Sunday, June 16, 2024
Homeदेश-समाजकेंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी चार धाम महामार्ग परियोजना को सुप्रीम कोर्ट ने दी हरी...

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी चार धाम महामार्ग परियोजना को सुप्रीम कोर्ट ने दी हरी झंडी

सामरिक, पर्यटन और धार्मिक दृष्टिकोण से चारधाम महामार्ग परियोजना बेहद महत्वपूर्ण है। इस परियोजना के पूरा होते ही किसी भी मौसम में बद्रीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री की यात्रा आसान हो जाएगी

धार्मिक दृष्टिकोण से देश के बेहद अहम चारधाम महामार्ग परियोजना को सर्वोच्च न्यायालय ने हरी झंडी दिखा दी है। सर्वोच्च न्यायालय के इस फ़ैसले के बाद अब चारधाम सड़क परियोजना को आसानी से पूरा किया जा सकेगा। इससे पहले एनजीटी (NGT: National Green Tribunal) के फ़ैसले के बाद कोर्ट ने चार धामों को जोड़ने वाली महामार्ग परियोजना पर रोक लगा दी थी।

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तब उत्तराखंड सरकार और केंद्र सरकार से भी जवाब तलब किया था। सरकार के इस ड्रीम प्रोज़ेक्ट को रोकने के लिए “सीटिजन फॉर ग्रीन दून” नाम की एक एनजीओ ने कोर्ट में याचिका दायर किया था। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सरकार से जवाब तलब किया था। शुक्रवार (जनवरी 11, 2019) को इस मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सरकार के महामार्ग परियोजना प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखा दी है।

जानकारी के लिए बता दें कि चारधाम को जोड़ने वाली यह महामार्ग परियोजना देश के पहाड़ी राज्यों के दुर्गम हिस्सों से होकर गुजरती है। पर्यावरण के हितों की अनदेखी को रोकने के लिए एनजीटी ने सरकार को कुछ सुझाव देने के बाद योजना को हरी झंडी दिखा दी थी। एनजीटी ने इसके साथ ही उत्तराखंड हाई कोर्ट के पूर्व जज यूसी ध्यानी के नेतृत्व में इस परियोजना की देख-रेख के लिए एक कमिटी का गठन भी कर दिया था। इसके आलावा एनजीटी ने इस महामार्ग पर पेट्रोल की 10 साल से ज्यादा पुरानी व डीज़ल की 15 साल से ज्यादा पुरानी गाड़ियों की आवाजाही पर रोक लगाने का भी निर्देश दिया था।

एनजीटी के इस फ़ैसले के बाद “सीटिजन फॉर ग्रीन दून” नाम के एनजीओ ने परियोजना के ख़िलाफ़ कोर्ट में काम को रोकने के लिए याचिका दायर की थी।

यह सड़क परियोजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है। इस परियोजना के लिए सरकार की तरफ़ से करीब 12 हजार करोड़ रुपए की बजट आवंटित की गई है। चार राज्यों को जोड़ने वाली इस परियोजना में लगभग 880 किलोमीटर से ज्यादा सड़क का चौड़ीकरण होना है।

सामरिक, पर्यटन और धार्मिक दृष्टिकोण से चारधाम महामार्ग परियोजना बेहद महत्वपूर्ण है। इस परियोजना के पूरा होते ही किसी भी मौसम में बद्रीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री की यात्रा आसान हो जाएगी।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भारतीय इंजीनियरों का ‘चमत्कार’, 8वाँ अजूबा, एफिल टॉवर से भी ऊँचा… जिस रियासी में हुआ आतंकी हमला वहीं दुनिया देखेगी भारत की ताकत, जल्द...

ये पुल 15,000 करोड़ रुपए की लागत से बना है। इसमें 30,000 मीट्रिक टन स्टील का इस्तेमाल हुआ है। ये 260 किलोमीटर/घंटे की हवा की रफ़्तार और -40 डिग्री सेल्सियस का तापमान झेल सकता है।

J&K में योग दिवस मनाएँगे PM मोदी, अमरनाथ यात्रा भी होगी शुरू… उच्च-स्तरीय बैठक में अमित शाह का निर्देश – पूरी क्षमता लगाएँ, आतंकियों...

2023 में 4.28 लाख से भी अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा अमरनाथ का दर्शन किया था। इस बार ये आँकड़ा 5 लाख होने की उम्मीद है। स्पेशल कार्ड और बीमा कवर दिया जाएगा।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -