Homeदेश-समाजकोर्ट के निर्देश की अनदेखी कर हैदराबाद और पीलीभीत में निकला मुहर्रम जुलूस

कोर्ट के निर्देश की अनदेखी कर हैदराबाद और पीलीभीत में निकला मुहर्रम जुलूस

सुप्रीम कोर्ट ने मुहर्रम जुलूस निकालने की माँग वाली याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि अगर जुलूस निकालने की इजाजत देंगे तो इससे अराजकता फैलेगी।

उत्तर प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मुहर्रम के दौरान ताजिया का जुलूस निकालने और ताजिया दफनाने की अनुमति दिए जाने की माँग वाली याचिकाओं को शनिवार (अगस्त 29, 2020) को खारिज कर दिया था। इसके बावजूद प्रदेश के पीलीभीत में लॉकडाउन का उल्लंघन कर ताजिया जुलूस निकालने का मामला सामने आया है।

इसके बाद पुलिस ने 53 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। ताजियादारों ने सड़क पर ताजिया रखकर उसे सजा रहे थे, जिसकी वजह से वहाँ पर भी़ड़ इकट्ठी की हो गई थी। जुलूस निकालने वाले लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने के साथ ही बीट सिपाही सहित कोतवालों को भी फटकार लगाई गई है। 

इसके साथ ही हैदराबाद में भी लॉकडाउन का उल्लंघन करते हुए मुहर्रम का जुलूस निकाला गया। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियाँ तो उड़ाई ही गई, साथ ही किसी ने मास्क पहनना भी उचित नहीं समझा। बताया जा रहा है कि यहाँ पर हाई कोर्ट के आदेश को ताक पर रखते हुए सैकड़ों की संख्या में लोग जुलूस में शामिल हुए।

जिस तरह से सैकड़ों की संख्या में लोगों ने इस जुलूस में हिस्सा लिया, उसके बाद से लोगों में संक्रमण फैलने का डर बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि जुलूस निकालने के दौरान पुलिस भी वहाँ पर मौजूद थी, मगर इसके बावजूद सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का बिल्कुल भी पालन नहीं किया गया।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने मुहर्रम जुलूस निकालने की माँग वाली याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि अगर जुलूस निकालने की इजाजत देंगे तो इससे अराजकता फैलेगी। कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा था, “अगर हम जुलूस निकालने की अनुमति दे देंगे तो इससे आराजकता फैलेगी और फिर एक समुदाय विशेष को कोरोना फैलाने के नाम पर लक्षित किया जाएगा, जो सुप्रीम कोर्ट नहीं चाहेगा।” अदालत ने यह भी कहा कि वह ऐसा कोई आदेश नहीं देंगे जिससे लोगों के स्वास्थ्य को खतरा हो।

इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भी आदेश जारी करते हुए कहा था कि सभी प्रकार के जुलूस एवं झाँकी पर प्रतिबंध रहेगा। गाइडलाइन में कहा गया था कि न तो सार्वजनिक स्थानों पर ताजिए रखे जाएँगे और ना ही अलम का जुलूस निकाला जाएगा। लोग ताजिया को अपने घरों में ही रखें और त्योहार मनाएँ।

उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी को देखते हुए तेलंगाना हाई कोर्ट ने मुहर्रम के दिन हैदराबाद के पुराने शहर में जुलूस निकालने के लिए इजाजत नहीं दी थी। इसके बावजूद यहाँ पर लोगों ने भारी संख्या में जुलूस निकाला।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

नदी जोड़ो मेगा प्रोजेक्ट Part II: बुंदेलखंड को केन-बेतवा रिवर लिंक परियोजना की सबसे ज्यादा जरूरत क्यों?

भारत सरकार ने राज्यसभा में कहा कि भारत के अतिमहत्वाकांक्षी नदी जोड़ो परियोजना में शीर्ष पर केन-बेतवा नदी लिंक प्रोजेक्ट है।

उमर खालिद की ‘कुर्बानी’ का जश्न मनातीं आरफा खानम, ताहिर हुसैन के लिए भी बहाए थे आँसू: अपने ‘पोस्टर बॉय’ के लिए अदालत पर...

उमर खालिद से ताहिर हुसैन तक, ‘पोस्टर बॉय’ पॉलिटिक्स कैसे काम करती है? आरफा खानम के बयान, अदालतों पर सवाल और सुनवाई में देरी के दावों की पड़ताल।
- विज्ञापन -