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प्राचीन शिव मंदिर में अराजक तत्वों ने की शनि देव की मूर्ति खंडित, ग्रामीणों में आक्रोश

ग्रामीणों को जब इसकी सूचना मिली तो वे आक्रोशित हो उठे। पुलिस ने मौके पर पहुॅंच उनका गुस्सा शांत करवाया और कार्रवाई का आश्वासन दिया। मामले की जॉंच के लिए पुलिस टीम गठित कर दी गई है।

उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर के वैरा फिरोजपुर गाँव में शनिवार (अक्टूबर 2, 2019) की देर रात प्राचीन शिव मंदिर में स्थापित शनि देव की मूर्ति खंडित कर दी गई। सूचना मिलने के बाद रविवार (नवबंर 3, 2019) की सुबह ग्रामीणों में आक्रोश पनप गया और उन्होंने जमकर हंगामा किया।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार वैरा फिरोजपुर गाँव स्थित प्राथमिक विद्यालय में एक प्राचीन शिव मंदिर है। रविवार की सुबह रमेश नामक एक ग्रामीण सफाई करने गया तो उसे पीपल के वृक्ष के नीचे लगी शनिदेव की मूर्ति खंडित मिली। खंडित मूर्ति के बारे में सूचना मिलते ही भारी तादाद में ग्रामीण मंदिर परिसर में पहुँचे और उन्होंने वहाँ पर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद मौक़े पर पहुँचे एसडीएस सुभाष सिंह, सीओ मनीष यादव व कोतवाली प्रभारी नरेंद्र कुमार शर्मा से गाँव वालों ने कार्रवाई की माँग की।

ग्रामीणों का आक्रोश शांत करवाने के लिए अधिकारियों ने आरोपितों पर कठोर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। लेकिन अभी तक घटना को अंजाम देने वाले शख्स के बारे में कुछ पता नहीं चल पाया है। खंडित मूर्ति को एसडीएम, सीओ, कोतवाली प्रभारी व रमेश की उपस्थिति में गंगा में प्रवाहित करवा दिया गया और टीम गठित करके पुलिस द्वारा मामले की जाँच भी की जा रही है।

एसडीएम का इस मामले पर कहना है कि पीपल के वृक्ष के नीचे स्थापित एक-डेढ़ फीट ऊँची शनिदेव की प्रतिमा को किसी शराबी ने खंडित कर दिया। गाँव वालों ने उन्हें बताया कि परिसर में अक्सर लोग शराब पीने आते हैं और खुराफात करते हैं। इसलिए अब इनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मामले की जाँच चल रही है।

गौरतलब है कि अभी कुछ दिन पहले भी उत्तरप्रदेश के बिजनौर जनपद के कूकड़ा इस्लामपुर में कुछ शरारती तत्वों द्वारा शिव मंदिर में घुसकर मूर्तियाँ तोड़ने की खबर सामने आई थी। उस समय भी मामले की सूचना मिलने पर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो गया था। जाँच में पता चला था कि शरारती तत्वों ने पहले मंदिर में घुसकर शिवलिंग, माता पार्वती, भगवान गणेश, कार्तिकेय, नंदी, समेत समस्त शिव परिवार की मूर्तियों को खंडित किया। बाद में भगवान शिव का त्रिशूल भी उखाड़ कर फेंक दिया और फिर फरार हो गए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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