Homeदेश-समाजIS के आतंकी दम्पति के बाद अब PFI का दानिश अली गिरफ़्तार: दिल्ली दंगों...

IS के आतंकी दम्पति के बाद अब PFI का दानिश अली गिरफ़्तार: दिल्ली दंगों व जामिया से जुड़े हैं तार

दिल्ली पुलिस, पिछले दिनों हुई हिंसा में अब तक PFI के दर्जनभर सदस्यों के शामिल होने की बात कह चुकी है। इसी के साथ वह काफी समय से साइबर सेल की मदद से इनके सक्रिय सदस्यों की कॉल डिटेल खंगाल रही थी।

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनपीआर) के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शन की जाँच कर रही दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को आज बड़ी सफलता हाथ लगी। जाँच में जुटी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आज सोमवार (मार्च 9, 2020) को दानिश नाम के PFI सदस्य को गिरफ्तार किया। दानिश पर आरोप है कि सीएए के ख़िलाफ़ वो पोस्टर बाँटने के साथ-साथ गलत प्रोपगेंडा फैला रहा था।

https://platform.twitter.com/widgets.js

दिल्ली पुलिस के अनुसार, दानिश अली दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके का रहने वाला है। पुलिस इससे पूछताछ करने के बाद अब इसके बाकी साथियों का भी पता लगाने में जुटी है। पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि आखिरकार इनका नेटवर्क किस प्रकार से जामिया में सीएए के ख़िलाफ़ चल रहे प्रोटेस्ट में काम कर रहा था व किस प्रकार से इन्हें फंंडिंग हो रही थी और दिल्ली में चल रहे सीएए के विरोध प्रदर्शन में इसका इस्तेमाल कैसे किया गया।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस, पिछले दिनों हुई हिंसा में अब तक PFI के दर्जनभर सदस्यों के शामिल होने की बात कह चुकी है। इसी के साथ वह काफी समय से साइबर सेल की मदद से इनके सक्रिय सदस्यों की कॉल डिटेल खंगाल रही थी। जिसके मद्देनजर ही रविवार को जामिया इलाके से ISIS से जुड़े दो संदिग्ध आतंकियों (दंपत्ति) की गिरफ्तारी हुई।

ये दोनों सीएए खिलाफ धरने पर बैठे लोगों को भड़काने और उकसाने का काम कर रहे थे। साथ ही सीएए के विरोध में गलत प्रोपेगेंडा चला रहे थे। पुलिस ने इनके पास से काफी सामान भी बरामद किया था। पड़ताल में ये भी पता चला था कि इनकी कोशिश सीएए के विरोध के जरिए भारत में दंगे कराने की थी।

बता दें कि पिछले साल दिसंबर में सीएए, एनआरसी के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में आगजनी, पथराव और मारपीट की कई घटनाएँ हुईं थीं। जाँच पड़ताल में दिल्ली पुलिस के विशेष जाँच दल ने पाया था कि दक्षिण के जामिया नगर के अलावा उत्तर पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर, जाफराबाद, सीमापुर, दरियागंद में हुए दंगो में बांग्लादेशी शामिल थे। साथ ही पीएफआई की भी इसमें सक्रिय भूमिका थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।

संभल की डेमोग्राफी: हिंदू 13 हजार से हुए 47 हजार, मुस्लिम 23 हजार से हो गए 1 लाख 71 हजार – मुस्लिम भीड़ की...

2011 की जनगणना के अनुसार संभल शहर की डेमोग्राफी 77.67% मुस्लिम आबादी जबकि हिंदू आबादी सिर्फ 22% वाली बताई गई है। वर्तमान में मुस्लिम 80% तक।
- विज्ञापन -