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जिस गड्ढे में लगना था आक्रांता सालार मसूद के ‘नेजा मेले’ का झंडा, वहाँ UP पुलिस ने भर दी सीमेंट: ASP श्रीश चंद्र बोले- गलत परंपरा के साथ आगे बढ़ना ठीक नहीं

पुलिस ने उस गड्ढे में सीमेंट भरवा दी, जहाँ इस मेले के लिए झंडा लगाया जाना था। यह झंडा सालार मसूद की याद में लगता है और यह मेले का केंद्र बिंदु होता है। इसे ही नेजा कहते हैं। यहीं से इसका नाम नेजा मेला पड़ा है।

संभल के नेजा मेला को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि इस्लामी आक्रांता सालार मसूद की याद में कोई मेले का आयोजन नहीं होगा। मेला आयोजन स्थल पर भारी पुलिसबल तैनात किया गया है। उसकी मजार के आसपास ड्रोन से सर्वे हो रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंगलवार (18 मार्च, 2025) को पुलिस ने उस गड्ढे में सीमेंट भरवा दी, जहाँ इस मेले के लिए झंडा लगाया जाना था। यह झंडा सालार मसूद की याद में लगता है और यह मेले का केंद्र बिंदु होता है। इसे ही नेजा कहते हैं। यहीं से इसका नाम नेजा मेला पड़ा है।

संभल में इस जगह पर पुलिसबल तैनात कर दिया गया है। मेला कमिटी के अध्यक्ष के घर के बाहर भी जवान तैनात हैं। पूरे इलाके में पुलिस ने गश्त करना चालू कर दिया है और ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है। संभल के ASP श्रीश चन्द्र दीक्षित ने स्पष्ट कर दिया है कि नेजा मेला की अनुमति इस बार नहीं दी जाएगी।

उन्होंने कहा है कि नेजा मेला एक गलत परंपरा थी और इनके साथ आगे बढना उचित नहीं है। ASP श्रीश चन्द्र से बताया है कि अनुमति ना दिए जाने के विषय में आयोजकों को सूचित कर दिया गया है। मसूद की मजार पर भी पुलिस तैनात है।

ASP ने कहा है कि जो भी व्यक्ति नेजा मेला को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलेगा उस पर भी कार्रवाई होगी। संभल के हिन्दू भी लगातार इस मेले के विरोध में हैं। हिन्दुओं ने कहा है कि किसी आक्रांता के नाम पर मेले का आयोजन ठीक नहीं है।

वहीं मुस्लिम अब कोर्ट जाने की बात भी कर रहे हैं। इससे पहले ASP श्रीश चंद्र का एक वीडियो भी वायरल हुआ था, इसमें वह आयोजकों से सालार मसूद के विषय में बात करते हुए दिखाई पड़े थे। ASP दीक्षित का एक वीडियो भी वायरल हुआ था।

इसमें ASP दीक्षित कहते हैं, “इतिहास गवाह है कि वह महमूद गजनवी का सेनापति था, उसने सोमनाथ को लूटा था, पूरा देश यह जानता था। किसी लुटेरे की याद में यहाँ कोई मेले का आयोजन नहीं होगा। अगर किसी ने यह करने का प्रयास किया तो कठोर कार्रवाई होगी निश्चिंत रहिएगा।”

ASP आगे कहते हैं, “किसी भी लुटेरे के प्रति आप कहेंगे, कि यह बहुत अच्छा है तो यह बिलकुल नहीं माना जाएगा। अगर आप लोग अभी तक कर रहे थे तो यह कुरीति थी और आप अज्ञानता में यह कर रहे थे। अगर जानबूझ कर रहे थे तो आप देशद्रोही थे।”

मुस्लिम इस बीच दावा करते रहे कि यह मेला लगातार चलता आया है। इसके बाद ASP ने स्पष्ट कर दिया कि सारे ऐतिहासिक तथ्य सालार मसूद की क्रूरता साबित करते हैं। उन्होंने मुस्लिमों से पूछा कि सोमनाथ को लूटा था या नहीं और गजनवी का सेनापति था या नहीं।

ASP ने कहा, “उसने सोमनाथ को लूटा था और इस देश के प्रति अपराध किया था। इस देश के प्रति अपराध करने वाले को कहीं बख्शा नहीं जाएगा… लुटेरे की याद में कोई नेजा (झंडा-निशान) नहीं गड़ेगा। अगर ये झंडा गड़ गया तो आप देशद्रोही हैं।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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