Homeदेश-समाजदुकानदार तौसीफ हुसैन ने मजदूर को ज़िंदा जलाया: पेट्रोल डाल कर लगा दी आग,...

दुकानदार तौसीफ हुसैन ने मजदूर को ज़िंदा जलाया: पेट्रोल डाल कर लगा दी आग, 4 साल से उसके पास कर रहा था काम

पेट्रोल से जलाए जाने के बाद कर्मचारी को स्थानीय अस्पताल में ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया है कि इस मामले में केस दर्ज कर के आगे की जाँच शुरू कर दी गई है।

कर्नाटक के मंगलुरु में एक दुकानदार द्वारा मामूली सी बात पर अपने एक कर्मचारी की हत्या करने का मामला सामने आया है। दुकान मालिक तौसीफ हुसैन ने अपने ही कर्मचारी गजयान उर्फ़ जग्गू के ऊपर पेट्रोल डाल कर उससे ज़िंदा जला डाला। गजयान पिछले 4 वर्षों से उसकी दुकान में काम कर रहा था। ये घटना मूलिहितलू इलाके में शनिवार (8 जुलाई, 2023) को हुई है। बाद में दुकानदार इसे करंट लगने से हुआ हादसा बताने लगा, ताकि किसी को उस पर शक न हो।

32 वर्षीय तौसीफ हुसैन को कर्नाटक पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पहले तो वो बहाने बनाता रहा कि ये घटना इलेक्ट्रोक्युशन से हुई है। लेकिन, सख्ती से पूछताछ में उसने सब उगल दिया। सिटी पुलिस कमिश्नर कुलदीप कुमार आर जैन ने बताया कि आसपास के लोगों से पूछताछ के दौरान जो सूचनाएँ पता चलीं, उनके आधार पर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि गजयान से उसकी मामूली झड़प हुई थी, जिसके बाद उसने इस वारदात को अंजाम दिया।

पेट्रोल से जलाए जाने के बाद कर्मचारी को स्थानीय अस्पताल में ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया है कि इस मामले में केस दर्ज कर के आगे की जाँच शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि हमेशा की तरह जब कर्मचारी काम पर गया तो सुबह के 7:30 बजे मालिक के साथ उसकी किसी बात पर झड़प हो गई। हत्या के बाद तौसीफ हुसैन ने पुलिस को गुमराह करने के लिए सारे तिकड़म आजमाए, लेकिन वो नाकाम रहा।

वेनलॉक अस्पताल में पीड़ित को मृत घोषित किया गया। इस मामले में धारा-302 (हत्या) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। मोहम्मद तौसीफ ग्रॉसरी की दुकान चलाता है। मंगलुरु साउथ की पुलिस इस घटना की जाँच कर रही है। बता दें कि कर्नाटक के बेलगावी में जैन मुनि की हत्या कर उनके शव के टुकड़े-टुकड़े किए जाने की घटना के बाद से ही राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। जैन मुनि हत्याकांड में 2 लोग गिरफ्तार हुए हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

खंजर से चीरी कोख, निर्वस्त्र की गई बहन… सब भूल जाओ, जिया की चाँद बाली पर लिखो नज्म: पढ़िए Arfa Khanum को क्यों भायी...

इम्तियाज अली की फिल्म में जिया और कीनू की प्रेम कहानी विभाजन की असली वीभत्सता को सूफियाना रोमांस के पीछे छिपाने की शातिर कोशिश है।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर विपक्ष का प्रोपेगेंडा फेल, श्रद्धालुओं की आस्था अटूट: आँकड़े बता रहे हैं कि अयोध्या में रामलला के दर्शन पर...

सबसे बड़ा सवाल यही है कि मंदिर निर्माण के 5 साल बाद सपा को मंदिर-प्रबंधन की पारदर्शिता की याद क्यों नहीं आई? यह 'चिंता' अचानक तभी क्यों जागी जब 2027 का विधानसभा चुनाव सिर पर है?
- विज्ञापन -