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स्वर्ण मंदिर में खालिस्तानी झंडे और भिंडरावाले के पोस्टर: ऑपरेशन ब्लू स्टार की 37वीं बरसी पर दीप सिद्धू भी अंदर

26 जनवरी दंगे के मुख्य आरोपितों में से एक एक्टर दीप सिद्धू भी स्वर्ण मंदिर परिसर में देखा गया। वह अभी जमानत पर बाहर है। भीड़ में खालिस्तानी समर्थक भिंडरावाले के पोस्टर और खालिस्तानी झंडे प​कड़े हुए नजर आ रहे हैं।

1984 में हुए ऑपरेशन ब्लू स्टार की आज (6 जून 2021) 37वीं बरसी है। इस मौके पर अमृतसर के श्री हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) में खालिस्तानी समर्थकों द्वारा नारे लगाए गए। समाचार न्यूज एजेंसी एएनआई ने कुछ तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें खालिस्तानी समर्थक जरनैल भिंडरावाले के पोस्टर और खालिस्तानी झंडे प​कड़े हुए नजर आ रहे हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, गणतंत्र दिवस दंगे के मुख्य आरोपितों में से एक एक्टर दीप सिद्धू को भी इस दौरान परिसर के अंदर देखा गया। फिलहाल, वह अभी जमानत पर बाहर है।

अकाल तख्त परिसर में खालिस्तान समर्थक दल खालसा ने 6 जून को ‘खालिस्तान दिवस’ के रूप में मनाने की माँग करते हुए स्वर्ण मंदिर तक मार्च निकाला।

ऑपरेशन ब्लू स्टार

बता दें कि ऑपरेशन ब्लू स्टार 1 जून से 8 जून 1984 के बीच अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में किया गया था। भारतीय सेना ने 6 जून 1984 को ऑपरेशन ‘ब्लू स्टार’ चलाया था। उस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने ऑपरेशन ‘ब्लू स्टार’ का आदेश दिया था, जिसे अमृतसर में स्थित हरमंदिर साहिब कॉम्प्लेक्स में कराया गया था। इस ऑपरेशन में कई लोगों को अपनी जान गँवानी पड़ी थी। इतना ही नहीं, स्वर्ण मंदिर के कुछ हिस्से को भी नुकसान पहुँचा था।

सिख विरोधी दंगे

ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान खालिस्तान समर्थकों ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर स्थित अकाल तख्त परिसर को अपने कब्जे में ले लिया था। आधिकारिक रिपोर्ट्स के अनुसार, पूरे ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना के 83 जवान और 492 नागरिक हताहत हुए थे।

इसके कुछ महीने बाद 31 अक्टूबर, 1984 को ऑपरेशन ब्लू स्टार का बदला लेने के लिए इंदिरा गाँधी की उनके सिख बॉडीगॉर्ड द्वारा हत्या कर दी गई थी। इंदिरा गाँधी की हत्या के बाद दिल्ली में सिख विरोधी दंगे भड़क गए थे, जिनमें लगभग 3000 सिखों को मौत के घाट उतार दिया गया था। वहीं, कॉन्ग्रेस नेताओं पर सिखों के खिलाफ भीड़ का नेतृत्व करने का आरोप लगाया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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