Friday, April 19, 2024
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आतंकी संगठनों के लिए फिदायीन तैयार करता है तबलीगी जमात, लगे प्रतिबंध: शिया वक्फ बोर्ड

"एक चरमपंथी संगठन ने भारत-विरोधी गतिविधि ऐसे समय में प्रदर्शित किया है, जब देश एकजुट होकर कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ रहा है। उन्होंने मजहबी सभा आयोजित करके सरकारी आदेश को धता बता दिया। संगठन के अंतर्राष्ट्रीय वित्त पोषण पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए और कानूनी कार्रवाई भी की जानी चाहिए।”

दिल्ली में तबलीगी जमात के इज्तिमा में सैकड़ों लोगों का जुटान हुआ। निजामुद्दीन स्थित उसके मरकज से दो हजार से ज्यादा लोग निकाले गए हैं। इनमें से कई कोरोना वायरस से संक्रमित हैं। हालत यह है कि देश में संक्रमण के जो नए मामले सामने आए हैं उनमें से दो तिहाई जमात से ही जुड़े हुए हैं। इस संगठन के खिलाफ शिया वक्फ बोर्ड ने प्रतिबंध लगाने की मॉंग की है।

यूपी के मंत्री मोहसिन रजा ने तबलीगी जमात को एक चरमपंथी संगठन बताया है। उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के प्रमुख वसीम रिजवी ने कहा है कि तबलीगी वो जमात है, जो आतंकियों के लिए सुसाइड बॉम्बर तैयार करती है। दोनों नेताओं ने देश विरोधी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के लिए ऐसे संगठनों पर प्रतिबंध लगाने की माँग की है। वसीम रिजवी ने कहा कि निजामुद्दीन मरकज के जमातियों ने अल्लाह के घर को बदनाम किया है। ये लोग मस्जिदों से क्या मौत बाँटने निकले थे। मौलाना साद के खिलाफ हत्या का मुकदमा होना चाहिए।

मोहसिन रजा ने कहा, “एक चरमपंथी संगठन ने भारत-विरोधी गतिविधि ऐसे समय में प्रदर्शित किया है, जब देश एकजुट होकर कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ रहा है। उन्होंने मजहबी सभा आयोजित करके सरकारी आदेश को धता बता दिया। संगठन के अंतर्राष्ट्रीय वित्त पोषण पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए और कानूनी कार्रवाई भी की जानी चाहिए।”

इससे पहले अपने विडियो संदेश में भी वसीम रिजवी ने तबलीगी जमात को समुदाय विशेष का एक खतरनाक समूह बताया था। उन्होंने कहा था कि तबलीगी जमात दुनिया का सबसे खतरनाक जमात है जो आतंकी संगठनों के लिए नौजवान लड़कों को गलत इस्लाम समझाकर तैयार करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जमात ने अपने यहाँ लोगों में कोरोना वायरस डेवलप कराकर हिंंदुस्तान भेजा, ताकि ज्यादा से ज्यादा मौतें हों। ये मौतों के सौदागर हैं और इंसानियत के दुश्मन हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए और पूरे हिंदुस्तान में इसको प्रतिबंधित कर देना चाहिए।

वसीम रिजवी ने कहा कि इस संगठन को दुनिया के कट्टरपंथी और आतंकी चला रहे हैं। इसका पैसा पूरी दुनिया से इसी काम के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह संगठन नौजवान लड़कों को बताता है कि काफिरों को मारना सवाब है।

इससे पहले अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य सरदार परविन्दर सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में कहा गया कि निजामुद्दीन मरकज में जिस तरह कोरोना से बचाव की मुहिम का उल्लघंन किया, वह देश के लिए बड़ा खतरा बन गया है। इस नाते जमात पर प्रतिबंध लगाया जाए। केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने भी कहा था कि निजामुद्दीन में तबलीगी जमात के मुख्यालय मरकज में एक धार्मिक आयोजन में शामिल लोगों के जमावड़े की घटना किसी तालिबानी अपराध से कम नहीं है और अधिकारियों को इससे सख्ती से निपटना चाहिए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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