Homeदेश-समाजआपबीती: मुझे SFI नेता ने कहा 'भाजपा' वालों के साथ सोओ, बाद में विक्टिम...

आपबीती: मुझे SFI नेता ने कहा ‘भाजपा’ वालों के साथ सोओ, बाद में विक्टिम कार्ड खेलना, हम देख लेंगे

जब हमने फेसबुक के माध्यम से उनसे बात करने की कोशिश की और पूछा कि क्या वो इस मुद्दे पर हमसे बात करना चाहेंगी, तो उन्होंने ये कहा: "नहीं। सुनिए, हम वामपंथी ऐसे काम नहीं करते। वो व्यक्ति उचित पूछताछ के लिए भेज दिया गया है और हम इसे अपनी युनिवर्सिटी तक ही रखना चाहेंगे। ये कोई ऐसी बात नहीं है जिसे दक्षिणपंथी प्रोपेगंडा के लिए इस्तेमाल किया जा सके।"

प्रेसिडेंसी कॉलेज की प्रियंका दास ने फेसबुक पर अपना एक अनुभव शेयर किया है, जो सोशल मीडिया पर काफ़ी वायरल भी हो रहा है। प्रियंका दास के बारे में बता दें कि वो एसएफआई की सदस्य और समर्थक रही थीं। एसएफआई वामपंथी छात्र संगठन है, जो सीपीआई का ही एक भाग है। प्रियंका ने बताया कि उन्होंने एसएफआई की झूठी बातों पर भरोसा कर लिया, जो उनकी ग़लती थी। उन्होंने एक मयाबन गांगुली का नाम लिया और बताया कि उस पर कार्रवाई करवाने के लिए ही वो एसएफआई में गई थी लेकिन कुछ नहीं हुआ। प्रियंका ने आगे बताया कि मयाबन वो व्यक्ति है, जो उनके पास तब आया था जब वो फर्स्ट ईयर में थीं।

गांगुली ने प्रियंका से जो कहा, वो चौंकाने वाला था। उसने सलाह दी कि प्रियंका को भाजपा के नेताओं के साथ सोना चाहिए और बाद में विक्टिम कार्ड खेलना चाहिए। गांगुली का कहना था कि एसएफआई बाद में उसे बचाएगा और ऐसे ही भाजपा को उखाड़ फेंका जाएगा। प्रियंका ने बताया कि ये सब सुन कर उन्हें शौक लगा क्योंकि वो एक छोटे शहर से आई थीं और उन्हें लगता था कि सब कुछ अच्छा होगा।

इसके बाद मयाबन ने उन्हें डराना शुरू कर दिया। अगर वो किसी से बात कर रही होतीं तो मयाबन गांगुली आ धमकता और और उनके साथी को धक्का देकर अजीब से व्यवहार करता। वो बार-बार प्रियंका को घूरता रहता। एसएफआई वालों को पता था कि प्रियंका डरी हुई हैं, फिर भी वो कॉल कर-कर के धमकी देते थे। बाद में चुनाव आने पर उन्हें महत्व दिया जाने लगा और एसएफआई के बाकी नेताओं ने बताया कि मयाबन पर कार्रवाई की जाएगी। उनकी इन्हीं बातों को मान कर प्रियंका ने अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए हो रहे डिबेट में एसएफआई की तरफ से शिरकत की।

प्रियंका ने फेसबुक पर शेयर किया अपना दर्द

प्रियंका ने बताया कि वो लीगल एक्शन भी ले सकती थीं लेकिन उनके पास न तो उतना धन है और न ही समर्थन। उन्होंने बताया कि वो डरी हुई थीं लेकिन एसएफआई वालों ने उनका मजाक बनाना नहीं छोड़ा। प्रियंका ने अपने दर्द शेयर किया तो कई लोगों ने सोशल मीडिया पर उनका समर्थन किया। उन्होंने बताया कि फ़िलहाल उनके पास कोई पुख्ता सबूत नहीं है क्योंकि कैम्पस में ऐसे कई लोग हैं।

जब हमने फेसबुक के माध्यम से उनसे बात करने की कोशिश की और पूछा कि क्या वो इस मुद्दे पर हमसे बात करना चाहेंगी, तो उन्होंने ये कहा: “नहीं। सुनिए, हम वामपंथी ऐसे काम नहीं करते। वो व्यक्ति उचित पूछताछ के लिए भेज दिया गया है और हम इसे अपनी युनिवर्सिटी तक ही रखना चाहेंगे। ये कोई ऐसी बात नहीं है जिसे दक्षिणपंथी प्रोपेगंडा के लिए इस्तेमाल किया जा सके। इसलिए ऐसा (साक्षात्कार) मत कीजिए। जिस व्यक्ति ने ये सब किया उसे वामपंथी यूनियन ही सजा देगा। दूसरी पार्टियों से कहीं अलग, वामपंथी पार्टियाँ अपनी गलतियों को स्वीकारती है और उसे सही करती है। कृपया इस सन्देश को भी शेयर करें।”

प्रियंका दास से हुए चैट का स्क्रीनशॉट

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

Antifa के आतंक पर BBC का पर्दा: हमलावरों को बताया ‘प्रदर्शनकारी’, अमेरिकी कोर्ट ने ICE सेंटर पर हमले और पुलिसकर्मी को गोली मारने को...

अमेरिका के टेक्सास ICE सेंटर हमले और पुलिस अधिकारी पर गोलीबारी में दोषी 8 Antifa सदस्यों को BBC ने अपनी रिपोर्ट में बताया प्रदर्शनकारी।

बऊबाजार ब्लास्ट के ‘मास्टरमाइंड’ की रिहाई पर SC की रोक, कोलकाता में ‘हिंदुओं को मारना’ चाहता था राशिद खान: पढ़ें- कैसे ममता सरकार ने...

बऊबाजार विस्फोट के दोषी राशिद खान की रिहाई फिलहाल रुकी, सुप्रीम कोर्ट अब दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश की समीक्षा करेगा।
- विज्ञापन -