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पटियाला हिंसा में शिवसेना नेता हरीश सिंगला गिरफ्तार, पार्टी ने भी निकाला: राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने मान सरकार से 7 दिनों में माँगी रिपोर्ट

पटियाला के श्री काली देवी मंदिर के पास दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घटना के जाँच के आदेश दिए हैं। वहीं, इस मामले में उन्होंने मुख्य सचिव, डीजीपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की।

पंजाब के पटियाला (Patiala, Ounjab) में हुई हिंसा के बाद हालात को देखते हुए शनिवार (30 अप्रैल 2022) की सुबह तक के लिए राज्य कर्फ्यू लगा दिया गया है। इस मामले में भगवंत माऩ सरकार (CM Bhagwant Mann) से कार्रवाई का निर्देश मिलने के बाद पुलिस ने शिवसेना (बाल ठाकरे) के नेता हरीश सिंगला को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है।

पटियाला के श्री काली देवी मंदिर के पास दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घटना के जाँच के आदेश दिए हैं। वहीं, इस मामले में उन्होंने मुख्य सचिव अनिरुद्ध तिवारी, डीजीपी वीके भावरा व अन्य सीनियर अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की थी।

वहीं, इस मामले का अल्पसंख्यक आयोग ने भी संज्ञान लिया है। इस संबंध में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने पंजाब के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। आयोग की संयुक्त सचिव ए. धनलक्ष्मी ने पत्र में कहा है कि पंजाब सरकार इस संबंध में 7 दिनों के अंदर विस्तृत रिपोर्ट आयोग को सौंपे।

पटियाला हिंसा मामले में शिवसेना (बाल ठाकरे) ने अपने नेता हरीश सिंगला को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल बताते हुए उन्हें बर्खास्त कर दिया है। पंजाब में शिवसेना प्रमुख योगराज शर्मा की तरफ से जारी किए गए प्रेस नोट में इस संबंध में जानकारी दी गई है और उनके कार्यों से पार्टी ने दूरी बना ली है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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