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प्रयागराज में काँवड़ पर हमले का पहले से प्लान बना चुके थे इस्लामी कट्टरपंथी, हिन्दुओं से ली थी टाइम की जानकारी: रिपोर्ट, जुमे की नमाज के समय बनाया निशाना; पुलिस के एक्शन से गाँव छोड़ भागे

"हमारा घर मुस्लिम लोगों के बीच में है। वहीं पर हमारी पान की दुकान भी है। पिछले एक हफ्ते से अयान, जिशान, मोहम्मद राजू, तौफीक हमसे जानकारी ले रहे थे कि तुम लोग काँवड़ लेकर कब जाओगे? कितने बजे जाओगे?"

प्रयागराज में काँवड़ यात्रा पर इस्लामी कट्टरपंथियों पर हमला किया। डीजे बजाने को लेकर काँवड़ियों से मारपीट की। अब सामने आया है कि इस हमले की प्लानिंग पहले से ही हो गई थी। गाँव के मुस्लिम पक्ष ने काँवड़ यात्रा ले जाने की सारी जानकारी ली, फिर जैसे ही निकले तो हमला कर दिया।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीणों ने बताया कि गाँव में 60 प्रतिशत मुस्लिम आबादी रहती है, जो कि हिंदुओं को दबाव में रखने की कोशिश रखते हैं। आए दिन गाँव में किसी न किसी बात को लेकर बवाल मचाते हैं। 18 जुलाई 2025 को काँवड़ यात्रा पर भी उन्होंने यही किया।

हिंदू पीड़िता गाँव की निवासी उस्मिला ने दैनिक भास्कर से कहा, “यह सब प्लानिंग के तहत हुआ, तभी तो वह (मुस्लिम भीड़) तलवार और लाठियाँ लेकर पहले से ही तैयार थे।” उन्होंने बताया, “जानबूझकर विवाद किया गया था। हमें भी चोट आई हैं। हमारे दामाद ने किसी तरह बचा लिया। हमारे हर धार्मिक कार्य में बाधा डाली जाती है।”

वहीं, गाँव में ही रहने वाली सुनीता देवी ने बताया कि कुछ दिन पहले गाँव में बिजली नहीं थी, ठीक करने पर वो लोग (मुस्लिम पक्ष) विवाद करने लगे थे। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी को भी उठाकर ले गए और बुरी तरह पीटा।

घटना वाले दिन काँवड़ यात्रा में शामिल राजेंद्र कुमार ने दैनिक भास्कर से कहा, “हमारा घर मुस्लिम लोगों के बीच में है। वहीं पर हमारी पान की दुकान भी है। पिछले एक हफ्ते से अयान, जिशान, मोहम्मद राजू, तौफीक हमसे जानकारी ले रहे थे कि तुम लोग काँवड़ लेकर कब जाओगे? कितने बजे जाओगे?”

उन्होंने आगे कहा, “इन लोगों (मुस्लिम पक्ष) की पहले से ही प्लानिंग थी। तभी जैसे ही हम लोग डीजे के साथ निकले। उसे बंद कराने लगे। फिर हम लोगों पर हमला कर दिया। हम लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई।”

ग्रामीण सोनू पासी ने बताया कि मुहर्रम पर 4 से 5 दिन लगातार हॉर्न और डीजे बजाए जाते हैं। गाँव में मुहर्रम के नाम पर 4-5 दिन तक स्कूल बंद कर दिए जाते हैं, जबकि सरकारी छुट्टी सिर्फ एक दिन की होती है। सोनू कहते हैं के लेकिन जब भी हिंदुओं का त्योहार आता है, तो यह लोग (मुस्लिम पक्ष) हंगामा करने का प्रयास करते हैं।

जानें पूरा मामला ?

दरअसल, 18 जुलाई 2025 को प्रयागराज के मऊआइमा के सराय ख्वाजा गाँव में काँवड़िये डीजे बजाते हुए काँवड़ यात्रा निकाल रहे थे। इसी दौरान जुमे की नमाज भी हो रही थी। तभी नमाजियों ने डीजे बजाने का विरोध लाठी-डंडों से हमला किया। काँवड़यों को तलवार लेकर दौड़ा दिया। घटना में कई काँवड़िये घायल हुए। जबरदस्ती डीजे भी बंद करवा दिया। घटना के बाद से इस्लामी कट्टरपंथी फरार हैं।

मामले में पुलिस ने 15 नामजद समेत 65 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया। रविवार (20 जुलाई 2025) को पुलिस ने मामले में आरोपित बेलाल उर्फ बब्बू, तुफैल अहमद, मोहम्मद तस्लीम, मोहम्मद आरिफ, शाहबे आलम, गुड्डू उर्फ अहमद अली समेत 7 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अन्य आरोपितों के ठिकाने पर भी छापेमारी कर रही है। फिलहाल गाँव में भारी पुलिस बल और PAC के जवान तैनात हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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