Homeदेश-समाजतिलक लगाता और भगवा पहनता था मोहम्मद आसिफ, दलित लड़की को लेकर हुआ फरार:...

तिलक लगाता और भगवा पहनता था मोहम्मद आसिफ, दलित लड़की को लेकर हुआ फरार: गिरिराज सिंह ने बिहार के प्रशासन को चेताया, सड़क पर उतरे केंद्रीय मंत्री

ग्रामीणों का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के 3 बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। दलित लड़की के अगवा होने को लेकर ग्रामीणों ने इकट्ठा होकर पंचायत का आयोजन किया था।

बिहार के बेगूसराय में ‘लव जिहाद’ का मामला सामने आया है। आरोप है कि मोहम्मद आसिफ नामक युवक तिलक और भगवा गमछा डालकर रहता था। उसने शादी का झाँसा देकर दलित लड़की को अगवा किया है। मामले में केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद गिरिराज सिंह ने पुलिस प्रशासन को लड़की वापस नहीं लाने पर विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला बेगूसराय जिले के बीरपुर थाना क्षेत्र के सरौंजा गाँव का है। यहाँ रहने वाली दलित लड़की गत 5 अक्टूबर, 2023 से लापता है। परिजनों ने गाँव के ही मोहम्मद आसिफ पर उनकी बेटी को अगवा करने का आरोप लगाया है। कहा जा रहा है कि आसिफ ने साधु का भेष धारण कर लड़की को अपने प्यार के जाल में फँसाया था। इसके बाद उसे अगवा कर लिया। (कुछ रिपोर्ट में आरोपित का नाम अशरफ भी लिखा जा रहा है।)

पीड़िता के परिजनों ने मोहम्मद आसिफ के खिलाफ बीरपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। ग्रामीणों का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के 3 बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। दलित लड़की के अगवा होने को लेकर ग्रामीणों ने इकट्ठा होकर पंचायत का आयोजन किया था। इसमें केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह भी शामिल हुए।

इस दौरान गिरिराज सिंह ने कहा, “लव जिहाद की घटना बेगूसराय में रोज घट रही है। मैंने आज भी डीएम और एसपी से कहा है कि मुझे न्याय दो। यदि न्याय नहीं दिया तो कह दो कि हम बेगूसराय छोड़ दें। हम चले जाएँ किसी दूसरे देश में। किसी दूसरे राज्य में, योगी के राज में चले जाएँ।”

उन्होंने यह भी कहा, “यह लव जिहाद का मामला है। मैंने लोगों को थाने जाने से रोक दिया है, क्योंकि मैं देखता हूँ कि ये सरकार हिंदुओं को ही फँसा देती है। अगर मेरी बेटी नहीं आई तो मैं पूरे जिले में इन लोगों को घुमाकर हिंदुओं को इकट्ठा करूँगा और विरोध प्रदर्शन करूँगा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -