Wednesday, January 27, 2021
Home देश-समाज हाथरस में अशांति फैलाने और हिंसा भड़काने में PFI का हाथ: 2.5+ करोड़ रुपए...

हाथरस में अशांति फैलाने और हिंसा भड़काने में PFI का हाथ: 2.5+ करोड़ रुपए की विदेशी फंडिंग

ओमान में काम करने वाला शरीफ जब भारत में था तो उसके अकाउंट में 2.5 करोड़ रुपए आए। इन पैसों को रऊफ शरीफ ने PFI के सदस्यों और स्व-घोषित पत्रकार सिद्दीक कप्पन को हाथरस जाकर...

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के स्टूडेंट विंग कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI) के नेता रऊफ शरीफ को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार (दिसंबर 12, 2020) को तिरुवनंतपुरम से गिरफ्तार किया। रऊफ शरीफ देश छोड़कर भागने की फिराक में था, मगर ED ने समय रहते कार्रवाई की और उसे धर दबोचा।

ईडी की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश के हाथरस कांड को लेकर हुए विवाद के बाद रऊफ शरीफ ने पीएफआई के सदस्यों और स्व-घोषित पत्रकार सिद्दीक कप्पन को वहाँ जाने के लिए  फंड दिया था। बता दें कि हाथरस में कई राजनीतिक दल और संगठन इकट्ठा हुए थे और अशांति फैलाने एवं जातिगत हिंसा को भड़काने की कोशिश कर रहे थे। जाँच एजेंसियों ने आरोप लगाया कि पीएफआई के सदस्य और कप्पन का इरादा सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ना और क्षेत्र में जातिगत हिंसा को उकसाना था।

4 अक्टूबर को यूपी पुलिस ने सिद्दीक कप्पन को अतीकुर्र रहमान और मसूद अहमद समेत चार पीएफआई कार्यकर्ताओ को मथुरा से गिरफ्तार किया था। इनके खिलाफ संगीन अपराध करने की मंशा रखने के शक में सीआरपीसी की धारा 151 के तहत मामला दर्ज हुआ था। बाद में यह केस राजद्रोह और आतंकवाद रोधी कानून के तहत दर्ज कर लिया गया।

ईडी ने प्रधान सत्र न्यायालय, कोच्चि के समक्ष प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया कि शरीफ ने ही डायरेक्शन और फंड दिए थे। उसने रहमान के अकाउंट में पैसे ट्रांसफर किया था। रिपोर्ट के अनुसार, कोविड- 19 लॉकडाउन के दौरान शरीफ के अकाउंट में कथित तौर पर 2.5 करोड़ की फंडिंग हुई। ओमान में काम करने वाला शरीफ उस समय भारत में था। इस लेन-देन ने संदेह पैदा किया। ईडी ने उसे पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वह जानबूझकर सामने नहीं आया।

शरीफ द्वारा प्राप्त फंड

रिपोर्टों के अनुसार, शरीफ के पास आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और फेडरल बैंक में सेविंग अकाउंट हैं। उसने अपने आईसीआईसीआई बैंक अकाउंट में 2018-2020 के दौरान 1.35 करोड़ रुपए प्राप्त किए थे। उसने अप्रैल-जून 2020 के दौरान रमीज अली प्रभात और नौशीफ शरीफ से 29.18 लाख रुपए विदेशी फंड प्राप्त किए थे। फंड को ट्रांसफर करने के उद्देश्य के रूप में लिखा था- ‘एफएटीएफ- देशों के नागरिकों या उनके प्रवास के लिए एनआरआई द्वारा होटलों को भुगतान’। बता दें कि उस अवधि के दौरान, कोविड -19 लॉकडाउन के कारण होटल बंद थे।

रिपोर्ट में कहा गया है, “यह उद्देश्य संदिग्ध लग रहा है क्योंकि यह माना जाता है कि रऊफ शरीफ या तो भारत में या फिर ओमान में होटल का मालिक है, जिसके लिए नौशीफ और रमीज द्वारा भुगतान किया गया था। हालाँकि कोविड -19 के कारण इस साल अप्रैल-जून की अवधि में होटल चालू नहीं थे।”

उन्होंने कहा कि 2019-2020 के दौरान उनके फेडरल बैंक खाते में 67 लाख रुपए का लेन-देन हुआ। उसे इस साल मई और अक्टूबर में दोहा से 19.7 लाख की विदेशी धनराशि मिली। उसके खाते में 16 लाख रुपए का नकद जमा भी किया गया था। ईडी की रिपोर्ट में उसके एक्सिस बैंक खाते में 20 लाख रुपए का लेन-देन भी दर्ज किया गया।

पीएफआई के खिलाफ पीएमएलए मामले की जाँच 

2018 में, ईडी ने कन्नूर के नारथ में पीएफआई और एसडीपीआई सदस्यों द्वारा आतंकवादी शिविर से संबंधित एक मामले के आधार पर धन शोधन रोकथाम अधिनियम के तहत जाँच शुरू की। जाँच के दौरान शरीफ का नाम सामने आया था। हाथरस मामले में यूपी पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में भी उसका नाम था। शरीफ पिछले एक साल से कप्पन को जानता था क्योंकि कप्पन ने कई पीएफआई और सीएफआई इवेंट कवर किए हैं।

यूपी पुलिस ने अक्टूबर में कप्पन और तीन पीएफआई सदस्यों से लैपटॉप, मोबाइल फोन और संदिग्ध पैम्पलेट बरामद किया था। ईडी की रिपोर्ट में कहा गया है कि शरीफ को मिले विदेशी चंदे को लेकर उसने कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया और साथ ही जाँच में सहयोग करने से भी इनकार कर दिया

रऊफ शरीफ की गिरफ्तारी

कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के नेता रऊफ शरीफ को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने शनिवार को तिरुवनंतपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वह देश से भागने का प्रयास कर रहा था।

तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे पर इमीग्रेंट अधिकारियों ने उसकी पहचान की और उसे हवाई अड्डे पर पकड़ा। उन्होंने तुरंत यूपी पुलिस और ईडी को सूचित किया, जिसके बाद ईडी के अधिकारियों ने हवाई अड्डे पर पहुँचकर शरीफ को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद शरीफ को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

लहराया गया खालिस्तानी झंडा, लगे भारत विरोधी नारे: वॉशिंगटन में किसान समर्थन की आड़ में खालिस्तान की माँग

वॉशिंगटन में खालिस्तानी समर्थकों ने कहा कि वह अब तक 26 जनवरी को काला दिन मना रहे थे, लेकिन इस बार एकजुटता में खड़े हैं।

ट्रैक्टर पलटने के बाद जिंदा था ‘किसान’, प्रदर्शनकारी अस्पताल नहीं ले गए… न पुलिस को ले जाने दिया: ‘Times Now’ का खुलासा

उक्त 'किसान' ट्रैक्टर से स्टंट मारते हुए पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ रहा था, लेकिन अपनी ही ट्रैक्टर पलटने के कारण खुद उसके नीचे आ गया और मौत हो गई।

11.5% की आर्थिक वृद्धि दर, 2021 में भारत के लिए IMF का अनुमान: एकमात्र बड़ा देश, जो बढ़ेगा दहाई अंकों के साथ

IMF ने भारत की अर्थव्यवस्था को 2021-22 में 11.5 प्रतिशत तक उछाल देने का अनुमान लगाया। वर्ल्ड इकॉनमिक आउटलुक रिपोर्ट में...

153 पुलिसकर्मी घायल, 7 FIR दर्ज: किसी का सर फटा तो कोई ICU में, राकेश टिकैत ने पुलिस को ही दिया दोष

दिल्ली पुलिस ने 'किसानों' द्वारा हुई हिंसा के मामलों को लेकर 7 FIR दर्ज की है। दिन भर चले हिंसा के इस खेल में 153 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।

Video: किसानों के हमले में दीवार से एक-एक कर गिरते रहे पुलिसकर्मी, 109 घायल

वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ द्वारा किए गए हमले से पुलिसकर्मी एक-एक कर लाल किले की दीवार से नीचे गिरते जा रहे हैं।

बिहारी-गुजराती-तमिल-कश्मीरी किसान हो तो डूब मरो… क्योंकि किसान सिर्फ पंजाबी-खालिस्तानी होते हैं, वही अन्नदाता हैं

वास्तविकता ये है कि आप इतने दिनों से एक ऐसी भीड़ के जमावड़े को किसान का आंदोलन कहते रहे। जिसकी परिभाषा वामपंथी मीडिया गिरोह और विपक्षियों ने गढ़ी और जिसका पूरा ड्राफ्ट एक साल पहले हुए शाहीन बाग मॉडल के आधार पर तैयार हुआ।

प्रचलित ख़बरें

दिल्ली में ‘किसानों’ ने किया कश्मीर वाला हाल: तलवार ले पुलिस को खदेड़ा, जगह-जगह तोड़फोड़, पुलिस वैन पर पथराव

दिल्ली में प्रदर्शनकारी पुलिस के वज्र वाहन पर चढ़ गए और वहाँ जम कर तोड़-फोड़ मचाई। 'किसानों' द्वारा तलवारें भी भाँजी गईं।

महिला पुलिस कॉन्स्टेबल को जबरन घेर कर कोने में ले गए ‘अन्नदाता’, किया दुर्व्यवहार: एक अन्य जवान हुआ बेहोश

महिला पुलिस को किसान प्रदर्शनकारी चारों ओर से घेरे हुए थे। कोने में ले जाकर महिला कॉन्स्टेबल के साथ दुर्व्यवहार किया गया।

तेज रफ्तार ट्रैक्टर से मरा ‘किसान’, राजदीप ने कहा- पुलिस की गोली से हुई मौत, फिर ट्वीट किया डिलीट

राजदीप सरदेसाई ने तिरंगे में लिपटी मृतक की लाश की तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा कि इसकी मौत पुलिस की गोली से हुई है।

दलित लड़की की हत्या, गुप्तांग पर प्रहार, नग्न लाश… माँ-बाप-भाई ने ही मुआवजा के लिए रची साजिश: UP पुलिस ने खोली पोल

बाराबंकी में दलित युवती की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया। पुलिस ने बताया कि पिता, माँ और भाई ने ही मिल कर युवती की हत्या कर दी।

हिंदुओं को धमकी देने वाले के अब्बा, मोदी को 420 कहने वाले मौलाना और कॉन्ग्रेस नेता: ‘लोकतंत्र की हत्या’ गैंग के मुँह पर 3...

पद्म पुरस्कारों में 3 नाम ऐसे हैं, जो ध्यान खींच रहे- मौलाना वहीदुद्दीन खान (पद्म विभूषण), तरुण गोगोई (पद्म भूषण) और कल्बे सादिक (पद्म भूषण)।

रस्सी से लाल किला का गेट तोड़ा, जहाँ से देश के PM देते हैं भाषण, वहाँ से लहरा रहे पीला-काला झंडा

किसान लाल किले तक घुस चुके हैं और उन्होंने वहाँ झंडा भी फहरा दिया है। प्रदर्शनकारी किसानों ने लाल किले के फाटक पर रस्सियाँ बाँधकर इसे गिराने की कोशिश भी कीं।
- विज्ञापन -

 

लहराया गया खालिस्तानी झंडा, लगे भारत विरोधी नारे: वॉशिंगटन में किसान समर्थन की आड़ में खालिस्तान की माँग

वॉशिंगटन में खालिस्तानी समर्थकों ने कहा कि वह अब तक 26 जनवरी को काला दिन मना रहे थे, लेकिन इस बार एकजुटता में खड़े हैं।

ट्रैक्टर पलटने के बाद जिंदा था ‘किसान’, प्रदर्शनकारी अस्पताल नहीं ले गए… न पुलिस को ले जाने दिया: ‘Times Now’ का खुलासा

उक्त 'किसान' ट्रैक्टर से स्टंट मारते हुए पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ रहा था, लेकिन अपनी ही ट्रैक्टर पलटने के कारण खुद उसके नीचे आ गया और मौत हो गई।

11.5% की आर्थिक वृद्धि दर, 2021 में भारत के लिए IMF का अनुमान: एकमात्र बड़ा देश, जो बढ़ेगा दहाई अंकों के साथ

IMF ने भारत की अर्थव्यवस्था को 2021-22 में 11.5 प्रतिशत तक उछाल देने का अनुमान लगाया। वर्ल्ड इकॉनमिक आउटलुक रिपोर्ट में...

153 पुलिसकर्मी घायल, 7 FIR दर्ज: किसी का सर फटा तो कोई ICU में, राकेश टिकैत ने पुलिस को ही दिया दोष

दिल्ली पुलिस ने 'किसानों' द्वारा हुई हिंसा के मामलों को लेकर 7 FIR दर्ज की है। दिन भर चले हिंसा के इस खेल में 153 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।

लालकिला में देर तक सहमें छिपे रहे 250 बच्चे, हिंसा के दौरान 109 पुलिसकर्मी घायल; 55 LNJP अस्पताल में भर्ती

दिल्ली में किसान ट्रैक्टर रैली का सबसे बुरा प्रभाव पुलिसकर्मियों पर पड़ा है। किसानों द्वारा की गई इस हिंसा में 109 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं, जिनमें से 1 की हालात गंभीर बताई जा रही है।

Video: किसानों के हमले में दीवार से एक-एक कर गिरते रहे पुलिसकर्मी, 109 घायल

वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ द्वारा किए गए हमले से पुलिसकर्मी एक-एक कर लाल किले की दीवार से नीचे गिरते जा रहे हैं।

बिहारी-गुजराती-तमिल-कश्मीरी किसान हो तो डूब मरो… क्योंकि किसान सिर्फ पंजाबी-खालिस्तानी होते हैं, वही अन्नदाता हैं

वास्तविकता ये है कि आप इतने दिनों से एक ऐसी भीड़ के जमावड़े को किसान का आंदोलन कहते रहे। जिसकी परिभाषा वामपंथी मीडिया गिरोह और विपक्षियों ने गढ़ी और जिसका पूरा ड्राफ्ट एक साल पहले हुए शाहीन बाग मॉडल के आधार पर तैयार हुआ।

जर्मनी, आयरलैंड, स्पेन आदि में भी हो चुकी हैं ट्रैक्टर रैलियाँ, लेकिन दिल्ली वाला दंगा कहीं नहीं हुआ

दिल्ली में जो आज हुआ, स्पेन, आयरलैंड, और जर्मनी के किसानों ने वो नहीं किया, हालाँकि वो भी अन्नदाता ही थे और वो भी सरकार के खिलाफ अपनी माँग रख रहे थे।

किसानों के आंदोलन में खालिस्तानी कड़े और नारे का क्या काम?

सवाल उठता है कि जो लोग इसे पवित्र निशान साहिब बोल रहे हैं, वो ये बताएँ कि ये नारा और कड़ा किसका है? यह भी बताएँ कि एक किसान आंदोलन में मजहबी झंडा कहाँ से आया? उसे कैसे डिफेंड किया जाए कि तिरंगा फेंक कर मजहबी झंडा लगा दिया गया?

‘RSS नक्सलियों से भी ज्यादा खतरनाक, संघ समर्थक पैर छूकर गोली मार देते हैं’: कॉन्ग्रेसी सांसद और CM भूपेश बघेल का ज्ञान

कॉन्ग्रेस के सीएम भूपेश ने कहा कि आरएसएस के समर्थक पैर छूकर गोली मार देते हैं। महात्मा गाँधी की हत्या कैसे किया गया था? पहले पैर छुए फिर उनके सीने में गोली मारी।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
386,000SubscribersSubscribe