Homeदेश-समाजउन्नाव कांड: SC ने CBI को दिया 2 हफ्ते का अतिरिक्त समय, योगी सरकार...

उन्नाव कांड: SC ने CBI को दिया 2 हफ्ते का अतिरिक्त समय, योगी सरकार से घायल वकील को ₹5 लाख देने का निर्देश

इस हादसे को लेकर पीड़िता का एक बयान सामने आया है। जिसमें पीड़िता ने अपने रिश्तेदार को बताया कि 28 जुलाई को जब वह कार से रायबरेली जा रहे थे, तो NH-21 पर उसने सामने से एक ट्रक को आते देखा। जिसके बाद.....

उन्नाव रेप केस पीड़िता के साथ हुए सड़क हादसे की जाँच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई (CBI) को दो हफ्ते का अतिरिक्त समय दिया है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को इस प्रकरण में 14 दिन में जाँच का आदेश दिया था। सीबीआई ने इसके बाद जाँच को गति देते हुए शीर्ष अदालत में अपनी स्टेटस रिपोर्ट सौंप दी थी। 

सीबीआई ने उन्नाव दुष्कर्म मामले की पीड़िता और उसके वकील के बयान दर्ज किए जाने की बात कहते हुए जाँच पूरी करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से चार सप्ताह का समय माँगा। सीबीआई ने अदालत को बताया कि पीड़िता के वकील की हालत गंभीर बनी हुई है। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को दो हफ्ता का समय देने के साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार को दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल वकील को चिकित्सा खर्च के लिए 5 लाख रुपए का अंतरिम मुआवजा देने का भी निर्देश दिया।

बता दें कि, इस हादसे को लेकर पीड़िता का एक बयान सामने आया है। जिसमें पीड़िता ने अपने रिश्तेदार को बताया कि 28 जुलाई को जब वह कार से रायबरेली जा रहे थे, तो NH-21 पर उसने सामने से एक ट्रक को आते देखा। जिसके बाद कार चला रहे पीड़िता के वकील ने उसे हर संभव कोशिश करके जाने का रास्ता दिया, लेकिन शायद ट्रक के निशाने पर वो कार थी, जिसमें पीड़िता अपनी दो रिश्तेदारों और अपने वकील के साथ बैठी थी।

पीड़िता ने बताया कि उन्होंने ट्रक को सामने से आते देखा और जब कुछ असामान्य सा लगा तो अलार्म भी बजाया और कार चला रहे वकील ने कार को रिवर्स गियर में डालकर ट्रक के रास्ते से बचने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सके, क्योंकि ट्रक बिल्कुल उन्हीं की तरफ मुड़ गया और फिर यह हादसा हो गया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘यहाँ मस्जिद थी, है और रहेगी’: संभल दंगे की न्यायिक जाँच आयोग रिपोर्ट में सपा सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का जिक्र 100+ बार, 199 साक्षियों...

संभल दंगों की न्यायिक जाँच आयोग की रिपोर्ट में सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का 100 बार से भी अधिक बार जिक्र। वो भी सबूतों के साथ।

100 नाराज़ ≠ 100 वोट: भारतीय राजनीति में सिर्फ़ ‘नाराज़गी’ का फ़ैक्टर कभी निर्णायक क्यों नहीं रहा

SC/ST Act, आरक्षण, Caste census, सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की राजनीति जैसे मुद्दे निश्चित रूप से सवर्णों में असंतोष पैदा कर सकते हैं। इन प्रश्नों को खारिज करना भी राजनीतिक मूर्खता होगी।
- विज्ञापन -