Homeदेश-समाज'ये दुर्घटना नहीं हत्या है': अनीस और अश्विनी का शव घर पहुँचते ही मची...

‘ये दुर्घटना नहीं हत्या है’: अनीस और अश्विनी का शव घर पहुँचते ही मची चीख-पुकार, कोर्ट ने पब संचालकों को पुलिस कस्टडी में भेजा

अनीस के चाचा चाचा अखिलेश अवधिया ने कहा कि उक्त किशोर शराब पीकर 240 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से कार चला रहा था।

मध्य प्रदेश के उमरिया स्थित बीरसिंहपुर में मंगलवार (21 मई, 2024) को तड़के सुबह 3 बजे एक एम्बुलेंस पहुँची, जिसके बाद एक परिवार में चीख-पुकार मच गई। असल में इस एम्बुलेंस में पुणे से अनीस अवधिया की लाश लाई गई थी। अनीस अवधिया पुणे में बतौर IT इंजीनियर कार्यरत थे और उन 2 मृतकों में शामिल हैं, जिन्हें पुणे के बिल्डर के बेटे ने अपनी पोर्शे कार से कुचल कर मार डाला। इस घटना में अनीस अवधिया की मित्र अश्विनी कोस्टा की भी मौत हो गई जो बाइक पर उनके पीछे बैठी थी।

अनीस के दादा आत्माराम अवधिया ने कहा कि इस घटना को अंजाम देने वाले किशोर को जमानत नहीं मिलनी चाहिए थी। उन्होंने इसे पूर्ण रूप से गलत बताते हुए कहा कि परिवार कड़ी सज़ा की माँग करता है। उन्होंने आरोपित की जमानत रद्द करने की भी माँग की। अनीस के परिवार में लोगों को एक-दूसरे को ढाँढस बँधाते और रोते हुए देखा गया। चाचा अखिलेश अवधिया ने कहा कि उक्त किशोर शराब पीकर 240 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से कार चला रहा था।

उन्होंने कहा कि ये दुर्घटना नहीं, हत्या है। उन्होंने कहा कि उक्त किशोर के पास ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं था। उधर अश्विनी कोस्टा का शव भी जबलपुर स्थित उनके आवास पर पहुँच चुका है। उनके चाचा जुगलकिशोर कोष्टा ने कहा कि परिवार व्यथित है, आरोपित को मात्र 15 घंटे में जमानत दे दी गई। उन्होंने कहा कि उस लड़के और उसके अभिभावकों की जाँच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अश्विनी के बड़े सपने थे, वो अपने माता-पिता को गर्वित करना चाहती थीं।

अश्विनी के परिवार ने कहा कि वो अंत तक न्याय की लड़ाई लड़ेंगे। अश्विनी कोस्टा के एक अन्य चाचा सचिन बोकडे ने कहा कि उस लड़की ने अभी अपने जीवन में कुछ देखा भी नहीं था, और उसे मार डाला गया। उधर इस मामले में कोर्ट ने 3 लोगों को 24 मई तक के लिए हिरासत में भेज दिया गया है। इनमें Cosie रेस्टॉरेंट के मालिक प्रह्लाद भुतडा, मैनेजर सचिन काटकर और होटल Blak के मैनेजर संदीप सांगले शामिल हैं। इन्होंने नाबालिगों को शराब परोसी थी। नाबालिग के पिता को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

INDI गठबंधन की बैठक में आई पार्टियाँ बजा रही थी अपनी ढपली अपना राग, उधर एक झटके में 21 सांसद हो गए कम: जानें...

एक तरफ दीदी दिल्ली में विपक्षी एकता की नई स्क्रिप्ट लिख रही थीं, तो दूसरी तरफ एक ही झटके में उनके 21 सांसद कम हो चुके थे।

बंगाल में CAA-विरोधी दंगों की जाँच के आदेश, UP स्टाइल में होगी वसूली: पढ़ें ममता सरकार ने इस्लामी कट्टरपंथियों को कैसे दी थी रेलवे...

बंगाल में 2019 के CAA विरोधी दंगों की जाँच फिर से होगी। सीएम शुभेंदु ने रेलवे को हुए 93 करोड़ के नुकसान और हिंसा की समीक्षा के आदेश दिए हैं।
- विज्ञापन -