Homeदेश-समाज'सशस्त्र बल मनरेगा जैसी रोजगार योजना नहीं': इन 7 कारणों से समझिए अग्निपथ योजना...

‘सशस्त्र बल मनरेगा जैसी रोजगार योजना नहीं’: इन 7 कारणों से समझिए अग्निपथ योजना के फायदे, वैज्ञानिक आनंद रंगनाथन ने बताया देश के लिए जरूरी

आनंद रंगनाथन ने बताया कि इस तरह की भर्ती प्रक्रिया को अपनाने वाला भारत कोई अपवाद नहीं है, बल्कि इस तरह की भर्ती योजनाएँ चीन, रूस, फ़्रांस और अमेरिका में भी प्रचलित हैं।

भारत सरकार की अग्निपथ योजना के खिलाफ हो रहे हिंसक विरोधों के बीच वैज्ञानिक और राजनीतिक टिप्पणीकार आनंद रंगनाथन ने अग्निपथ योजना के फायदे बताए हैं। उन्होंने गुरुवार (16 जून) को टाइम्स नाउ पर एक डिबेट के दौरान सेना भर्ती योजना अग्निपथ का समर्थन करने के 7 कारण गिनाए। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि अग्निपथ योजना को इंडियन आर्म्ड फोर्सेज के तीनों विंग का स्पष्ट समर्थन हासिल है।

उन्होंने कहा, “दशकों से सरकारों या मैं एक भी ऐसे उदाहरण के बारे में सोच सका, जब हमारे चीफ ने जानबूझकर ऐसा कोई निर्णय लिया हो, जो न केवल सशस्त्र बलों, बल्कि राष्ट्र के हित में हो। अगर वे इस योजना का समर्थन कर रहे हैं तो वे इस पर एक साथ मिलकर सभी संभावित बाधाओं को दूर करेंगे।”

पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत का हवाला देते हुए आनंद रंगनाथन ने जोर देकर कहा कि आर्म्ड फोर्सेज कोई रोजगार योजना नहीं हैं। उन्होंने कहा, “वे मनरेगा नहीं हैं। मुझे अफ़सोस है। असल में उन्हें होना चाहिए। वे सबसे ताकतवर फोर्सेज और स्थान हैं, जहाँ प्रवेश पाना कठिन है।”

आनंद रंगनाथन कहते हैं, “इसमें केवल सर्वश्रेष्ठ को चुना जाना चाहिए और एक बार जब वे सेलेक्ट हो जाते हैं, तो उन्हें नियमित रूप से टेस्ट लिया जाना चाहिए, ताकि वे बेस्ट बने रहें। अगर हमारी सेना को लगता है कि मेरिट आधारित कंपटीशन के कई दौर होने चाहिए तो हर तरह से इस नीति को लागू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।”

तीसरा आनंद रंगनाथन ने बताया कि इस तरह की भर्ती प्रक्रिया को अपनाने वाला भारत कोई अपवाद नहीं है, बल्कि इस तरह की भर्ती योजनाएँ चीन, रूस, फ़्रांस और अमेरिका में भी प्रचलित हैं।

अग्निपथ योजना के लाभ

जब भी देश पर कोई बाहरी आक्रमण होता है तो सशस्त्र बल ही होते हैं, जिनपर देश का भाग्य निर्भर करता है। आनंद रंगनाथन ने देश में युवा और फिट सेना की आवश्यकता पर जोर दिया। राजनीतिक टिप्पणीकार ने पूछा, “यूपीएससी और आईआईटी में बहु-स्तरीय चयन प्रक्रिया है। तो सेना में क्यों नहीं।”

अग्निपथ योजना की विशेषताओं का जिक्र करते हुए रंगनाथन कहते हैं, “4 साल की सेवा के बाद आपके पास मेरिट होती है औऱ इसके अंत में आप 10 लाख रुपए से अधिक जमा करते हैं। इसके बाद आपको डिफेंस फोर्सेज में शामिल होने के लिए भी मौका मिलता है।” रंगनाथन के मुताबिक, “जो लोग इस दूसरे चरण में सफल नहीं होते हैं, वे डिग्री, 10 लाख रुपए और इतनी कम उम्र में देश की सेवा करने, अनुशासन और राष्ट्रीय सेवा के मूल्यों के शानदार सर्टिफिकेट के साथ बाहर आते हैं।”

रंगनाथन ने बताया कि किस तरह से कई राज्य अब अग्निवीरों को पुलिस फोर्स, पैरा मिलिट्री फोर्स और दूसरी एजेंसियों में शामिल करने के बारे में सोच रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं 21 साल के बच्चे के सीवी को इससे बेहतर तरीके से लेने के बारे में नहीं सोच सकता।?”

अग्निपथ योजना की निंदा करने वालों के दावों की निकाली हवा

पॉलिटिकल कमेंटेटर ने छठा फायदा गिनाते हुए उन दावों और आशंकाओं को खारिज किया कि अंडरवर्ल्ड और आतंकवादी संगठन रिटायर होने के बाद अग्निवीरों को अपने संगठन में भर्ती करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा, “मुझे खेद है, लेकिन यह हास्यास्पद है। यह कहना उतना ही हास्यास्पद है कि एक बार ओलंपिक बॉक्सिंग या शॉट पुट के लिए राष्ट्रीय टीम के लिए खारिज कर दिए जाने के बाद 10 और 1000 के मुक्केबाजों और शॉट पुटरों को पत्थरबाजों और ठगों के गुट में भर्ती किया जाएगा।”

इसके साथ ही आनंद रंगनाथन ने अपने दर्शकों से आग्रह किया कि वो उन लोगों का आँख बंद अनुसरण न करें, जिनकी भारतीय प्रधानमंत्री के प्रति घृणा ने उन्हें गरीबों के लिए शौचालय का विरोध करने के लिए मजबूर कर दिया था। उन्होंने आगे कहा, “हमने देखा है कि कैसे यह सरकार बार-बार बड़ी योजनाएँ और नीतियाँ लाती है, लेकिन विपक्ष के उकसाने और सड़क पर हिंसा के कारण उसे जल्दी ही पीछे हटना पड़ता है। कृषि कानून इसका ज्वलंत उदाहरण है। कौन जानता है कि यह सरकार इस योजना को भी वापस ले सकती है, जो अफ़सोस की बात होगी।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

धर्म- संस्कृति की रक्षा, NGOs पर सख्ती: जानिए भारत के नए FCRA नियमों से कैसे लगेगी विदेशी फंडिंग से होने वाले धर्मांतरण पर लगाम

एफसीआरए नियमों में किए गए संशोधन विदेशी धन प्राप्त करने वाली संस्थाओं के लिए जवाबदेही और पारदर्शिता के नए मानक स्थापित करेंगे। इन बदलावों से विदेशी फंडिंग के स्रोतों की बेहतर निगरानी हो सकेगी।

ना NOC, ना इमरजेंसी EXIT और बेसमेंट में क्लासेस… लखनऊ कोचिंग अग्निकांड के बाद सख्त हुए CM योगी, 100+ संस्थान सील: पढ़ें- अब तक...

लखनऊ कोचिंग अग्निकांड पर CM योगी ने निर्देश दिया। UP में 100+ संस्थानों को सील किया। इनके पास फायर NOC, अवैध निर्माण जैसी खामियाँ पाई गई।
- विज्ञापन -