीया कुमारी के बाद राजस्थान के एक और राजघराने ने भगवान श्री राम का वंशज होने का दावा किया है। यह दावा करने वाले हैं जयपुर के गुर्जर राजपूत गोत्र के सत्येंद्र सिंह राघव, जो कॉन्ग्रेस के प्रवक्ता और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिवक्ता भी हैं। इस कड़ी में अब एक और नाम जुड़ गया है, मेवाड़ राजघराने उदयपुर के अरविंद सिंह मेवाड़ ने भी खुद को भगवान राम का वंशज बताया है।

अरविंद ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया कि ऐतिहासिक रूप से सिद्ध है कि उनका परिवार भगवान राम का वंशज है।

अरविंद ने आगे लिखा है, “…हम राम जन्मभूमि पर कोई दावा नहीं करना चाहते लेकिन हमारा मानना है कि अयोध्या में राम जन्मभूमि पर श्रीराम मंदिर अवश्य बनना चाहिए।” बता दें कि अरविंद मेवाड़ प्रत्यक्ष रूप से किसी राजनीतिक पार्टी से नहीं जुड़े हैं। वहीं जयपुर राजघराने की सदस्य दीया कुमारी राजसमंद से बीजेपी सांसद हैं।

मेवाड़ राजघराने के सदस्य अरविंद सिंह मेवाड़ का कहना है कि हम राम के वंशज हैं और हम चाहते हैं कि राम मंदिर जल्द से जल्द बने। वहीं, अरविंद सिंह ने यह भी कहा कि हमें अयोध्या में किसी भी तरह की कोई संपत्ति नहीं चाहिए। हमें ना हक चाहिए ना हुकूमत चाहिए, अब हमें सिर्फ राम मंदिर चाहिए।

राजसमंद से भाजपा सांसद दीया कुमारी ने दावा किया कि उनका परिवार भगवान राम के पुत्र राजकुमार कुश से संबद्ध है। उनका कहना है कि जयपुर के पूर्व राजा और उनके पिता महाराजा भवानी सिंह कुश की 307वीं पीढ़ी के थे। बीजेपी सांसद ने इस बात का सबूत भी पेश किया। उन्होंने एक पत्रावली दिखाई, जिसमें भगवान राम के वंश के सभी पूर्वजों का नाम क्रम से लिखा हुआ है। इसी पत्रावली में 209वें वंशज के रूप में सवाई जयसिंह और 307वें वंशज के रूप में दीया के पिता महाराजा भवानी सिंह का नाम लिखा हुआ है। साथ ही दीया ने कहा कि राम मंदिर मामले की सुनवाई तेजी से हो और इस पर कोर्ट जल्द अपना फैसला सुनाए।

इसके साथ ही सत्येंद्र सिंह राघव का दावा है कि उनका परिवार श्री राम के बड़े बेटे राजकुमार लव का वंशज है। अपनी बात के समर्थन में वह वाल्मीकि रामायण का ज़िक्र करते हैं, जिसमें उल्लेख है कि लव का राज्य उत्तर कौशल था, जिसमें आज की अयोध्या नगरी आती है। राघव का कहना है कि लव के भाई कुश का राज्य, जिनकी वंशबेल में उत्पन्न होने का दावा जयपुर का राजवंश करता है, दक्षिण कौशल के शासक थे

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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