Wednesday, September 28, 2022
Homeदेश-समाजकोरोना काल में भारतीय मसालों की जय-जय, पापड़ पर लिबरल गिरोह का इम्युन सिस्टम...

कोरोना काल में भारतीय मसालों की जय-जय, पापड़ पर लिबरल गिरोह का इम्युन सिस्टम बिगड़ा

काली मिर्च (जिसे मसालों के राजा के रूप में भी जाना जाता है) से कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं। इसका उपयोग पापड़ बनाने के लिए जरूर किया जाता है। इस बहुमुखी मसाले में सबसे ज्यादा एंटीऑक्सिडेंट होता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं और यह शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शुक्रवार (25 जुलाई, 2020) वायरल हुई एक वीडियो में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को एक ‘पापड़’ ब्रांड लॉन्च करते हुए देखा गया। इस वीडियो में उन्होंने उत्पाद को लेकर यह दावा किया कि इसमें ऐसी सामग्री है जो Covid-19 से लड़ने में मददगार होगी और मानव शरीर में एंटीबॉडी विकसित करेगी।

हालाँकि, ऐसा करते हुए केंद्रीय मंत्री को भी थोड़ा बहुत इस बात का पता था कि इस दावे के बाद उन्हें काफी ट्रोल किया जाएगा। कई लोगों ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर उनका जम कर मजाक उड़ाना शुरू किया। वहीं लिबरल गिरोह के लोगों ने भी इस मौके का फायदा उठा लिया।

वामपंथी गिरोह के वरिष्ठ सदस्य प्रशांत भूषण ने इस मामले पर भाजपा पर निशाना साधा। साथ ही बीच में बाबा रामदेव पर भी आयुर्वेदिक दवा कोरोनिल को लेकर तंज कसा।

फिर, वामपंथी वेबसाइट ‘द कारवाँ और ‘मिंट’ से जुड़े साहिल त्रिपाठी ने भी केंद्रीय मंत्री का मजाक बनाने में देरी नहीं लगाई। उन्होंने लिखा, “ऑक्सफोर्ड और एस्ट्रा ज़ेनेका को वैक्सीन के लिए अपने निरर्थक परीक्षणों को छोड़ देना चाहिए। पता नहीं वो काम करें या न करें। भारत ने तो पीएम मोदी की 15 अगस्त की डेडलाइन से पहले ही इसका जवाब ढूँढ लिया है।”

गौरतलब है कि चीन के वुहान से शुरू हुआ कोरोना वायरस आज पूरी दुनिया में तेजी से फैल रहा है। भारत में भी लगातार संक्रमित लोगों की संख्या में भारी वृद्धि देखी गई है। लोग इसके वैक्सीन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ताकि इस महामारी का सटीक इलाज किया जा सके। लेकिन जब तक इलाज नहीं मिलता तब तक भारत में इससे बचने के लिए इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत करने की सलाह दी जा रही है।

मसालों के एक्सपोर्ट में बढ़त

यहाँ स्पष्ट कर दें कि हम किसी भी रूप में केंद्रीय मंत्री द्वारा किए गए दावों को सही नहीं ठहरा रहे, क्योंकि यह सच हो सकता है या नहीं भी हो सकता। लेकिन यह बात हम जरूर निश्चित तौर पर कह सकते हैं कि भारतीय मसालों की माँग न केवल भारत में, बल्कि दुनिया भर में इस बीच बढ़ी है। लोग इन मसालों का उपयोग अपनी इम्युनिटी को मजबूत करने के लिए कर रहे हैं, जो उन्हें संक्रमण से दूर रखने में मदद कर सकते हैं।

खबरों के अनुसार, भारतीय मसालों के एक्सपोर्ट में काली मिर्च, इलायची, अदरक, हल्दी, धनिया, जीरा, अजवाइन, सौंफ, मेथी, जायफल, मसाले के तेल में भारी वृद्धि हुई है। ये विशेष रूप से फायदेमंद साबित हो रहे हैं क्योंकि यह मसाले शरीर में एंटी-ऑक्सीडेंट की कमी को पूरा करते है। रिपोर्ट के अनुसार, जून के महीने में इन मसालों का निर्यात लगभग 34 प्रतिशत बढ़ा है।

पापड़ बनाने में मसालों का प्रयोग

ऑपइंडिया केंद्रीय मंत्री के दावों का समर्थन नहीं कर रहा है। लेकिन बता दें भारत में लोग पापड़ को अक्सर भोजन के साथ खाते हैं। भारतीय मसालों को मिलाकर पापड़ बनाया जाता है, जिनके कई स्वास्थ्य लाभ हैं।

उदाहरण के लिए, काली मिर्च (जिसे मसालों के राजा के रूप में भी जाना जाता है) से कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं। इसका उपयोग पापड़ बनाने के लिए जरूर किया जाता है। इस बहुमुखी मसाले में सबसे ज्यादा एंटीऑक्सिडेंट होता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं और यह शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है।

इसी तरह, हल्दी, जो पापड़ बनाने के लिए इस्तेमाल की जाती है। लगभग हर दूसरे भारतीय व्यंजन में इसे सुपरफूड के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। यह कैंसर, डिप्रेशन और कई और खतरनाक बीमारियों से लड़ सकती है। वहीं लाल मिर्च विटामिन सी का एक समृद्ध स्रोत है जो इम्यून सिस्टम को बढ़ाने और पुरानी बीमारियों का मुकाबला करने में मदद करता है। इसमें कई शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट भी होते हैं।

यदि आपके पास स्वस्थ इम्यून सिस्टम है, तो आपका शरीर किसी भी बीमारी, यहाँ तक ​​कि कोरोनावायरस या कोविड ​​-19 से भी आपकी रक्षा कर सकता है। अभी तक कोविड ​​-19 से बचाने के लिए न तो कोई वैक्सीन उपलब्ध है और न ही सिद्ध घरेलू उपाय उपलब्ध है। ऐसे में ये नेचुरल फूड आपके शरीर को जरूरी पोषक तत्व प्रदान करते है। इनसे आपके शरीर का इम्यून सिस्टम बढ़ता है और आप कोरोना जैसी घातक बीमारियों का भी सामना आसानी से कर सकते हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘ब्रह्मांड के केंद्र’ में भारत माता की समृद्धि के लिए RSS प्रमुख मोहन भागवत ने की प्रार्थना, मेघालय के इसी जगह पर है ‘स्वर्णिम...

सेंग खासी एक सामाजिक-सांस्कृतिक और धार्मिक संगठन है जिसका गठन 23 नवंबर, 1899 को 16 युवकों ने खासी संस्कृति व परंपरा के संरक्षण हेतु किया था।

अब पलटा लेस्टर हिंसा के लिए हिन्दुओं को जिम्मेदार ठहराने वाला BBC, फिर भी जारी रखी मुस्लिम भीड़ को बचाने की कोशिश: नहीं ला...

बीबीसी ने अपनी पिछली रिपोर्टों के लिए कोई माफी नहीं माँगी है, जिसमें उसने हिंदुओं पर झूठा आरोप लगाया था कि हिंसा के लिए वे जिम्मेदार हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
224,688FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe