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बसपा के पूर्व MLC हाजी इकबाल पर यूपी पुलिस ने कसा शिकंजा, खनन माफिया की ₹21 करोड़ की संपत्ति जब्त

ईडी अब तक हाजी इकबाल की 1097 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच कर चुकी है। हाजी इकबाल के कई करीबियों और सहयोगियों को पुलिस और अन्य जाँच एजेंसियाँ पहले ही गिरफ्तार कर चुकी हैं।

बसपा के पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल उर्फ बाला की बेनामी संपत्तियों को यूपी पुलिस ने जब्त कर ली है। पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल ने अपने नौकर नसीम के नाम 50 बेनामी संपत्तियाँ करवा रखी थीं, जिनकी कीमत करीब 21 करोड़ रुपए हैं। सहारनपुर पुलिस ने ये कार्रवाई 14(1) गैंगस्टर एक्ट के तहत की है। वहीं, जिले के एसएसपी आकाश तोमर ने कहा है कि माफिया के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा। यही नहीं, पुलिस की कार्रवाई की जद में इकबाल की ग्लोकल यूनिवर्सिटी भी आ सकती है।

एसएसपी के मुताबिक, पुलिस ने बेहट क्षेत्र में हाजी इकबाल की इन बेनामी संपत्तियों को चिन्हित कर लिया था, जिनमें 600 बीघा जमीन भी शामिल है। यही नहीं, खनन माफिया हाजी इकबाल ने अपने करीबी नौकर नसीम पुत्र अब्दुल गफ्फार उर्फ गफूर निवासी मिर्जापुर को अपनी करोड़ों की बेनामी संपत्ति का मालिक बना रखा है। वह तीन शुगर मिलों का मालिक है। हाजी इकबाल ने नसीम को लखीमपुर खीरी, गोरखपुर और सीतापुर की चीनी मिलों का डायरेक्टर बनाया है। बता दें कि नसीम को गिरफ्तार कर पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।

बता दें कि बीते करीब दो साल से हाजी इकबाल और उनके सहयोगियों की अवैध रूप से कमाई गई अकूत संपत्तियों को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। हाजी इकबाल को सहारनपुर का खनन माफिया भी बताया जाता है और उसकी करोड़ों रुपए की संपत्ति पर पुलिस के साथ ही अन्य जाँच एजेंसियों की भी नजर है।

गौरतलब है कि हाजी इकबाल ने तमाम मुखौटा कंपनियाँ बनाकर उत्तर प्रदेश की बंद पड़ी चीनी मिलें खरीदी थीं। ईडी अब तक हाजी इकबाल की 1097 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच कर चुकी है। हाजी इकबाल के कई करीबियों और सहयोगियों को पुलिस और अन्य जाँच एजेंसियाँ पहले ही गिरफ्तार कर चुकी हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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