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दलित लड़की को बनाया ‘आयशा’, जबरन खिलाया मांस: रोजा रखने से किया इनकार तो पीट-पीटकर किया लहूलुहान, पीड़िता बोली- 7 महीने से कर रखा था कैद

पीड़िता के अनुसार रोजा रखने से इनकार करने पर उसकी बुरी तरह पिटाई की गई। कथित तौर पर मुबारक ने उसे 7 महीने से अपने गाँव में कैद कर रखा था। पीड़िता को पुलिस ने उसके परिजनों को सौंप दिया है। वहीं मुबारक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

राजस्थान के भरतपुर से एक दलित लड़की को प्रेमजाल में फँसाकर जबरन धर्म परिवर्तन किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने मुबारक अली और उसकी अम्मी के खिलाफ 1 अप्रैल 2024 को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। जबरन मांस खिलाने, नमाज पढ़ने और रोजा रखने तथा हिंदू देवी-देवताओं की पूजा करने से रोकने का आरोप दोनों पर लगाया है।

पीड़िता के अनुसार रोजा रखने से इनकार करने पर उसकी बुरी तरह पिटाई की गई। कथित तौर पर मुबारक ने उसे 7 महीने से अपने गाँव में कैद कर रखा था। पीड़िता को पुलिस ने उसके परिजनों को सौंप दिया है। वहीं मुबारक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना भरतपुर के कामां थाना क्षेत्र की है। यहाँ के गाँव झेझपुरी के मुबारक अली पर आरोप है कि उसने नोएडा के यथार्थ अस्पताल में नर्सिंग का कोर्स कर रही 20 वर्षीया लड़की से फेसबुक के माध्यम से दोस्ती की। कुछ दिनों की बातचीत के बाद उसने पीड़िता को प्यार के जाल में फँसा लिया। लड़की से मिलने मुबारक नोएडा आया और 1 सितंबर 2023 को उसे अपने साथ ले कर राजस्थान के सीकरी थाना क्षेत्र के गाँव बेला में ले गया। यहाँ उसने लड़की को अपने बड़े भाई तालिम के घर 10 दिनों तक रखा।

बताया गया है कि बेला गाँव में ही मुबारक ने पीड़िता से निकाह किया और उसका नाम बदल कर ‘आयशा’ रख दिया। 10 दिनों बाद मुबारक पीड़िता को कामां थाना क्षेत्र के अपने गाँव झेझपुरी ले आया। यहाँ मुबारक के साथ उसका पूरा परिवार पीड़िता को आयशा नाम से बुलाने लगा। कुछ दिनों बाद आरोपित के घर वाले पीड़िता पर माँस खाने और नमाज़ पढ़ने का दबाव बनाने लगे। मना करने पर पीड़िता की बेरहमी से पिटाई की जाती। उसे हिन्दू देवी-देवताओं की पूजा करने से भी रोक दिया गया। कथित तौर पर मुबारक के गाँव के मुस्लिम सरपंच ने भी उसे रोजा रखने के लिए कहा था।

मुबारक के घर वालों पर आरोप है कि उन्होंने पीड़िता से मोबाइल फोन भी छीन लिया था। सोमवार (1 अप्रैल) को मुबारक अपना फोन चार्जिंग में लगा कर कहीं बाहर गया था। मौका मिलते ही पीड़िता ने मुबारक के ही फोन से अपने परिवार में कॉल किया और सारी व्यथा बताई। पीड़िता के घर वालों ने कामां थाने को सूचित किया तो पुलिस मुबारक के घर पहुँच गई। पुलिस मुबारक और पीड़िता दोनों को ले कर थाने आ गई। पीड़िता को उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया है। मुबारक को हिरासत में ले कर पूछताछ की जा रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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