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पालघर साधु लिंचिंग के वकील दिग्विजय त्रिवेदी की एक्सिडेंट में मौत: लोग उठा रहे सवाल, बता रहे साजिश

दिग्विजय त्रिवेदी राजनैतिक पार्टी बहुजन विकास अघाड़ी का लीगल सेल संभालते थे। इनकी मृत्यु के बाद ट्विटर पर पालघर मामले को लेकर सवाल उठाया जा रहा है और महाराष्ट्र सीएम, पालघर पुलिस, महाराष्ट्र डीजीपी को टैग करके पूछा जा रहा है कि बड़े पैमाने पर होने वाली लिंचिंग में किस-किस का हाथ है? क्या ये सब योजनाबद्ध है?

मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर सूरत जाते हुए मनोर के पास बुधवार (मई 13, 2020) को हुए सड़क हादसे में दिग्विजय त्रिवेदी नाम के वकील की दर्दनाक मौत हो गई। पालघर साधु लिंचिंग में यही साधुओं के वकील थे।

इस घटना में वकील के बगल में बैठी महिला के भी गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है। हालाँकि महिला कौन हैं, उनकी पहचान अभी नहीं हो पाई है। मगर, कासा के एक सरकारी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।

महाराष्ट्र टाइम्स के मुताबिक, ये हादसा मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर मनोर में मेंडवान ब्रिज के पास हुआ। जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय त्रिवेदी ही गाड़ी चला रहे थे और इसी दौरान कार का नियंत्रण खोया और गाड़ी पलट गई, जिस कारण त्रिवेदी की मौके पर ही मौत हो गई।

जानकारी के मुताबिक, दिग्विजय त्रिवेदी राजनैतिक पार्टी बहुजन विकास अघाड़ी का लीगल सेल संभालते थे। इनकी मृत्यु के बाद ट्विटर पर पालघर मामले को लेकर सवाल उठाया जा रहा है और महाराष्ट्र सीएम, पालघर पुलिस, महाराष्ट्र डीजीपी को टैग करके पूछा जा रहा है कि बड़े पैमाने पर होने वाली लिंचिंग में किस-किस का हाथ है? क्या ये सब योजनाबद्ध है?

कुछ यूजर इस घटना को सोशल मीडिया पर सीधे तौर पर हत्या बता रहे हैं और कुछ लोग इस मामले को राष्ट्रीय जाँच एजेंसी या सीबीआई को सौंपने की बात कह रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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