Homeदेश-समाजCBI ने सुबह किया जाँच को आगे बढ़ाने से इनकार, शाम को कहा बोफोर्स...

CBI ने सुबह किया जाँच को आगे बढ़ाने से इनकार, शाम को कहा बोफोर्स से है ‘प्यार’

सुबह खबर आई थी कि देश की शीर्ष जाँच एजेंसी सीबीआई ने दिल्ली में चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट नवीन कुमार कश्यप की अदालत में बोफोर्स तोप दलाली जाँच को आगे बढ़ाने वाली याचिका वापस ले ली है जिसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि बोफोर्स दलाली कांड की जाँच बंद हो जाएगी।

केंद्रीय जाँच एजेंसी सीबीआई ने सुबह दिल्ली की एक कोर्ट को सूचित किया था कि वो बोफोर्स दलाली केस में चल रही जाँच को आगे बढ़ाने वाली अर्ज़ी को वापस लेना चाहते हैं। लेकिन ताजा समाचार मिला है कि सीबीआई ने ट्रायल कोर्ट के समक्ष 64 करोड़ की बोफोर्स तोप दलाली वाली जाँच जारी रखने की अर्जी पुनः दायर की है।

दरअसल सुबह खबर आई थी कि देश की शीर्ष जाँच एजेंसी सीबीआई ने आज (मई 16, 2019) दिल्ली में चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट नवीन कुमार कश्यप की अदालत में बोफोर्स तोप दलाली जाँच को आगे बढ़ाने वाली याचिका वापस ले ली है जिसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि बोफोर्स दलाली कांड की जाँच बंद हो जाएगी। प्राइवेट पिटीशनर अजय अग्रवाल ने भी जाँच को आगे बढ़ाने वाली याचिका वापस ले ली थी।

परंतु शाम होते-होते खबर आई कि सीबीआई ने मजिस्ट्रेट कोर्ट में जाँच को आगे बढ़ाने के लिए फिर से याचिका दायर की है। कोर्ट ने कहा कि सीबीआई स्वतंत्र जाँच एजेंसी है और उसे जाँच के लिए पूछने की आवश्यकता नहीं है। सीबीआई को केवल कोर्ट को सूचित करना होता है कि वह जाँच को आगे बढ़ाएगी या नहीं।

बोफोर्स तोप दलाली केस देश का बहुचर्चित भ्रष्टाचार का मामला है जिसमें प्रधानमंत्री राजीव का नाम आया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।

59 करोड़ अकाउंट्स, लाखों करोड़ की कैपिटल और आखिरी व्यक्ति तक पहुँचता बैंकिंग सिस्टम… फिर क्यों जनधन योजना से सुभाष गर्ग को लगी मिर्ची?

सुभाष गर्ग ने जनधन योजना के 59 करोड़ खातों पर सवाल उठाए, जानिए जीरो बैलेंस, इनएक्टिव अकाउंट्स और DBT से जुड़ी पूरी कहानी।
- विज्ञापन -