Monday, July 15, 2024
Homeदेश-समाजनागपुर के बाद अयोध्या में भी बनाएगा RSS मुख्यालय, माँगी जमीन: मीडिया रिपोर्टों को...

नागपुर के बाद अयोध्या में भी बनाएगा RSS मुख्यालय, माँगी जमीन: मीडिया रिपोर्टों को संघ ने नकारा, कहा- पहले से ही बना हुआ है बड़ा कार्यालय

हालाँकि, RSS ने इन खबरों को सिरे से नकार दिया है और इसे फेक न्यूज़ बताया है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अयोध्या में अपना दूसरा बड़ा मुख्यालय बनाने की तैयारी कर रहा है। संघ ने इस बाबत राज्य के आवास विकास परिषद से 100 एकड़ जमीन के लिए आवेदन किया है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा था कि संघ ने ग्रीन फील्डशिप योजना (नव्य अयोध्या) में जमीन की माँग की है। अभी संघ का मुख्यालय नागपुर में है और यह एक एकड़ में फैला हुआ है। अगर संघ का आवेदन स्वीकार हो जाता है तो यह मुख्यालय, नागपुर मुख्यालय से करीब 100 गुणा ज्यादा बड़ा होगा।

हालाँकि, RSS ने इन खबरों को सिरे से नकार दिया है और इसे फेक न्यूज़ बताया है।

संघ 2025 में अपनी शताब्दी वर्ष मनाने की तैयारी कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा था कि इसी को ध्यान में रखते हुए आरएसएस अयोध्या (Ayodhya) में अपना नया भव्य मुख्यालय बनाना चाहता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस मुख्यालय में आरएसएस कार्यकर्ताओं के रहने की भी व्यवस्था होगी। इसके आलावा आरएसएस शताब्दी वर्ष में अयोध्या में बड़ा कार्यक्रम करने की तैयारी कर रहा है। हालाँकि, RSS के ताज़ा बयान की मानें तो पहले ही वहाँ एक बड़ा प्रांतीय कार्यालय बन चुका है, ऐसे में ये खबरें सही नहीं हैं।

उल्लेखनीय है कि अभी आरएसएस का मुख्यालय नागपुर (Nagpur) के रेशीमबाग में स्थित है। 27 दिसंबर, 1925 को आरएसएस की स्थापना की गई थी। वर्ष 2025 में संगठन 100 साल का हो जाएगा। दिल्ली के झंडेवालान में भी आरएसएस का बड़ा केंद्र है। यह लगभग 3 एकड़ में फैला हुआ है। संघ के कुछ अधिकारी झंडेवालान केंद्र में भी रहते हैं।

जैसा कि हमने बताया, अयोध्या के साकेतपुरी कॉलोनी में पहले ही एक विशाल प्रांतीय मुख्यालय बनकर तैयार हो चुका है। इसका नाम साकेत निलयम रखा गया है और यह एक लाख वर्ग फीट में फैला हुआ है। यह राम मंदिर से महज तीन से पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बाद से ही संघ के कार्यकर्ताओं की आवाजाही यहाँ लगातार बढ़ रही है। आने वाले दिनों में अयोध्या में संघ की गतिविधि और बढ़ने की उम्मीद है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री DK शिवकुमार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, चलती रहेगी आय से अधिक संपत्ति मामले CBI की जाँच: दौलत के 5 साल...

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को आय से अधिक संपत्ति मामले में CBI जाँच से राहत देने से मना कर दिया है।

मंगलौर के बहाने समझिए मुस्लिमों का वोटिंग पैटर्न: उत्तराखंड की जिस विधानसभा से आज तक नहीं जीता कोई हिन्दू, वहाँ के चुनाव परिणामों से...

मंगलौर में हाल के विधानसभा उपचुनावों में कॉन्ग्रेस ने भाजपा को हराया। इस चुनाव में मुस्लिम वोटिंग का पैटर्न भी एक बार फिर साफ़ हो गया।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -