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मुंबई के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह ‘लापता’, नहीं खोज पा रही महाराष्ट्र सरकार: बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल किया जवाब

परमबीर सिंह के वकील के अनुसार उन्हें 2 बार समन जारी हुआ और दोनों बार उन्होंने समन का जवाब दिया है। इस आधार पर उन्हें भगोड़ा घोषित नहीं किया गया है। जबकि सरकार के पक्ष का कहना था कि सरकार अब अपने इस आश्वासन पर कायम नहीं रहना चाहती कि....

महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार (20 अक्टूबर 2021) को मुंबई हाईकोर्ट में परमबीर सिंह केस में जवाब दाखिल किया है। दाखिल जवाब में कहा गया है कि अभी तक मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह का कोई पता नहीं चला है। उधर बचाव पक्ष में परमबीर सिंह की तरफ से पेश हुए वकील ने बताया कि उन्हें अभी भगोड़ा घोषित नहीं किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह सुनवाई जस्टिस नितिन जामदार और जस्टिस सारंग कोतवाल की खंडपीठ में हुई। इसमें महाराष्ट्र सरकार की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता डेरियस खंबाटा पेश हुए थे। परमबीर सिंह की तरफ से अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने बहस की। IPS परमबीर सिंह फिलहाल महाराष्ट्र के DG होमगार्ड हैं।

परमबीर सिंह के वकील के अनुसार उन्हें 2 बार समन जारी हुआ और दोनों बार उन्होंने समन का जवाब दिया है। इस आधार पर उन्हें भगोड़ा घोषित नहीं किया गया है। जबकि सरकार के पक्ष का कहना था कि सरकार अब अपने इस आश्वासन पर कायम नहीं रहना चाहती कि उनके विरुद्ध दर्ज मामले में उन पर कोई एक्शन नहीं लिया जाएगा। सरकार के अनुसार अन्य मामलों की जाँच में प्रगति हुई है। इसी के चलते हालात में बदलाव हुआ है।

हाईकोर्ट में यह सुनवाई परमबीर सिंह पर पुलिस इंस्पेक्टर भीमराव घाडगे द्वारा लगाए गए आरोपों पर चल रही थी। IPS परमबीर सिंह पर इंस्पेक्टर भीमराव घाडगे ने आरोप लगाया था कि साल 2015 में एक केस की जाँच के दौरान उन्हें जातिसूचक शब्द बोल कर अपमानित किया गया था। इंस्पेक्टर घाडगे के अनुसार यह गालियाँ उन्हें एक केस से कुछ लोगों का नाम न निकालने के जवाब पर दी गई थीं।

इसी के साथ भीमराव घाडगे ने अपनी शिकायत में IPS परमबीर पर SC / ST एक्ट के तहत FIR दर्ज करने की माँग की थी। परमबीर सिंह ने हाईकोर्ट से इसी प्राथमिकी को रद्द करने की माँग के साथ याचिका डाली है। फिलहाल मामले की सुनवाई अगले सप्ताह के लिए स्थगित कर दी गई है।

इस से पहले महाराष्ट्र के गृहमंत्री दिलीप वालसे पाटिल ने गुरुवार 30 सितंबर 2021 को कहा था कि सरकार उनका पता लगाने की कोशिश कर रही है। महाराष्ट्र के गृह मंत्री का कहना था कि जाँच एजेंसियों को इस बात का शक है कि सिंह देश छोड़कर भाग गए हैं और एजेंसियों को उनके ठिकाने की कोई जानकारी नहीं है।

आगे उन्होंने कहा था कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ उनका मंत्रालय भी उनका पता लगाने की कोशिश कर रहा है। परमबीर सिंह के रूस भागने की खबरों पर पाटिल ने कहा था, “मैंने कुछ ऐसा सुना है, लेकिन एक सरकारी अधिकारी होने के कारण वह सरकार की इजाजत के बिना विदेश नहीं जा सकते। अगर वह चले गए हैं, तो ये अच्छा नहीं है।”

उल्लेखनीय है कि परमबीर सिंह एंटीलिया बम कांड, मनसुख हिरेन हत्याकांड और मुंबई पुलिस द्वारा जबरन वसूली समेत कई मामलों में घिरे हैं। एनआईए ने उन्हें एंटीलिया और मनसुख हिरेन मामले में जाँच के लिए कई नोटिस भेज चुकी है। राज्य सरकार द्वारा नियुक्त एक आयोग पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख सहित महाराष्ट्र के मंत्रियों की ओर से मुंबई पुलिस द्वारा जबरन वसूली के आरोपों की जाँच कर रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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