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टीचर रमीज़ राजा ने किया 50 से ज़्यादा बच्चों का यौन शोषण, POCSO कोर्ट ने दी आजीवन कारावास की सजा

रमीज़ राजा ने 2011-2017 के दौरान, 6 साल की अवधि में 50 से ज़्यादा बच्चों को अपना शिकार बनाया था। उसने बच्चों के 50 पोर्नोग्राफिक क्लिपिंग भी रिकॉर्ड किए थे।

जयपुर में एक प्राइवेट स्कूल के टीचर रमीज़ राजा को 50 से अधिक बच्चों के ब्लैकमेलिंग, सेक्सुअल एब्यूज और रेप के आरोप सिद्ध होने के बाद, स्पेशल पॉक्सो कोर्ट के जज ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

न्यायालय ने पीडोफाइल शिक्षक (बाल यौन अपराधी) पर ₹50,000 का जुर्माना भी लगाया है, जिसे यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम, भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत POCSO अदालत-3 के द्वारा दोषी ठहराया गया है। यह केस उन पर वर्ष 2017 से चल रहा है।

पीड़ितों में से एक के वकील असलम खान ने कहा, “राजा ने उन छात्रों को यौन शोषण का शिकार बनाया, जो ट्यूशन कक्षाओं के लिए उसके घर आते थे। उसने अपराध की वीडियो क्लिपिंग भी बनाई और ऐसा उसने बच्चों से उसके लिए पैसे लाने के लिए किया था।”

मामले का पता तब चला, जब उसने कुछ वीडियो क्लिपिंग्स को सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया और जब इसे एक पीड़ित बच्चे के पेरेंट्स ने देखा, तो आरोपित शिक्षक रमीज़ राजा पर फरवरी 2017 में FIR दर्ज़ कराई।

रमीज़ राजा को फरवरी 09, 2017 को रामगंज पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था। आरोपित ने 2011-2017 के दौरान, 6 साल की अवधि में 50 से ज़्यादा बच्चों को अपना शिकार बनाया था और उसने बच्चों के 50 पोर्नोग्राफिक क्लिपिंग भी रिकॉर्ड किए थे।  

जहाँ पर रमीज़ पढ़ाता था वह स्कूल रामगंज के चार दरवाजा में स्थित था। तमाम रैलियों और विरोध के बाद भी स्कूल प्रशासन ने रमीज़ पर कोई एक्शन लेने के बजाए उसे स्कूल से निकाल बाहर किया। हालाँकि, बाद में पुलिस ने स्कूल के मालिक सरवर आलम को सबूत छुपाने के जुर्म में गिरफ्तार किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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